आओ कॉपी-पेस्ट जैसी महान तकनीकि के सहारे ब्लॉग, किताब लिखें और नोट कमायें

आओ कॉपी-पेस्ट जैसी महान तकनीकि के सहारे ब्लॉग, किताब लिखें और नोट कमायें

जब से इंटरनेट आया है, आसानी से हिंदी लिखने के औजार उपलब्ध हुए है, ब्लॉग लिखने के लिए मुफ्त के प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध हुए है, लेखकों को अपनी लेखनी ब्लॉगस पर प्रकाशित कर अपनी लेखन हुड़क मिटाने का तगड़ा मौका मिला है| इतना ही नहीं सोने पे सुहागा ये कि अब हिंदी ब्लॉगस पर गूगल ने […]

यदि केजरीवाल ना होता !!

यदि केजरीवाल ना होता !!

Arvind Kejriwal, CM, Delhi जब से केजरीवाल सार्वजनिक सामाजिक व बाद में राजनैतिक जीवन में आयें है, तब से देशवासियों का तगड़ा मनोरंजन हो रहा है| केजरीवाल के सामाजिक जीवन में आने और आरटीआई, लोकपाल, भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष से कई गुमनाम नाम लोगों की नजर में आये| कई सामाजिक कार्यकर्त्ता जिन्हें मंच नहीं मिला, […]

आओ आरक्षण का नाम भुनाएं

आओ आरक्षण का नाम भुनाएं

इस देश में आरक्षण एक ऐसी चीज है जिसे पाने के लिए हर कोई लालायित है| कोई व्यक्ति, जाति, समाज, सम्प्रदाय अपने आपको पिछड़ा, बेचारा, शोषित, गरीब नहीं समझता| लेकिन हमारे संविधान निर्माता व नेता यह आरक्षण शब्द पता नहीं कहाँ से ले आये कि इसे पाने यानी आरक्षण व्यवस्था रूपी मलाई खाने के लिए […]

जब हम पूर्ण विकसित होंगे : व्यंग्य

जब हम पूर्ण विकसित होंगे : व्यंग्य

मोदी (Narendra Modi) के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में विकास की बड़ी बड़ी बातें चल रही है| हर देशवासी के दिल में अब पूर्ण विकसित होने की उम्मीदें हिल्लोरें मारने लगी है| आखिर मारे भी क्यों नहीं देशवासियों को अब विकास के अमेरिकी पश्चिम मॉडल, मास्को व चीन के वामपंथी मॉडल के साथ खांटी […]

चुनावी कुरुक्षेत्र में कौरवों द्वारा जातीय भावनाओं का दोहन

चुनावी कुरुक्षेत्र में कौरवों द्वारा जातीय भावनाओं का दोहन

देश के आजाद होते ही अन्य देशी रियासतों के साथ महाराज ताऊ धृतराष्ट्र के हस्तिनापुर राज्य का भी देश में विलय हो गया| उसके बाद महाराज ताऊ धृतराष्ट्र अपने महलों में समय व्यतीत करने लगे, वैसे भी इतने युगों तक राज रहने से उनके मन में राज करने की भूख भी ना रही थी| इस […]

मोदी पर सटीक बैठती है ये राजस्थानी कहावत

मोदी पर सटीक बैठती है ये राजस्थानी कहावत

राजस्थान में एक कहावत है “खीरां आई खिचड़ी अर टिल्लो आयो टच्च” मतलब खिचड़ी पकते ही टिल्ला खाने के लिए झटके से मौके पर आ गया| इस कहावत में टिल्ला शब्द ऐसे लोगों के लिए प्रयुक्त किया गया है जो काम के वक्त तो इधर-उधर होते है पर उनकी नजर हमेशा फायदे को ताकती रहती […]

आज तक कोई मामू बचा है भांजों से ?

आज तक कोई मामू बचा है भांजों से ?

जब से भांजे की करतूत से पूर्व रेलमंत्री पवन कुमार बंसल की लूटिया डूबी और उनकी दौड़ती रेल अचानक रुक गयी और वे रेलमंत्री से पूर्व रेलमंत्री हो गये तब से आज तक समाचार पत्रों, वेब साइट्स व सोशियल साइट्स पर मामा भांजे की केमिस्ट्री पर बहुत कुछ लिखा पढ़ा जा रहा है लोग मामा […]

जब भ्रष्टाचार बनेगा गरीबी मिटाने का औजार

बेशक देश के नागरिक भ्रष्टाचार से त्रस्त है आये दिन किसी न किसी के नेतृत्व में देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करने के लिए आन्दोलन करते रहते है पर यदि देश के नेताओं, अफसरों व आम नागरिक का आचरण देखें तो लगता है जैसे भ्रष्टाचार के खिलाफ होने वाले आन्दोलन तो महज एन्जॉय करने के […]

घूरने के खिलाफ कठोर कानून के बाद

घूरने के खिलाफ कठोर कानून के बाद

पिछले दिनों दिल्ली में हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद युवाओं का सड़कों पर दिखा गुस्सा और बलात्कार के लिए कठोर दंड की मांग के बाद सरकार ने आखिर बलात्कारियों को कठोर दंड देने के प्रावधान वाला विधेयक पास कर दिया| सरकार के इस कदम को महिला सशक्तिकरण के लिए अभियान चलाने वाले व दिल्ली में […]

एक आतंकी की फांसी के बहाने

आज फिर चौपाल पर हमारे पड़ौसी वर्मा जी का पिंटू अपने साथियों सहित हाथ में अफजल का चित्र लिए खड़ा था हम दूर से उसका उद्वेलित मक्कारीपूर्ण चेहरा देख ताड़ गये कि अफजल की फांसी से वह बहुत ज्यादा दुखी होने का नाटक कर कोई राजनैतिक फायदे के चक्कर में है और वैसे भी उसकी […]

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