स्त्री हूँ
12:58 am
क्षणों के कांटे सी हूँ मैं हर क्षण धुरी पर परिक्रमा मेरी वक़्त बदल देती हैं मेरी परिक्रमा क्षण घंटे दिन बदल…
pagdandi
12:58 am
क्षणों के कांटे सी हूँ मैं हर क्षण धुरी पर परिक्रमा मेरी वक़्त बदल देती हैं मेरी परिक्रमा क्षण घंटे दिन बदल…
Gyan Darpan
6:30 am
धोळी-धोळी चांदनी, ठंडी -ठंडी रात । सेजां बैठी गोरड़ी,कर री मन री बात ।। बाट जोवतां -जोवतां, मैं कागां रोज उडाऊं …
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7:20 am
रिश्तों को न थामों तुम मुट्ठी में रेत की तरह ... सरक जायेंगे वो भी वक़्त की तरह .. महसूस करो तुम उनको हर एक साँस …
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6:30 am
मोहब्बत में चिराग जलाने की क्यों बातें करते हो ... विज्ञान का जमाना है.. बिजली जला लो न .. प्रदुषण फैलता है .…
pagdandi
4:08 pm
माँ ओ माँ ............श्श्श्श माँ ... ओ माँ .. मैं बोल रही हूँ .........सुन पा रही हो ना मुझे ... आह सुन लिया तुमने म…
Gyan Darpan
5:55 pm
रामा-रामा कैसा ये गजब हो गया, आजकल का रंग -ढंग कैसा अजब हो गया| जो वस्त्र होता था नीचा वो ऊँचा , और जो होना था ऊँचा व…
Gyan Darpan
4:44 pm
"गेट्स-बी" का हेयर जैल, और "जिलेट" का हो शेव जैल "फा" का हो आफ्टर शेव और "रे -बैन&qu…
pagdandi
10:51 pm
कुछ जरुरी काम हैं , बहुत जरुरी काम हैं ना जाने कितने समारोह छोड़ दिए थे मैंने यही कह कहकर कि काम है बहनों की शादी हो य…
pagdandi
10:14 pm
मैंने देखा है तुमको मेरे सीने पे उभरे माँस को ताकते हुए तब जब मै घूँघट मे थी, और आँचल लिपटा था दामन पे घूँघट हटा मैने द…
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9:46 am
कवि अपनी दो पंक्तियों में भी वह सब कह देता है जितना एक गद्यकार अपने पुरे एक गद्य में नहीं कह पाता,राजा महाराजाओं के राज…
pagdandi
11:43 pm
उस स्टेशन पर तुम बदहवास सी दौड़ रही थी गाड़ी तो आई नहीं थी ,पर तुम घबरा रही थी कुछ इसे ही पलो मे टकराई थी तुम मुझ से फि…
pagdandi
12:26 am
बचपन से देखा है माँ को घर के कामों में पीसता हुआ सुबह से शाम वो बिना किसी मजदूरी के मजदूरों सा काम करती थी फिर भी खुश ह…
pagdandi
12:14 am
मैं बड़ा बेटा घर का धीरज ,छोटा भाई हे मेरा नीरज नाम उसका नीरज हे पर सब उसे होनहार कहते हे मुझे सब नालायक ,जो किसी लायक …
pagdandi
1:29 am
मेरी एक नन्ही सी नादानी की इतनी बड़ी सजा ? डग भरना सिख रही थी, भटक कर रख दिया था वो कदम बचपन के आँगन से बाहर ... जवान…
pagdandi
12:51 am
आज बड़े अरसे बाद वक़्त मिला है मुझे खुद को निहारने का , हाँ बड़े अरसे बाद , क्योकि आज दोपहर में ही बेटा बहु ,बेटी जंवाई…
pagdandi
12:14 am
नहीं भाता किसी को पतझड़ का आना पर मैं चाहूँ की वो एक बार पलट के आये बच गए जो गम वो भी झड़ जाये अपने आँगन में जमा कर लो अ…
Gyan Darpan
11:43 pm
कहीं सफर में जो गिर पड़े तो, याद आएगी तुम्हे हमारी कभी जो आंशु निकल पड़े तो, याद आएगी तुम्हे हमारी कभी दूर हम निकल पड़े तो…
Gyan Darpan
6:14 pm
जग में आ के जाना हमने जग वालो का भेद निराला अरे जग में आ के जाना हमने जग वालो का भेद निराला ऊपर से है चेहरा गोरा अंदर स…
pagdandi
1:47 pm
माफ कर दे मुझे में तेरे इश्क में शामिल न हो सका . मै ही अदना रह गया मुझे वो हक़ हासिल न हो सका . उतना प्यासा ना था मै…
pagdandi
12:11 am
आज जाना है की तड़प क्या होती हैं , किसी से बिछड़ने की कसक क्या होती हैं जितना करीब जाना था उसके वो उतना परे खिंच जाता है…