कट्टरवाद : यत्र तत्र सर्वत्र

कट्टरवाद : यत्र तत्र सर्वत्र

सदियों से संसार में अनेक वाद चलते आये है, समय समय पर पुराने वाद को पछाड़ते हुए नए वादों का प्रादुर्भाव होता आया है ये वाद राजनीति, धर्म, भक्ति सहित सभी सामाजिक क्रियाकलापों में बनते बिगड़ते रहे है| वर्तमान में भी हमारे देश सहित दुनियां में कई वाद मौजूद है जैसे- पूंजीवाद, समाजवाद, गांधीवाद, दक्षिणपंथ […]