कहानी एक राजपूतानी की....
7:35 pm
गर्मियों का मौसम था बाड़मेर संभाग में रेत के टीले गर्मी से गर्म होकर अंगारों की तरह दहक रहे थे| लूएँ ऐसे चल रही थी कि बा…
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7:35 pm
गर्मियों का मौसम था बाड़मेर संभाग में रेत के टीले गर्मी से गर्म होकर अंगारों की तरह दहक रहे थे| लूएँ ऐसे चल रही थी कि बा…
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6:21 am
अक्सर लोग चारण कवियों पर आरोप लगा देते है कि वे राजपूत वीरों की अपनी रचनाओं में झूंठी वीरता का बखाण करते थे पर ऐसा नहीं…
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9:12 pm
सिंध के नबाब के दो बेटियां थी| मुमना और बूबना| मुमना सीधी सादी और गृह कार्य में उलझी रहे| बूबना तेज व चंचल, रूप के साथ …
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7:00 am
भाग एक से आगे............. होळी के रंगीले त्यौहार पर राजा ने होळी खेलने का अपने बगीचे में कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमे…
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7:00 am
एक राजा के दो बेटे थे| बड़ा सींगल भोला भाला तो, छोटा दींगल बहुत कुशल और होशियार| राजा की मृत्यु के बाद बड़ा बेटा सींगल रा…
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7:30 am
एक नगर में चार भाई रहते थे| चारों ही अक्ल से अक्लमंद थे| चारों ही भाई अक्ल के मामले में एक से बढ़कर एक | उनकी अक्ल के च…
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9:00 am
भाग तीन से आगे ....... इस तरह तीन प्रहर कटने और तीन बार चौबोली के मुंह से बोल बुलवाने में राजा विक्रमादित्य सफल रहे और…
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9:00 am
भाग दो से आगे...... अब राजा चौबोली के महल की खिड़की से बोला-"दो घडी रात तो कट गयी अब तूं ही कोई बात कह ताकि तीसरा …
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9:00 am
भाग एक से आगे ................. अब राजा ने चौबोली के कक्ष में रखे पानी के मटके को बतलाया-" हे मटके! एक प्रहर तो प…
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6:30 am
एक दिन राजा विक्रमादित्य और उसकी एक रानी के साथ थोड़ी बहस हो गयी रानी कहने लगी-" मैं रूठ गयी तो आपको मेरे जैसी रूपव…
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9:00 am
एक ठाकुर और एक नाई के बेटे में बड़ी मित्रता थी| नाई का बेटा बड़ा कुब्दी (कुटिल) व ठाकुर का बेटा बड़ा भोला था| ठाकुर और ठकु…
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8:50 pm
एक राजा को एक रात सपना आया कि- उसके सोने के थाल में सोने के कटोरे में परोसी खीर में कौवे ने चौंच मार दी| दूसरे दिन सुबह…
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6:30 am
लादड्या में रहणों है तो जै ठाकुर जी की कैणी पड्सी = दबंग की ही चलेगी| संदर्भ कहानी:- लादड्या नामक गांव में एक ताऊ रहता …
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9:46 am
कवि अपनी दो पंक्तियों में भी वह सब कह देता है जितना एक गद्यकार अपने पुरे एक गद्य में नहीं कह पाता,राजा महाराजाओं के राज…
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8:40 pm
बहुत पुरानी बात है एक नगर में एक मुल्ला जी रहते थे और उसी नगर के दुसरे मोहल्ले में एक सिपाही अल्लेदाद रहता था| दोनों ही…
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6:20 am
भाग-१ से आगे... जय-विजय घोड़ियों की चोरी से हुई कमाई से दोनों मौज कर रहे थे| एक दिन खींवा की पत्नी दोनों को प्याला देते…