वाह री ! मोबाइल पोर्टिबिलिटी

वाह री ! मोबाइल पोर्टिबिलिटी

मेरे पास एयरटेल मोबाइल का पोस्ट पेड कनेक्शन है जिसके प्लान के तहत 299.00रु.मासिक किराये पर 750 मिनट लोकल कॉल फ्री होती है कॉल रेट 0.30 मोबाइल से मोबाइल,0.50 मोबाइल से लैंडलाइन,0.75 एसटीडी,रोमिंग 1.00 इनकमिंग और 1.50 आउटगोइंग थी| चूँकि मेरी लोकल कॉल जितनी फ्री में मिलती थी उतनी इस्तेमाल नहीं हो पाती थी अत: बाकी समय मेरे लिए बेकार जाता था जबकि एसटीडी के इस्तेमाल पर उसका बिल और बढ़ जाता था साथ ही मेरे फोन में GPRS की सुविधा भी नहीं थी, जो मांगने पर बताया गया कि 198 रु.में आपको 2 जीबी मिलेगा, जबकि यही 2 जीबी दूसरे सेवा प्रदाता सिर्फ 98 रूपये में देते है|

मैंने एयरटेल से कई बार अनुरोध किया कि मुझे फ्री मिलने वाला समय एसटीडी में समायोजित किया जाय और 98 रूपये में GPRS की सुविधा प्रदान की जाय बेशक आप इतने रुपयों में मुझे मात्र एक जीबी का ही इस्तेमाल करने की छूट दे दीजिए क्योंकि मेरा फोन पर GPRS का इस्तेमाल कभी कभार ही होता है| मेरे कई बार अनुरोध करने के बाद भी कभी एयरटेल ने मेरी नहीं सुनी अत: यह सोचकर कि इनसे अनुरोध करना भैंस के आगे बीन बजाने जैसा है,इनसे सौदेबाजी करनी है तो मोबाइल पोर्टिबिलिटी सुविधा का प्रयोग किया जाय| क्योंकि पहले जब मैंने एयरटेल का ब्रॉडबैंड कनेक्शन हटवाया था तब न हटाने के लिए एयरटेल ने जो सौदेबाजी की उसका मुझे अनुभव था|

जैसे ही मैंने मोबाइल पोर्टिबिलिटी के लिए दूसरे मोबाइल सेवा प्रदाता के यहाँ आवेदन किया, एयरटेल वालों ने मुझे रोकने के लिए सौदेबाजी शुरू कर दी, कई फोन आये और उन्होंने घुमा फिराकर मुझे बेवकूफ बना बरगलाने की कोशिश की ताकि मुझे एयरटेल के साथ रखा जा सके, घुमाफिराकर,फायदे के सब्जबाग दिखाकर रोकने वालों को मैंने साफ कह दिया कि भाई हम भी “ताऊ मेनेजमेंट यूनिवर्सिटी” के पास आउट है इसलिए हमें बनाने की कोशिश न की जाय जो हमें चाहिए वो दे दिया जाए तो हमें एयरटेल से कोई दिक्कत नहीं, और वे नहीं दे सकते तो हम तो दूसरे सेवा प्रदाता के यहाँ जा ही रहे है जहाँ हमें वह सब मिल रहा जो हमें चाहिए| आखिर बात उनके समझ आ गयी कि ये “ताऊ यूनिवर्सिटी” का डिप्लोमा होल्डर आसानी से फंसने वाला नहीं है|

शायद यह बात समझ एयरटेल से एक चौथे भाईसाहब का फोन आया और उन्होंने जो हम 299+98=397 रूपये में जो मांग रहे थे उससे भी आगे बढ़कर हमें जो वे दे सकते थे बताना शुरू किया कि – 397 रु. के बदले 249+98=347 रूपये में 600 मिनट का समय चाहे आप लोकल कॉल या एसटीडी जिसमे चाहे इस्तेमाल करें,STD रेट 0.75 रु.की जगह 0.50 रु.,रोमिंग जो 1.00 व 1.50 रु.थी वह 0.60 व 0.80 रु. लगेगी और साथ में 1 GB GPRS और यही नहीं हमारे द्वारा उनकी बात मानने की खुशी में दो महीने तक मोबाइल किराया एकदम फ्री |

देखा मोबाइल उपभोक्ताओं को कितना बढ़िया औजार थमाया गया है “मोबाइल पोर्टिबिलिटी”| जब बड़ी विनम्रता से मैं उनसे जो सुविधाएँ मांग रहा था तब एयरटेल के कानों पर जूँ तक नहीं रेंगी पर इस हथियार का इस्तेमाल करते ही जो मैं विन्रमता से मांग रहा था उससे भी ज्यादा और वो भी कम दामों में एयरटेल ने मुझे मुहैया करवा दी| इससे साफ जाहिर है कि घी कभी सीधी अंगुली से नहीं निकलता और मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से सौदेबाजी के लिए ट्राई ने अंगुली टेढ़ी करने के लिए एक शानदार हथियार “Mobile Number Portability” उपभोक्ताओं को थमा दिया|

यदि आपको भी अपने मोबाइल सेवा प्रदाता से अपना फोन का बिल कम करना है तो इस शानदार हथियार “Mobile Number Portability” का प्रयोग करें|

मोबाइल उपभोक्ताओं को “Mobile Number Portability” नामक हथियार उपलब्ध कराने के लिए ट्राई तेरा बहुत बहुत आभार! वो भी हार्दिक वाला!

सभी चित्र गूगल खोज परिणामों से|

15 Responses to "वाह री ! मोबाइल पोर्टिबिलिटी"

  1. प्रवीण पाण्डेय   November 6, 2011 at 2:27 pm

    बस यही एक तरीका है इन्हें ठीक रखने का।

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  2. संगीता पुरी   November 6, 2011 at 2:46 pm

    सही कहा आपने …
    मोबाइल उपभोक्ताओं को "Mobile Number Portability" नामक हथियार उपलब्ध होने के बाद बहुत सुविधा हो गयी है !!

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  3. मनोज कुमार   November 6, 2011 at 4:54 pm

    हमने भी वही प्लान ले रखा है। आपकी पोस्ट आंख खोलने वाली है।

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  4. Vivek Rastogi   November 6, 2011 at 5:11 pm

    एयरटेल वाले गजब के सौदेबाज हैं, हमें भी नेटवर्क की समस्या थी, कई बार शिकायत की तो सुना नहीं, और हमने आखिरकार वोदाफ़ोन की नई सिम ले ली और जब एयरटेल बंद करने गये तो उन्होंने बहुत से लुभावने ऑफ़र दिये तो हमने भी अड़कर बोल दिया कि बस भई बहुत हो गया, हमें तो आपका साथ चाहिये ही नहीं। पता नहीं कितने लेवल पर बात करवाई पर हम भी टस से मस न हुए। पर इस सबमें हमें वोदाफ़ोन ने अच्छा फ़ायदा दिया और अच्छा ऑफ़र दिया ।

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  5. आपके इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा आज दिनांक 07-11-2011 को सोमवासरीय चर्चा मंच पर भी होगी। सूचनार्थ

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  6. Vaneet Nagpal   November 7, 2011 at 4:52 am

    अपने अनुभव को उजागर करके "दूसरों को प्रेरित करने के लिए कि अब इन प्राइवेट सेलुलर वालों की नहीं चलेगी" अच्छा काम किया है |

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  7. रचना   November 7, 2011 at 6:14 am

    waah itna kuchh ho sakta haen

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  8. अन्तर सोहिल   November 7, 2011 at 7:17 am

    मेरे पास भी एयरटेल का पोस्टपेड है। इन्होंने बिना बताये GPRS का चार्ज 99 रुपये से 198 रुपये कर दिया था। अब मोबाईल पोर्टेबिलिटी की धौंस देने पर 98रुपये महिने में 2जीबी डाटा दे रहे हैं। बिल्कुल आपकी वाली कहानी ही बनी थी मेरे साथ भी 🙂
    अब 99 रुपये में 99 रुपये की Local+STD free और प्रत्येक कॉल 50पैसे की है।

    प्रणाम

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  9. विजयपाल कुरडिया   November 7, 2011 at 9:27 am

    मेरे पास भी एयरटेल इन्टरनेट था……….पर एयरटेल के भाव बढ गये तब मेने भी Mobile Number Portability" का सहारा लिया ………….मुझे भी तिन दिन लगातार फोन आये………क्यूंकि पिछले दस महीनो से में उनका इन्टरनेट उपभोक्ता था………….अब पांच दिन तो हो गये………दो दिन की और बात हे ….मेने भी एयरटेल छोड़ दी हे……………….
    एक सवाल आपसे की मेरे मोबाईल पे तो ब्लॉग खुलता हे पर कंप्यूटर पे कोई ब्लॉग नहीं खुलता , क्या कोई उपाय हे |

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  10. Kajal Kumar   November 7, 2011 at 1:27 pm

    ये भूतनी के इसी डंडे के पीर हैं…

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  11. रचना दीक्षित   November 7, 2011 at 3:33 pm

    यह तरकीब बहुत अच्छी बताई और यह असरकारक भी जान कर बहुत आनंद आया. शुक्रिया इस प्रस्तुति.

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  12. Vaneet Nagpal   November 7, 2011 at 6:12 pm

    रतन सिंह जी,
    किस भी पोस्ट के प्रकाशन के बाद ही किसी मित्र के बहुमूल्य कमेन्ट्स मिल जाएं तो उस लेख को प्रस्तुत करने का मनोरथ पूरा हो जाता है | आप मेरे ब्लॉग पर आये | दिल से धन्यवाद | आप इस लिंक पर उस से सम्बंधित जानकारी पा सकते हैं | यदि आप jquery.min.js का 1.3.2 वर्ज़न पहले से प्रयोग कर रहे है तो इस जावा स्क्रिप्ट का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है | क्योंकि आप जिस गेटअप का टेम्पलेट प्रयोग कर रहे हैं | मेरे ख्याल से उस टेम्पलेट के बैकएंड में पहले से इस स्क्रिप्ट का इस्तेमाल हो रहा होगा | फिर भी आप चैक कर लें |
    टिप्स हिंदी में

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  13. विष्णु बैरागी   November 7, 2011 at 6:56 pm

    पीठ पर पडती लात हर कोई हँसते-हँसते सह लेता है किन्‍तु पेट पर पडती लात नहीं। आप एयरटेलवालें के पेट पर लात मारने चले थे तो यह तो होना ही था। फिर भी आप तकदीरवराले हैं। रिलायन्‍सवालें के चंगुल में आए लोगों को तो पोर्टेबिलिटी की सुविधा का लाभ लेने के लिए दूसरे जनम की प्रतीक्षा करनी पडती है।

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  14. निर्मला कपिला   November 8, 2011 at 4:03 am

    मैने भी इसका उपयोग किया है– बी एस एन एल वालों के साथ। चलो कुछ तो अच्छा है उपभोगताओं के लिये। धन्यवाद।

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  15. चन्दन.....   November 8, 2011 at 12:00 pm

    बहुत सही हथियार है हलांकि मैंने इसे प्रयोग नही किया पर लग रहा है जल्दी हि होगा|

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