हिंदी ब्लोग्स की अलेक्सा ट्राफिक रेंक क्यों नहीं बढती ?

हिंदी ब्लोग्स की अलेक्सा ट्राफिक रेंक क्यों नहीं बढती ?

जब भी किसी अंग्रेजी ब्लॉग पर जाना होता है उसकी Alexa Rank देखकर बड़ी जलन होती है क्योंकि इतनी अच्छी रेंक वाले अंग्रेजी ब्लोग्स का मुकाबला तो हमारे हिंदी ब्लॉग एग्रीगेटर चिट्ठाजगतब्लोग्वानी भी नहीं कर पा रहे है कई अंग्रेजी ब्लोग्स की अलेक्सा रेंक 20000 के आस पास है तो कईयों की १०००० से भी नीचे जबकि हमारे ब्लॉग एग्रीगेटर चिट्ठाजगत अभी भी 80458 और ब्लोग्वानी 79197 पर अटके है हिंदी सर्च इंजन रफ्तार अभी तक 114985 पर अटका है हाँ हिंदी सर्च इंजन गुरु जी की अलेक्सा रेंक 1544 देखकर जरुर सुखद अहसास हुआ | कई बार सोचता हूँ कि क्या कभी हिंदी ब्लोग्स कि अलेक्सा रेंक बहुत बढ़िया होगी | पिछले दिनों कुछ ब्लोग्स पर सबसे बढ़िया अलेक्सा रेंक वाले दस ब्लोग्स कि सूची जारी की थी लेकिन उनमे से सभी लगभग तीन लाख से ऊपर ही थे |
दरअसल हिंदी ब्लोग्स का अलेक्सा रेंक में पिछड़ने का सबसे बड़ा कारण जो मै समझ सका हूँ वह है इन्टरनेट पर हिंदी में सर्च की कमी |
लेकिन जैसे जैसे गूगल हिंदी में सुविधाए बढा रहा है हिंदी सर्च भी बढ़ रहा है और अब हिंदी सर्च से भी ब्लोग्स पर गूगल सर्च के जरिये पाठक संख्या बढ़ रही है दरअसल हमें ब्लॉगवाणी व चिट्ठाजगत की अपेक्षा गूगल से ज्यादा पाठक मिलते है ब्लॉग एग्रीगेटर्स से तो उसी दिन पाठक मिलते है जिस दिन पोस्ट प्रकाशित है और वो भी पाठक शीर्षक देखकर आते है और एक पोस्ट पढ़कर खिसक लेते है बाकि दिनों तो ब्लॉग पर पाठकों का ट्राफिक गूगल सर्च पर ही निर्भर करता है | नीचे आप ज्ञान दर्पण का ट्राफिक चार्ट देख लीजिए कि सबसे ज्यादा 60.25% पाठक गूगल ही हिंदी सर्च के जरिए भेजता है |

अतः हमें अपने हिंदी ब्लोग्स कि अलेक्सा रेंक सुधारने के लिए कुछ ऐसे उपाय करने होंगे जिससे हिंदी ब्लोग्स पर गूगल से ज्यादा से ज्यादा पाठक आये और बजाए एक लेख पढ़कर खिसकने के पाठक ब्लॉग पर रुके और अन्य लेख भी पढ़े | जितने ज्यादा लेख पढ़े जायेंगे उतने ही ज्यादा पेज व्यू होंगे और अलेक्सा रेंक निर्धारित होने पेज व्यू ही गिने जाते है | अतः पाठक ब्लॉग पर रुक कर जितना ब्लॉग को खंगालेगा उतने ही पेज व्यू बढ़ेंगे | उदाहरण के तौर पर मै अपनी एक वेबसाइट व ब्लॉग ज्ञान दर्पण की तुलना करता हूँ |
ज्ञान दर्पण पर मेरी वेबसाइट जो हिंदी में ही है से दस गुना अधिक ट्राफिक आता है लेकिन फिर भी अलेक्सा ट्राफिक रेंक के मामले में वेब साईट आगे रहती है | कारण स्पष्ट है वेबसाइट एक सोशल साईट है जहाँ सदस्य लोग इन होता है, अपनी प्रोफाइल खोलता है, दुसरे सदस्यों की प्रोफाइल देखता है,उन्हें सन्देश भेजता है, म्यूजिक गैलरी में जाता है,फोटो गैलरी खोता है ,फोरम में जाता है आर्टिकल,ब्लॉग ,न्यूज़ आदि पढता है कुल मिलकर सिर्फ एक सदस्य के जगह जगह भ्रमण से पेज व्यू बढ़ते है और साईट ज्ञान दर्पण के मुकाबले कम ट्रेफिक के बावजूद अलेक्सा रेंक के मामले में आगे रहती है |
अब सवाल ये उठता है कि ऐसे कौनसे उपाय है जिनके द्वारा ज्यादा ज्यादा पाठक ब्लॉग पर खींचकर अलेक्सा रेंक बढाई जा सकती है ? आईये आज इन्ही उपायों पर चर्चा करते है |
1- पिछले दिनों दो एक हिंदी ब्लोग्स पर एक पोस्ट आई थी जिसमे एक कोड लिखा था और उस कोड को अपने ब्लॉग के टेम्पलेट पर लगाने के बाद गूगल से ट्राफिक बढ़ने का दावा किया गया था | मै उनकी बात से सहमत हूँ वो कोड मैंने उन पोस्टो के लिखे जाने से पहले ही एक अंग्रेजी ब्लॉग से लेकर ज्ञान दर्पण के टेम्पलेट में लगाया था उसके महीने भर बाद में गूगल से आने वाले पाठको की संख्या में अप्रत्याशित बढोतरी हुई पहले गूगल से सिर्फ 15% ट्राफिक आता था लेकिन अब ज्ञान दर्पण पर गूगल से 60.25% ट्राफिक आता है |
आप भी इसे आजमाए | ( कोड यहाँ से प्राप्त किया जा सकता है )
2- आशीष जी के हिंदी ब्लॉग टिप्स से रिलेटेड पोस्ट का विजेट लेकर अपने ब्लॉग पर लगाएँ ताकि आपके ब्लॉग पर आने वाले पाठको को सम्बंधित विषय के और भी लेख दिखाई दे व वह उन्हें भी पढ़े |
3- हिंदी ब्लोग्स टिप्स पर और भी कई ऐसे लेख है जिन्हें पढ़कर आप अपने ब्लॉग पर पाठक बढा सकते है |
4- अपने लेखों के शीर्षक का एक संग्रह बनाए व लेख संग्रह का एक जगह लिंक दे इस तरह के लेख संग्रह आप ज्ञान दर्पण ,हिंदी ब्लॉग टिप्स ,सारथी आदि ब्लोग्स पर देख सकते है |
5- अपने महत्वपूर्ण लेखों के शीर्षक की सूची साइड बार में भी आप उपलब्ध करा सकते है ताकि ब्लॉग पर आने वाले पाठक की उस सूची पर नजर पड़े और वह अपनी रुचिनुसार उन लेखों को भी पढ़ सके |
6- हर एक पोस्ट के साथ लेबल अवश्य लगाये और लेबल वाला विजेट ब्लॉग पर जरुर लगाए |
....

28 Responses to "हिंदी ब्लोग्स की अलेक्सा ट्राफिक रेंक क्यों नहीं बढती ?"

  1. विवेक सिंह   August 17, 2009 at 2:31 am

    अच्छा विश्लेषण कर डाला,

    कुछ लाभ उठाया जाएगा !

    Reply
  2. काजल कुमार Kajal Kumar   August 17, 2009 at 2:38 am

    बहुत बढ़िया. अच्छी जानकारी दी है आपने. धन्यवाद.

    Reply
  3. ताऊ रामपुरिया   August 17, 2009 at 3:16 am

    बहुत बढिया जानकारी दी आपने. धन्यवाद.

    रामराम.

    Reply
  4. बी एस पाबला   August 17, 2009 at 3:35 am

    बढ़िया जानकारी

    Reply
  5. बालसुब्रमण्यम   August 17, 2009 at 3:54 am

    उपयोगी जानकारी, धन्यवाद।

    Reply
  6. इस सुंदर जानकारी के लिए आभार!

    Reply
  7. anuragc   August 17, 2009 at 4:30 am

    अच्छा लिखा है। धन्यवाद।

    Reply
  8. AlbelaKhatri.com   August 17, 2009 at 5:52 am

    sateek aur saral shabdon me saarthak vishleshan !
    abhinandan aapka is jaankaari k liye !

    Reply
  9. रंजन   August 17, 2009 at 8:22 am

    बहुत उत्तम.. काफी सटिक विश्लेशण किया… उपाय नं एक तो कर दिया..

    Reply
  10. आशुतोष दुबे "सादिक"   August 17, 2009 at 12:29 pm

    बहुत बढिया जानकारी दी आपने.
    हिन्दीकुंज

    Reply
  11. आपने बहुत अच्छा विश्लेषण किया है। सच है कि जब तक सर्च इंजन के जरिए पाठक ब्लॉग या वेबसाइट तक नहीं पहुंचेंगे इसकी रेंकिंग में ज्यादा सुधार नहीं हो सकता। अगर आपके सुझावों पर अमल किया जाए तो निश्चित तौर पर ट्रेफिक रेंक में सुधार होगा .. हैपी ब्लॉगिंग.

    Reply
  12. कुन्नू सिंह   August 17, 2009 at 4:41 pm

    रतन जी, आपके पिछले पोस्ट मे मैने गलती से अपने दूसरे ईमेल से कमेंट कर दिया था 🙂

    आपकी बातो से सहमत हूं और मूझे आस्चर्य हो रहा है चिट्ठाजगत से सिर्फ 40 क्लिक! मिला है|

    एलेक्सा हिन्दी ब्लागरों के लिये ठिक नही है| हिन्दी ब्लागरों के साथ ना ईंसाफी है|

    जैसे हम google.com खोलते हैं और खूलता है google.co.in वैसे ही अगर भारत के लोग गूगल टूलबार लोड करने जाते और मिलता हिन्दी टूलबार तो कैसा होता(ईसमे English टूलबार लोड करने का भी ओपसन होता|

    और टूलबार मे लिखते gayaandarpan तो अपने आप हिन्दी मे बदल जाता "ज्ञान दर्पण" तो ईससे बहुत लाभ होता|

    Reply
  13. हिमांशु । Himanshu   August 17, 2009 at 5:15 pm

    बेहतर जानकारी । उपयोगी सुझाव दिये हैं आपने । आभार ।

    Reply
  14. शरद कोकास   August 17, 2009 at 7:30 pm

    जानकारी के लिये धन्यवाद

    Reply
  15. नरेश सिह राठौङ   August 18, 2009 at 1:06 am

    बहुत सी पोस्ट का सार निकाल कर आपने तो अमृतांजन बना कर दे दिया है । जो सभी के लिये बहुत उपयोगी होगा ।

    Reply
  16. Shastri JC Philip   August 18, 2009 at 3:31 am

    जब तक हिन्दी को अतर्जाल पर महत्वपूर्ण दर्जा नहीं मिलेगा तब तक हम हर जगह पीछे रहेंगे. अत: हम सब को जालजगत पर और अधिक सक्रिय होना पडेगा.

    इस आलेख में आप ने कई महत्वपूर्ण बातें बताई हैं जिन के लिये आभार.

    सारे लेखों को एक साथ प्रदर्शित करने के लिये कई विजेट उपलब्ध हैं.

    सस्नेह — शास्त्री

    हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है
    http://www.Sarathi.info

    Reply
  17. anirudha gupta   September 22, 2009 at 10:47 am

    bhaiya mere blogvani ka naam dekh ke mere dil mein dhak dhak hoti hein isse accha or koi aggregator nahi ho sakta

    i love blogvani

    Reply
  18. डॉ महेश सिन्हा   January 10, 2010 at 6:47 am

    महत्वपूर्ण जानकारी . ये सब संख्या का खेल है संख्या बढ़ेगी तो रॅंक भी बढ़ेगी . कोई इसी तरह जैसे अलेक्सा की तरह हिन्दी ब्लॉग की रंकिंग क्यो नहीं बनाता

    Reply
  19. Surendra K. Tetarwal   January 27, 2010 at 7:53 am

    Thank u Sir
    mujhe eshe hi tips ki talash thi kyo ki mere blog ka traffic to thik hai par me ise bhadhana chahta tha
    mere blog
    http://www.indiacurrentgk.blogspot.com

    Reply
  20. vidhya   July 15, 2011 at 5:30 am

    आप का बलाँग मूझे पढ कर अच्छा लगा , मैं भी एक बलाँग खोली हू
    लिकं हैhttp://sarapyar.blogspot.com/

    आपको मेरी हार्दिक शुभकामनायें.

    अगर आपको love everbody का यह प्रयास पसंद आया हो, तो कृपया फॉलोअर बन कर हमारा उत्साह अवश्य बढ़ाएँ।

    Reply
  21. vidhya   July 15, 2011 at 6:00 am

    जानकारी के लिये धन्यवाद

    आप का बलाँग मूझे पढ कर अच्छा लगा , मैं भी एक बलाँग खोली हू
    लिकं हैhttp://sarapyar.blogspot.com/

    आपको मेरी हार्दिक शुभकामनायें.

    अगर आपको love everbody का यह प्रयास पसंद आया हो, तो कृपया फॉलोअर बन कर हमारा उत्साह अवश्य बढ़ाएँ।

    Reply
  22. रतन जी, उपयोगी जानकारी दी है आपने, आभार।
    एक सुझाव/शिकायत है कि जैसे आपने अन्‍य ब्‍लॉगस के लिंक लगाए है, वैसे ब्‍लॉग की रैंक वाली पोस्‍ट का भी लिंक लगाना चाहिए था। हमारी जानकारी में बढोत्‍तरी होती।

    ——
    जीवन का सूत्र…
    NO French Kissing Please!

    Reply
  23. सभी लोग कहते हैं कि रिलेटेड पोस्‍ट अथवा पापुलर पोस्‍ट वाला विजेट जरूर इस्‍तेमाल करना चाहिए। इससे भले ही कुछ पाठक बढते हों, पर इससे ब्‍लॉग के खुलने में लगने वाला समय कई गुना बढ जाता है। क्‍या इससे स्‍लो नेट कनेक्‍शन वाले नये पाठक ऊब कर भाग खडे नहीं होते होंगे?
    ——
    * TOP HINDI BLOGS! *

    Reply
  24. Vaneet Nagpal   November 3, 2011 at 3:03 pm

    रतन सिंह जी आज आपका ये लेख पढा | अच्छी जानकारी मिली | टिप्स हिंदी ब्लॉग पर जहाँ पर रिलेटेड पोस्ट का कोड यहाँ से डाउनलोड करे लिखा है वह लिंक काम नहीं कर रहा | जहाँ पर अलेक्सा रैंक को सुधारने के टिप्स बताने की कोशिश की है | मैंने तक़रीबन 15 अलेक्सा का कोड अपने ब्लॉग पर लगाया था कोड लगाने के बाद 6158018 से सुधर कर 3778804 पर आ चुकी है | इसके साथ ही 12 लिंक भी हो चुके हैं |

    Reply
  25. Jitendra Indave   January 22, 2012 at 12:29 pm

    काफी अच्छा ब्लॉग है. आगे ऐसे ही लिखते रहिये महाशय ..धन्यवाद्

    Reply
  26. DASHRATH SINGH   April 26, 2012 at 8:49 am

    Kripaya mujhe hindi me likne ka tarika bataye.
    Ashish-jik.blogspot.com

    Reply
  27. Shashi Bhushan Shukla   December 27, 2013 at 10:57 am

    धन्यवाद् ….click here for Letest free tricks smartphone, tablets and laptops,

    Reply
  28. Shashi Shukla   January 2, 2014 at 8:39 am

    जैसे आपने अपने वेबसाइट में ऊपर सूचि लगाया है…home, aboute us, history,
    ऐसा ब्लॉग में कैसे लगते है? बताने की कृपा करें,
    click here for Letest free tricks about smartphone,computer and internet,

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published.