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Thursday, October 6, 2022

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राजस्थान की शाही हेरिटेज शराब

राजस्थान के बड़े बड़े किलों,हवेलियों,देश के मर मिटने वालें हठीले वीरों,रंगों,त्योहारों,मीठी भाषा व अलग सांस्कृतिक पहचान को कौन नहीं जनता| पर राजस्थान की शाही हेरिटेज शराब के बारे में शायद कम ही लोग जानते है | राजस्थान के पूर्व राजाओं ,जागीरदारओं व राजपरिवार के लोगों के पीने के लिए अलग-अलग तरीकों से सूखे मेवों,फलों व जड़ी बूटियों से अलग-अलग मौसम को ध्यान में रखकर शराब बनाई जाती थी जिसे विभिन्न शाही समारोहों में मौसम व मिजाज के हिसाब से परोसा जाता था| विभिन्न राजघरानों में विभिन्न विधियों से इस शाही शराब का निर्माण किया जाता था | राजघरानों द्वारा इस शराब बनाने की विधि को गोपनीय भी रखा जाता था पर अब राजस्थान में कई राजघराने खुद इस शाही शराब का उत्पादन कर बाजार में बेचते है तो कुछ राजघरानों से यथा जोधपुर,बीकानेर,कानोता,मेवाड़ आदि के शाही शराब बनाने की विधि लेकर राजस्थान की गंगानगर शुगर मिल विभिन्न विधियों द्वारा शाही शराब का उत्पादन कर शराब प्रेमियों के लिए ये शाही शराब बाजार में उपलब्ध कराती है | आईये आज चर्चा करते है गंगानगर सुगर मिल्स द्वारा उत्पादित इस शाही शराब के विभिन्न प्रीमियम ब्रांड्स पर –

रोयल चंद्रहास –
रोयल चंद्रहास नामक शाही शराब का निर्माण सन 1863 में जयपुर के अधीन कानोता ठिकाने के शासक जोरावर सिंह जी ने शुरू कराया था इस शराब को बनाने के लिए 80 हर्बल जड़ी बूटियों जिनमे सफ़ेद मूसली,जायफल,आंवले की छल,चन्दन व विभिन्न सूखे मेवों का इस्तेमाल किया जाता है | सर्दियों में सेवन करने वाली यह शाही शराब एक तरह की आयुर्वेदिक दवा के समान है इसे पानी,सोडा व बर्फ के टुकड़ों के साथ मिलकर पिया जा सकता है यह शाही शराब शारीरिक कमजोरी भी दूर कर व्यक्ति को स्वस्थ व बलिष्ठ बनाती है |

रोयल जगमोहन
रोयल जगमोहन नाम के ब्रांड से बनने वाली शाही शराब कभी जोधपुर राजपरिवार के सदस्यों के सेवन के लिए प्राचीन विधि से बनाई जाती थी जिसकी प्राचीन विधि जोधपुर के महाराजा द्वारा गंगानगर शुगर मिल्स को उपलब्ध कराने के बाद गंगानगर शुगर मिल्स इस शाही शराब रोयल जगमोहन का उत्पादन कर विपणन करती है| कभी शाही मेहमानों व राजपरिवार के सदस्यों द्वारा सेवन की जाने वाली यह शाही शराब अब आम आदमी के लिए बाजार उपलब्ध है |
इसके निर्माण में भी विभिन्न हर्बल जड़ी बूटियों के अलावा मौसमी फल,मुरब्बे,दूध,घी,मिश्री आदि को उपयोग में लाया जाता है | इसके सेवन करने का सबसे बढ़िया मौसम सर्दियों का होता है पर इसे बर्फ के साथ गर्मियों में भी सेवन कर सकते है | आयुर्वेदिक दवा की तरह महत्त्व रखने वाली इस शाही शराब की थोड़ी सी मात्रा खाना खाने के बाद नियमित लेनी चाहिए |

रोयल केसर कस्तूरी
रोयल केसर कस्तूरी नामक शाही शराब भी कभी राजा-महाराजाओं के सेवन के लिए विभिन्न हर्बल बूटियों के साथ केसर,सूखे मेवे,विभिन्न पौधों की जड़ें,दूध,देशी घी,जावित्री,गोखरू व मिश्री का उपयोग कर बनाई जाती थी इसका सेवन करने का मौसम भी सबसे बढ़िया सर्दी का मौसम ही होता है | यह शाही शराब भी किसी स्वास्थ्यवर्धक आयुर्वेदिक दवा से कम नहीं है | केसर से बनी इस शाही शराब को बर्फ के साथ गर्मियों में भी पिया जा सकता है पर इसके सेवन का सही मौसम सर्दी ही है |

रोयल माव्लिन
रोयल माव्लिन शाही शराब के निर्माण में भी ३८ हर्बल जड़ी बूटियों का उपयोग किया जाता है जिनमे अगर,आंवला,मजीठ,सूखे मेवे आदि प्रमुख है | इस शाही शराब को बनानी की प्राचीन विधि सोढ़ावास के जागीरदार ठाकुर बिसन सिंह जी को उनके पिता जोधपुर के महाराजा उम्मेद सिंह जी द्वारा जागीर के साथ मिली थी | सोढ़ावास जोधपुर ९० किलोमीटर दूर जोधपुर-उदयपुर राजमार्ग पर स्थित है |
इस शाही शराब को बनाने की प्राचीन विधि ठाकुर विक्रमादित्य सिंह जी द्वारा गंगानगर शुगर मिल्स को उपलब्ध कराने के बाद यह शाही शराब भी बाजार में आप आदमी के लिए उपलब्ध है जिसे गर्मियों में बर्फ के साथ व सर्दियों में गुनगुने पानी के साथ मिलकर पीने का मजा लिया जा सकता है | सर्दियों में तो खांसी,कफ के मरीज को इसे थोड़ी मात्रा में गर्म पानी के साथ सेवन कराने से लाभ मिलता है |

रोयल सोंफ
रोयल सोंफ हेरिटेज शाही शराब का निर्माण शेखावाटी के झुंझुनू जिले के महणसर ठिकाने के ठाकुर करणी सिंह जी ने १८ वीं सदी में विभिन्न आसव व फलों का उपयोग करते हुए अपने कुलगुरु के दिशानिर्देश में शुरू किया था |जिसका उपयोग बीकानेर,कश्मीर,नेपाल आदि के महाराजा करते थे ठाकुर करणी सिंह जी ने सोंफ इलायची,गुलाब,पान,पुदीना,सेव,मौसमी,अंगूर,मतिरा (तरबूज) आदि के उपयोग से शाही निर्माण की विभिन्न विधियाँ इजाद की |
महणसर के ठाकुर जय सिंह जी की पुत्र वधु श्रीमती मधु कँवर द्वारा इन विधियों को गंगानगर शुगर मिल्स को देने के बाद गंगानगर शुगर मिल्स इन विधियों से यह शाही शराब बनाकर उसका व्यापारिक विपणन करती है |
इस शाही शराब को भी जो दवा का महत्त्व रखती है का किसी भी मौसम में उपयोग किया जा सकता है |

रोयल इलायची
रोयल इलायची शाही हेरिटेज शराब जयपुर राज्य के अधीन श्योपुरा ठिकाना में प्राचीन विधि से बनाई जाती थी श्योपुर ठिकाना शिवसिंहपूरा के नाम से भी जाना जाता है जिसकी स्थापना दो सदी पूर्व ठाकुर शिवसिंह जी ने की थी |
यह शाही शराब भी केसर की पत्तियों,इलायची,मिश्री व विभिन्न जड़ी बूटियां मिश्रित कर बनाई जाती है इस शाही शराब में किसी भी तरह के रासायनिक पदार्थ व रंग आदि का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता| इसे वर्ष भर सेवन किया जा सकता है गर्मियों में इसका सेवन बर्फ के टुकड़ों के साथ थोड़ी थोड़ी मात्रा में खाना खाने के पहले करना चाहिए |
रोयल इलायची शाही शराब पाचन क्रिया को सही व शरीर व दिमाग को ठंडा रखती है साथ ही मांसपेशियों में दर्द व सूजन सम्बन्धी रोगों को रोकती है |

रोयल एप्पल ओरेंज
रोयल एप्पल ओरेंज शाही हेरिटेज शराब भी शेखावाटी के ठिकाने महणसर में इजाद की गयी थी यह भी गर्मियों में सेवन करने वाला ब्रांड है इस शाही शराब को बनाने की प्राचीन विधि भी गंगानगर शुगर मिल को श्रीमती मधु कँवर महणसर ने उपलब्ध करायी जिसके बाद गंगानगर शुगर मिल्स इसका व्यवसायिक उत्पादन कर आम शराब के शौकीनों के लिए उपलब्ध करा रही है | इस शाही शराब ने भी सेव,संतरों के अलावा विभिन्न आसव मिलाये जाते है यह भी पाचन शक्ति दुरुस्त करती है केलिस्ट्रोल घटाती है और संक्रमण की रोकथाम में लाभ पहुंचाती है |

रोयल रोज
रोयल रोज हेरिटेज शाही शराब की विधि शेखावाटी के बदनगढ ठिकाने में इजाद की गयी थी | यह गुलाब के फूलों की ताजा पंखुड़ियों,अखरोट की गिरी व खजूर के साथ अन्य हर्बल जड़ी बूटियों के उपयोग से बनाई जाती है हेरिटेज शराब का यह शाही ब्रांड भी गर्मियों में इस्तेमाल के लिए बखूबी इस्तेमाल किया जा सकता है | इसे बनाते समय लकड़ी के बर्तनों में इसका पकाव कर तांबे के बर्तनों में इसका निर्माण किया जाता है | यह शाही शराब भी पाचन शक्ति में लाभ पहुंचाती है |

शाही शराब के उपरोक्त प्रीमियर ब्रांडों के अलावा शेखावाटी के झुंझुनू जिले के महणसर ठिकाने की महाराणी महणसर , महाराजा महणसर,रोयल महणसर आदि ब्रांडों के नाम से केसर,इलायची,पान,सोंफ,गुलाब आदि फ्लेवर के ढेरों शाही ब्रांड बाजार में उपलब्ध है ,यही नहीं राजस्थान पर्यटन निगम भी शाही रेल ‘पेलेस ऑन व्हील्स’ में सवारी करने वाले पर्यटकों का शाही स्वागत करते समय उन्हें यही शाही हेरिटेज शराब परोसती है |

जानकारी व फोटो का स्रोत व संदर्भ यहाँ हैउपरोक्त सभी ब्रांड्स राजस्थान के बड़े शहरों के चुनिन्दा अंग्रेजी शराब विक्रेताओं के पास उपलब्ध रहती है आपका जब भी राजस्थान घुमने का कार्यक्रम बने और आप शराब के शौक़ीन है तो इन रोयल हेरिटेज प्रीमियम ब्रांड्स का मजा अवश्य लें |

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जिदगी एक सफ़र है सुहाना, यहाँ कल क्या हो किसने जाना |

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19 COMMENTS

  1. भाई रतनसिंग जी फ़ोटु दिखाणे से काम नहीं चलेगा।
    अगर इसका स्वाद लिया जाए तो कुछ बात बने,
    कुरियर से आ जाएगी क्या?
    :):):)

    राम राम

  2. अरे हम तो कल से बेठे थे कि भाई एक दि बुंद हमे भी मिलेगी, लेकिन आप ने तो फ़ोटू से ही काम करवा दिया, वेसे अच्छा होता आप इन का मुल्य भी लिख देते, इस अति सुंदर जनकारी के लिये आप का धन्यवाद

  3. ललित जी
    @ कोरियर सूं तो आ कोनी भेजी जा सकै पण अबकी जोधपुर या जयपुर जाणे का काम पड्या तो ल्या यर राखुन्गा जब तक थै ताऊ की तरयियाँ "बातां की ब्यालू करो "
    बातां की ब्यालू (बातों ही बातों में डिनर) |

    @ नरेश जी
    ऐ पिण्डत जी ही तो पीण लाग्ग्य जद ही तो आ महंगी हुगी

  4. बहुत ही बढिया जानकारी है भाया, पण अब तो पिण खातिर जी चाल लाग्यो, म्हारै अठ कुवैत मैं मिल कोनी के करां जी !

  5. रतनजी क्या आपको पता है, महनसर की शराब के बारे मे, अगर पता नही है तो एक बार पीकर जरुर देखना !

  6. सीताराम जी
    मै शराब का शौकिन तो नही हूं पर महारानी महणसर के गुलाब,पान,सोंफ़,ईलायची आदि ब्रांड का स्वाद मैनें भी चखा है वाकयी अनुभव बढिया रहा |
    दिल्ली मे जिन मित्रों को मैनें रोयल केसर व महणसर वाली पिलाई वे आज भी उसे याद् करते नही थकते |

  7. मध्य प्रदेश के आदिवासी धार झाबुआ जिले में महुआ को हैरिटेज शराब का मिला है दर्जा

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