Sc/St कानून शायद देशहित में मोदी जी की है ये कूटनीति

Sc/St कानून शायद देशहित में मोदी जी की है ये कूटनीति

कल दिनभर व देर रात तक Sc/St कानून के खिलाफ फेसबुक पर बोर्ड खटखटाने के बाद सोया ही था कि मोदी जी सपने में आ गए| आते ही उन्होंने मेरे फेसबुक पोस्ट के ढेर सारे प्रिंट सामने रखते हुए हड़काने लगे कि अपने आपको बड़ा समझदार समझता है और दिनभर फेसबुक पर राष्ट्र के खिलाफ अंगुलियाँ घिसता है| मुझे तुम्हारी समझदारी पर शर्म आती है जो तुम्हें आनी चाहिए थी| यह देश इसीलिए पीछे रहा है क्योंकि तुम जैसे स्वयंभू समझदारों की इस देश में काफी तादात है, जो अपने ज्ञान को ही सर्वोपरि समझते है, मेरे जैसे देश के लिए सम्पूर्ण रूप से समर्पित दूरदर्शी व्यक्ति की बात व कूटनीति भी नहीं समझते| हमने भी हिम्मत जुटाकर अपने ज्ञानवर्धन के लिए पूछ ही डाला कि –

हे पार्थ ! फिर बता दीजिये सुप्रीमकोर्ट द्वारा नकारे गए इस Sc/St कानून को आपने क्यों बहाल किया, बहाल ही नहीं किया बल्कि मजबूत भी बना दिया, इसके पीछे कौनसी कूटनीति है ? हमारे प्रश्न का उनके पास त्वरित उत्तर मौजूद था, आखिर वे महामना है, हर सवाल का जबाब उनकी झोली में होता है जिसे निकालकर जुबान पर लाने में भी इतनी तीव्रता होती है जितनी तीव्रता से सुपर कंप्यूटर डाटा प्रोसेस करता है| वे बताने लगे-

मूर्ख स्वयंभू समझदार ! कल मेरी हत्या की साजिस रचने वाले उन पांच शहरी नक्सलियों पर सुप्रीमकोर्ट का व्यवहार देखा| देश के प्रधानमंत्री की हत्या के षड्यंत्र रचने जैसे जघन्य अपराध के आरोपियों को घर में नजरबन्द करवा दिया| अब सोचो आम आदमी की हत्या के षड्यंत्र पर क्या निर्णय होगा ? हो सकता है आम आदमी को सुप्रीमकोर्ट यह कहकर अन्दर कर दे कि ऐसे बुद्धिजीवियों पर आरोप लगाकर तूने जघन्य अपराध किया है|

हमने पूछा- इस मामले में Sc/St कानून का सम्बन्ध ? वे बताने लगे- इसलिए तो हमने तुम्हें मूर्ख कहा| किसी बात में क्या कूटनीति है, क्या दूरदर्शिता है ये समझना तुम्हारे बस की बात भी नहीं, होती तुम भी हम से आगे थे, भारत से बड़े किसी देश का प्रधानमंत्री बन सकते थे, पर दिनभर फ़ालतू फेसबुक पर समय बेकार करते हो और मैं चाय की थड़ी से देश के सिंहासन पर पहुँच गया| आगे बताने लगे- “मुझे पता था कि इस देश में सेकुलर गैंग पुराने बने कानूनों का हवाला देकर आतंकियों, नक्सलियों को हर बार की तरह बचा लेगी| अत: उन्हें कड़ी सजा देने के लिए हमने Sc/St कानून को कड़ा कर दिया|”  मैंने फिर रट्टा मारा- सर इसका Sc/St कानून से क्या सम्बन्ध ?

वे बोले- “मूर्ख लोग कूटनीति नहीं समझ सकते| अब अगली बार किसी शहरी नक्सली को अन्दर करना होगा तब उस पर हमारे किसी पार्टी भक्त दलित से Sc/St कानून के तहत मुकदमा ठुकवा देंगे| याद है तुम्हारे बाड़मेर के पत्रकार वाला मामला| बिना बिहार गए, बिना मुकदमा दर्ज कराने वाले से कभी मिल, सीधे रातोंरात बिहार की जेल में पहुँच गया| जब हम विरोधियों यानी शहरी नस्क्लियों को इस तरह ठिकाने लगायेंगे तब विपक्षियों की जुबान भी बंद हो जाएगी| फिर हम देखेंगे दलितहित का ढोंग करने वाली सेकुलर गैंग सुप्रीमकोर्ट में दलित से जुड़े मामले में कैसी दलीलें देंगे|”

मुझे मोदी जी की दूरदर्शिता व कूटनीति समझ आ चुकी थी| एक तरफ कई दिनों से Sc/St कानून के खिलाफ लिखने का पछतावा हो रहा था| दूसरी तरफ मोदी जी की दूरदर्शिता व कूटनीति पर मंत्रमुग्ध हो रहा था, तभी मेरा खून पीकर अपनी क्षुधा शांत करने को लालायित मच्छर ने काट खाया और मेरी नींद खुल गई| तब से उलझन में हूँ कि सपने में मोदी जी ने जो कहा वो वाकई देशहित था या फिर मुझे बनाने के लिए सपने में मोदीजी फिर कोई जुमला छोड़ गए|

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