राजस्थान री गणगौर

राजस्थान री गणगौर

राजस्थानी भाषा के मूर्धन्य साहित्यकार श्री सौभाग्यसिंह जी शेखावत की कलम से………….. भारत री जनपद संस्क्रति त्यूंवारां रै ओळी-दोळी घूमर घालती लखावै। अै त्यूंहार किणी पुराण कथा प्रसंग, इतिहास नायक, अवतार रै जनम, ब्याव-उछाव अर लोकदेवता रै अलौकिक चमत्कारी परचां नै जनता रै खातर जूझणियां री याद नै याद राखण तांई सईकां सूं मनाया जाता […]

मांडळ रौ बंधौ

मांडळ रौ बंधौ

श्री सौभाग्य सिंह जी शेखावत की कलम से……. Story of Mandalgarh Dem in Rajasthani Bhasha राजा लोग आपरा कवरां भंवर नै राजकाज रौ व्यवहार, रीत-क्यावर, रौ सांप्रतेक ग्यान करावण तांई बारी-बारी सूं उणा नै राज रा महकमां रौ काम संूपिया करता। इण सूं उणां नै काम-काज री लकब, मिनख री परख, काम-काज रौ तरीकौ आप […]

राणाजी नै राजकुंवार

राणाजी नै राजकुंवार

श्री सौभाग्य सिंह जी की कलम से…….. Story fo Maharaja Fateh Singh and Maharaja Bhopal Singh, Udaipur in Rajasthani Bhasha राजस्थान में मेवाड़ रा सीसोदिया राजवंस कुळ गौरव अर उण रै सुतंतरता री रक्षा रै खातर घणौ ऊंचौ, आदरजोग अर पूजनीक मानीजै। राजस्थान रा बीजा रजवाड़ां में मेवाड़ वाळा सदा अपणी मान मरोड़, कुरब कायदा […]

किसनगढ़ धणी नै महादाजी पटेल

श्री सौभाग्य सिंह जी की कलम से…………. Story of Kishangarh Maharaj Bahadur Singh and Mahadaji Patel किसनगढ़ रा राजाजी महाराजा बादरसिंघजी बिना माथै तरवार बावै जैड़ा मिनख हा। उणा रै समै में किसनगढ़ घणौ चावौ नै ऊघड़तौ ओपतौ रजवाड़ौ गिणीजियौ। दोय सौ दस गांवां रा किसनगढ़ रा राज नै बादरसिंघजी घणौ बधायौ। आंणा-टांणा में, रीत-बैवार […]

गुमेज गाथा बिजा देवड़ा री

ठाकुर सौभाग्य सिंह जी शेखावत की कलम से……… आडाबळा रा उर में आबाद आबूजी री छायां में बसियोड़ौ सिरोही सहर जिण माथै प्रक्रतीदेवी री घणी महर। बनस्पतियां री बणी जांणै इन्दर राजा रा तंबू री इज तणियोड़ी तणी। बीजी ठौड़ा नीं चढ़ै जोड़ इणी। अैड़ी सिरोही री धरा माथै देवड़ा रौ राज। देवड़ा चुहाणां री […]

रामदान रै कुंवरडै री सगाई

रामदान रै कुंवरडै री सगाई

दूसरों के बनते काम बिगाड़ने वालों की हरकतों का सजीव चित्रण करता राजस्थानी भाषा में लिखा यह लेख (Rajasthani Story) राजस्थानी भाषा के प्रख्यात साहित्यकार श्री सौभाग्यसिंह जी की कलम से लिखा गया है………… हेमराज दिनूगै री बखत आप रै खेड़ा में टीबड़ी माथै बैठौ बैठौ बाळू रेत सूं लौटौ मांज रैयौ हो, जितरै में […]

नबाब रहीम खानखाना के रोचक किस्से

नबाब रहीम खानखाना के  रोचक किस्से

राजस्थानी भाषा के मूर्धन्य साहित्यकार श्री सौभाग्यसिंह जी शेखावत की कलम से नबाब रहीम खानखाना के कई रोचक किस्से (Nabab Rahim Khankhana Ke Rochak Kisse) राजस्थानी भाषा में……… पारस रौ पूतळौ नबाब रहीम खानखानौ पारस रौ पूतळौ नै सोना रौ पौरसौ इज हौ। लोक कथावां में सोना रां पौरसा रौ घणौ बरणन मिळै। पण उण […]

दोय साढू

दोय साढू

श्री सौभाग्य सिंह जी की कलम से……. नबाब रहीम खानखानौ (Navab Rahim Khankhana) आवभगत अर दातारगी में हिन्दुस्तानी मुसलमानां, बादसाहां, अमीर उमरावां में सिरै हुवौ। मुगलां री तवारीखां में उणरै जोड़ रौ दातार खोज्या भी नीं लाधै। बात री बात में एक-एक लाख रिपिया देवणियौ बीजौ विरळौ इज मिळै। कवियां, चारणां, भाटां, पिंडतां रौ खानखानौ […]

सेर नै लखमण

सेर नै लखमण

सेवापुरा रा हिंगळाजदान (HInglajdan klaviya) कविया साखा रा चारण कवि हा। महाकवि सूरजमल मीसण बूंदी वाळा रै पछै पाछला सईका में राजस्थान में हिंगळाजदान रा जोड़ रौ कवि नीं हुवौ। राज सम्मान में कविराजा सांवळदास धधवाड़िया उदैपुर अर महामहोपाध्याय मुरारदान आसिया रौ घणौ आघमान हौ पण पिंडताई अर कविता में हिंगळाजदान री बणावट, उकतां अर […]

वडौ कुण ?

वडौ कुण ?

राजस्थानी भाषा के साहित्यकार, इतिहासकार श्री सौभाग्यसिंह जी शेखावत की कलम से…. सलूम्बर (Salumber) मेवाड़ (Mewar) रौ सैंठौ ठिकाणौ गिणीजै नै मेवाड़ री थाप उथाप में आगीवांण भणीजै। सलूम्बर रा सांम चूंडावत (Chundawat) बाजै। चूंडौ राणा लाखा रौ टीकायत बेटौ। वीरता में वांकौ सूरता में सैंठौ। रावत चूंडा री जवाय रौ सलूम्बर पाट थांन। रजवाड़ां […]

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