काश कोई …….

काश कोई …….

उलझे केशों सी जिंदगी मेरी ,कोई अपनी उंगलियों से कंघी कर दे,फिर देखो लहराऊं मैं कैसे …….सुखी झाड़ी की जड़ों सी मैं कोई इनमे कुछ अपने आंसू रो ले ,फिर देखो खिल आऊं मैं कैसे …….रीती गागर सी पड़ी मैं ,कोई मेघ एक बरस जायेफिर देखो छलक आऊं मैं कैसे ………..बैठी जिन्दगी के किनारे मैं […]

क्यूँ यह दुनियां ?

क्यूँ  यह दुनियां ?

सभी ब्लॉग पाठको को मेरा नमस्कार|यह मेरी ब्लॉग जगत में पहली पोस्ट है , ब्लॉग जगत मै ही क्या मैंने अपने जीवन में पहली बार कुछ लिखा है , जो मै आप सब लोगों के साथ बांटना चाहती हूँ …|प्रस्तुत है आप सब लोगों के समक्ष मेरी कविता – ” क्यूँ यह दुनियां?” क्यूँ यह […]

गरीब की रात

गरीब की रात

सड़क किनारे झोपड़ी गरीब की …गहन अँधेरा रात का ……. पर उसे तो है रात भर जागना…..आज रात को जागना है उसे ….दाई से खबर सुनने को …..आधी रात यूं बोली दाई …… गरीब तेरे घर लक्ष्मी आई , आधी रात बाद जगा बेटी की ख़ुशी में … आज दिन भर उसे काम नहीं मिला […]

बेटियां

बेटियां

बदनाम ज़माने की शराफत है बेटियां ………सोचो तो हर सवाल का जवाब है बेटियां ………. गरम आंच पर जैसे सिकती है रोटियां……….उस तरह इस दुनिया में रहती है बेटियां …….. बेटा घर का चिराग है तो ज्योति है बेटियां ……पिता की आँखों का पानी है बेटियां ……माँ के कलेजे का टुकड़ा है बेटियां …… घर […]

छोटी सी उमर

छोटी सी उमर

सिक्को की खनखनाहट सी हँसी मेरी ………….. कंधो पर झूलती दो चोटियों सी मस्ती मेरी ……. तार पर गीली चुनर सुखा दी हो किसी ने ,,उस में से गुजर कर आने वाली ठंडी हवा सी खुशबू मेरी ……ओस की बूंदों ने जमावड़ा लगाया हो जैसे पंखुड़ियों पर वैसी बातें मेरी नृत्य करती मोरनी सी चंचलता […]

ख्वाहिश

ख्वाहिश

ख्वाहिशसितारे तोड़ना या चाँद छूना नहीं चाहती……. बस सितारों को निहारने की खवाहिश है …. पंख फेला कर आसमाँ समेटना कौन नहीं चाहता …….पर मेरी आसमाँ में सिमट जाने की ख्वाहिश है …… इमारतों का गुबंद बनने का होंसला है ………पर अब नीव का पत्थर बनने की ख्वाहिश है ……पता है दुनिया की भीड़ से […]

इंकलाब री आंधी राजस्थानी कवि रेवतदान की एक शानदार रचना

आज किताबें पलटते हुए मनीष सिंघवी की लिखी पुस्तक “धरती धोरां री”हाथ लगी पन्ने पलटने पर इस पुस्तक मे एक से बढकर एक राजस्थानी कविताएं पढने को मिली | इन्ही कविताओं में एक कविता ‘इन्कलाब री आंधी ‘ जो राजस्थान के मूर्धन्य कवि रेवतदान द्वारा लिखी गयी पढ़ी |इस कविता में कवि ने जन आन्दोलनों […]

तुम्हारी हत्या पर भी रख लेंगे 2 मिनट का मौन

(अभागे भारतीय की फरियाद पर सिक-यू-लायर(Sick you Liar, बीमार मानसिकता वाले झुट्ठे) नेता द्वारा सांत्वना भरे कुटिल उपदेश की तरह पढ़ें)—————————————————–अच्छा!!! वो दुश्मन है? बम फोड़ता है? गोली मारता है?मगर सुन – दोस्ती में – इतना तो सहना ही पड़ता हैतय है – जरुर खोलेंगे एक और खिड़की – उसकी ख़ातिरमगर – हम नाराज़ हैं […]

चाँद फिर निकला

ये चाँद आज फिर निकला है यु सज धज केमुहबत का जिक्र हो शायद हाथो की लकीरों मे याद दिलाता है मुझे एक अनजान राही कीयाद दिलाता है उन मुहबत भरी बातो की टूट कर चाहा इक रात दिल ने एक बेगाने कोकबूल कर लिया था उसकी रस भरी बातो को वोह पास हो कर […]

चेतावनी रा चुंग्ट्या : कवि की कविता की ताकत

चेतावनी रा चुंग्ट्या : कवि की कविता की ताकत

chetawani ra chutiya : 1903 मे लार्ड कर्जन द्वारा आयोजित दिल्ली दरबार मे सभी राजाओ के साथ हिन्दू कुल सूर्य मेवाड़ के महाराणा का जाना राजस्थान के जागीरदार क्रान्तिकारियो को अच्छा नही लग रहा था इसलिय उन्हे रोकने के लिये शेखावाटी के मलसीसर के ठाकुर भूर सिह ने ठाकुर करण सिह जोबनेर व राव गोपाल […]