जाड़ो (ठंडा मौसम)

जाड़ो (ठंडा मौसम)

ठरगा भायला जाड़ा म
सूरज बड़गो खाडा म

पिसा लागै दवायां का
और दशमूल का काड़ा में
ठरगा भायला जाड़ा म

दुबला को बैरी है यो
क्यूँ कोण कर ठाडा म
ठरगा भायला जाड़ा म

टीबा पर चाले आथूणी
म्हे बच रिया हाँ आडा म
ठरगा भायला जाडा म

कई जिनावर बिल म बडग्या
कई छापलरया ढाँढाँ म
ठरगा भायला जाडा म

बावरिया रोही म कुरलावै
लुहार सीसाव गाडा म
ठरगा भायला जाडा म

लेखक : गजेन्द्र सिंह शेखावत

4 Responses to "जाड़ो (ठंडा मौसम)"

  1. gajendra singh   January 11, 2014 at 8:35 am

    सुंदर अति सुंदर गजेंद्र जी की रचना

    Reply
  2. Atulyya   January 12, 2014 at 12:54 pm

    सटीक शब्दचित्र बनाया है… सर्दी के मौसम का… बहुत सुन्दर…

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  3. dr.mahendrag   January 13, 2014 at 12:56 pm

    saachhi saachhii baat kah dini shekhawatji

    Reply
  4. प्रवीण पाण्डेय   January 17, 2014 at 12:31 pm

    कड़कड़ाती ठंड कहती पंक्तियाँ

    Reply

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