गीदड़ और उसका लाइसेंस

जंगल में एक गीदडों का जोड़ा रहता था, नर गीदड़ बहुत ही लापरवाह, आलसी, कामचोर व डींगे हांकने वाला था पुरे दिन इधर उधर दोस्तों के साथ आवारा घूमता रहता पर शिकार के लिए कभी मेहनत नहीं करता, बेचारी मादा गीदड़ ही पुरे परिवार का पेट भरने लायक शिकार का इंतजाम करती| नर गीदड़ जब […]

जब कवि ने शौर्य दिखाया

जोधपुर के महाराजा मानसिंह का कव्यानुराग, विद्याप्रेम, कलाप्रियता, दानशीलता, गुणग्राहकता, गुरुभक्ति, स्वतान्त्र्यप्रेम के साथ शासक के तौर पर कठोर दंड व्यवस्था में निर्दयी दंडात्मक विधियाँ लोकमानस में आज भी जनश्रुतियों के रूप में काफी लोकप्रिय व प्रचलित है| उनके आचरण के दोनों रूप – पहला प्रतिकारी हिसंक रूप और दूसरा प्रशंसा और आभार प्रदर्शन का […]

निबटने (शौच जाने) का खर्च खाता

निबटने (शौच जाने) का खर्च खाता

रामगढ़ शेखावाटी कस्बे के पास एक गांव के पनघट पर पानी भरने आई औरतों में एक औरत का दुखी मुरझाया चेहरा देख दूसरी औरतें उससे कारण पूछ रही थी| हालाँकि वह औरत अपना दर्द उनसे बांटना नहीं चाह रही थी फिर भी गांव की एक औरत का चेहरा मुरझाया हो तो दूसरी औरतों को चैन […]

खुदाय बावळी : कहानी

बहुत पुरानी बात है एक नगर में एक मुल्ला जी रहते थे और उसी नगर के दुसरे मोहल्ले में एक सिपाही अल्लेदाद रहता था| दोनों ही बेरोजगार थे कमाई का कोई साधन नहीं, दोनों के ही घर में घोर गरीबी| एक दिन मुल्लाजी कमाई करने अपने नगर से दुसरे नगर के लिए निकले उधर अल्लेदाद […]