पूर्व राष्ट्रपति स्व.श्री भैरोंसिंह जी द्वारा “विरासत रक्षा” का काव्य वर्णन

राजस्थान में स्थित ऐतिहासिक किले, राजमहल, हवेलियाँ राजस्थान की ही नहीं भारत सहित पुरे विश्व की धरोहर है| इस धरोहर व राजस्थान की इस ऐतिहासिक विरासत को बचाए रखने में स्व.भैरोंसिंह जी द्वारा अपने मुख्यमंत्री काल में इन्हें हेरिटेज का दर्जा देना बहुत सहायक सिद्ध हुआ| स्व.भैरोंसिंह जी के प्रयासों से ही आज राजस्थान की […]

पूर्व उपराष्ट्रपति स्व.श्री भैरोंसिंह जी के आपातकाल कारावास का काव्य वर्णन

इंदिरा गांधी द्वारा देश में लगाये आपातकाल के दौरान शेर-ए-राजस्थान पूर्व राष्ट्रपति स्व. भैरोंसिंह जी को भी कारावास जाना पड़ा| उनके कारावास का राजस्थानी भाषा के मूर्धन्य साहित्यकार श्री सौभाग्य सिंह जी ने राजस्थानी काव्य में इस तरह वर्णन किया- आफत कांठल ऊमड़ी, आंधी संग घणघोर | हाथ रात सूझी नयी, कुहलाया जन मोर ||१ […]

स्वतंत्रता समर के योद्धा : महाराज बलवंत सिंह ,गोठड़ा

स्वतंत्रता प्रयासी योद्धाओं में हाडौती क्षेत्र के महाराज बलवंत सिंह हाड़ा गोठड़ा का अविस्मर्णीय योगदान रहा है | राजस्थान के हाडौती भू -भाग के दो राज्य कोटा और बूंदी ब्रिटिश प्रभाव की वारुणी का पान कर अभय स्वापन हो चुके थे | अंग्रेज सत्ता का स्वागत कर दोनों राज्य प्रसन्न थे | किन्तु उसी समय […]

स्वतंत्रता समर के योद्धा : श्याम सिंह, चौहटन

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में जूझने वाले राजस्थानी योद्धाओं में ठाकुर श्याम सिंह राठौड़ का बलिदान विस्मृत नहीं किया जा सकता | 1857 के देशव्यापी अंग्रेज सत्ता विरोधी सशस्त्र संघर्ष के पूर्व राजस्थान में ऐसे अनेक स्वातन्त्र्यचेता सपूत हो चुके है जिन्होंने ब्रिटिश सत्ता के वरदहस्त को विषैला वरदान समझा था | शेखावाटी , बिदावाटी, हाडौती […]

स्वतंत्रता समर के योद्धा : महाराज पृथ्वी सिंह कोटा

स्वदेश की स्वंत्रता के लिए आत्मोसर्ग करने में महाराज पृथ्वी सिंह हाडा का भी उर्जस्वी स्थान है | पृथ्वी सिंह कोटा के महाराव उम्मेद सिंह का लघु पुत्र और महाराव किशोर सिंह द्वितीय का लघु भ्राता था | ब्रिटिश सरकार की दृष्टि में समस्त भारतवर्ष पर अपना आधिपत्य स्थापित करने में अब पंजाब और राजस्थान […]

Thakur Mangal Singh, Khoor ठाकुर मंगल सिंह जी ,खुड

Thakur Mangal Singh, Khoor ठाकुर मंगल सिंह जी ,खुड

ठाकुर उदय सिंह जी के स्वर्गवास पर उनके एक मात्र पुत्र मंगल सिंह खुड जागीर के अधिपति बने| Thakur Mangal Singh ठाकुर मंगल सिंह जी का जन्म सन १९१२ में हुआ था और उनकी शिक्षा अजमेर के मेयो कालेज में हुई | ठाकुर मंगल सिंह जी राजस्थान में अपने प्रकार के अपने युग के एक […]

1 3 4 5