2010 में जीने वालों के बारे में कड़वा सच

YOU KNOW YOU ARE LIVING IN 2010 when…

१- आपको अपना माइक्रोवेव चालू करने के लिए भी पासवर्ड याद रखना पड़ रहा है

२-कंप्यूटर के चलते इन कई वर्षों में आप असली तास के पत्तों से नहीं खेलें है

३- अपने परिवार के तीन सदस्यों से सम्पर्क करने के लिए आपके पास १५ फोन न. है |

४- कार्यालय में आपकी टेबल के पास बैठे सहकर्मी को भी आप कोई सन्देश देने के लिए ई-मेल भेजते है |

५- आप अपने उन दोस्तों से महज इसलिए संपर्क नहीं बना पाते है क्योंकि उनके पास ई-मेल पता नहीं है |

६- आप बाज़ार से सामन खरीदकर पूरे रास्ते उसे ढो कर ले आयेंगे पर घर के पास पहुँचते ही वह सामन घर के अन्दर ले जाने के लिए सहायता हेतु अपने मोबाइल से घर में फ़ोन करेंगे

७- टेलीविजन पर आने वाले हर विज्ञापन में टेलीविजन की स्क्रीन में नीचे आपको वेब साईट का पता दिखाई देता है |

८- यदि आप अपना सेल फोन घर भूल गए है जो आपके पास २०,३० या ६० साल पहले होता ही नहीं था उसके चलते आप दुखी हो जाते है और घर से काफी दूर निकलने के बावजूद भी उसे लेने वापस आते है |

१०- सुबह उठते ही आप चाय या काफी पीने से पहले कंप्यूटर पर ऑनलाइन होते है और यदि आप ब्लोगर है तो सुबह सबसे पहले टिप्पणियाँ गिनते है बजाय चाय पीने के |

11. You start tilting your head sideways to smile. : )

१२- आप यह सब पढ़ते हुए हंस रहे है

१३- आपको यह भी अच्छी तरह पता है कि पढने के बाद इस सन्देश को आप किस किस दोस्त को फॉरवर्ड करने वाले है |

१४- इस सन्देश को पढ़ते हुए आप इतने व्यस्त है कि आपने ध्यान ही नहीं दिया इस सूची में नंबर ९ है ही नहीं |

१५- अब इसका पता चलने के बाद निश्चित रूप से आप स्क्रोल कर पेज को पीछे कर रहे है ताकि ये देख सकें कि वाकई न.९ सूची में है या नहीं |
और अब आप अपने आप पर खूब जोर से हंस रहे है | हा..हा…हा…हा….

मेरी शेखावाटी: बहुत काम की है ये रेगिस्तानी छिपकली -गोह
ताऊ के खिलाफ़ मेंढक और मेंढकी की साजिश का भंडाफ़ोड

15 Responses to "2010 में जीने वालों के बारे में कड़वा सच"

  1. रंजन   June 24, 2010 at 4:17 pm

    सुबह उठते ही आप चाय या काफी पीने से पहले कंप्यूटर पर ऑनलाइन होते है और यदि आप ब्लोगर है तो सुबह सबसे पहले टिप्पणियाँ गिनते है बजाय चाय पीने के |

    सही है…

    Reply
  2. मनोज कुमार   June 24, 2010 at 4:28 pm

    इसका अप्रत्याशित और अनजाना मोड़ या अंत हमें विचलित कर देता है।

    Reply
  3. आशुतोष दुबे   June 24, 2010 at 4:50 pm

    आपने मजेदार बात कही है. इसे हम सभी करते है .
    हिन्दीकुंज

    Reply
  4. अंकुर गुप्ता   June 24, 2010 at 6:27 pm

    ही ही ही ही! सभी चीजें मेरे ऊपर एकदम लागू होती हैं। आखिरी वाली लाइन का हंसना भी। हा हा हा हा ही ही।
    बहुत खूब

    Reply
  5. राज भाटिय़ा   June 24, 2010 at 8:07 pm

    बहुत खुब जी मजेदार

    Reply
  6. प्रवीण पाण्डेय   June 25, 2010 at 4:05 am

    सारे सत्यों से सहमत । नवें सत्य से भी ।

    Reply
  7. नीरज जाट जी   June 25, 2010 at 4:47 am

    ओ हो हो हो
    इक्कीसवीं सदी है जी इक्कीसवी।

    Reply
  8. जी.के. अवधिया   June 25, 2010 at 4:55 am

    "सुबह उठते ही आप चाय या काफी पीने से पहले कंप्यूटर पर ऑनलाइन होते है और यदि आप ब्लोगर है तो सुबह सबसे पहले टिप्पणियाँ गिनते है बजाय चाय पीने के|"

    🙂

    Reply
  9. राजकुमार सोनी   June 25, 2010 at 7:25 am

    काफी मजेदार पोस्ट है। आधी बात तो मेरे ऊपर लागू होती है।

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  10. अन्तर सोहिल   June 25, 2010 at 8:05 am

    बहुत अच्छी लगी जी यह पोस्ट
    मजा आ गया,
    शानदार पोस्ट के लिये धन्यवाद
    शुरू में तो मैं कोट्स के बदले में अपने जवाब सोचने लगा था और अंत में खूब हंसी आयी

    प्रणाम स्वीकार करें

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  11. नरेश सिह राठौड़   June 25, 2010 at 8:37 am

    क्या जोरदार तरीके से गुप्त बाते बताई है | लगता है फरीदाबाद रहा कर हरीयाणवी कोमेडी अपना रंग दिखा रही है | वैसे आपको इन बातो का कैसे पता चला ये तो अंदर की बात है |हा हा हा ….|

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  12. Rambabu Singh   June 26, 2010 at 1:58 am

    यह वास्तव में दैनिक कार्यक्रम का हिस्सा है | अति सुन्दर |
    धन्यबाद

    Reply
  13. कुन्नू सिंह   June 29, 2010 at 7:37 am

    ही…ही…. पहले तो सोचा की सच मे न.१ नही है पर आगे पढने पर स्क्रोल कर के देखा और न.१ प्वाईंट था।

    मोबाईल के बिना बहुत दिक्कत होती है, PCO से तो दिन भर मे Rs.50 – Rs.70 का बिल बन सकता है और वही मोबाईल साथ रहेगा तो बहुत कम पैसा लगता है(Rs.6 – 10 मे ही काम चल जाता है)

    अभी कुछ दिन पहले सिम ब्लाक हो गया था तो सब काम छोड कर मैने पहले सिम को अनब्लाक करने मे वयस्त हो गया

    Reply
  14. Puaran Sngh Rathore   June 29, 2010 at 11:12 am

    अति सुन्दर |

    Reply
  15. नरेश सिह राठौड़   July 2, 2010 at 4:34 pm

    बहुत रोचक बात लिखी है | जो आजकल की सच्चाई भी है| पढ़ कर मजा आया |

    Reply

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