ढाणी

ढाणी

गांव के बाहर खेतों में बने घर को राजस्थान में ढाणी कहकर पुकारा जाता है खेती करने वाले किसान अपने खेतों की अच्छी तरह से देखभाल करने के लिए अक्सर खेत में बनी ढाणियों में ही रहते है |ये ढाणियां वहां रहने वाले की आर्थिक स्थिति के हिसाब से पक्के मकानों की या फिर कच्चे […]

ऋषि पराशर की तपोभूमि होने का गौरव प्राप्त है इस स्थान को

ऋषि पराशर की तपोभूमि होने का गौरव प्राप्त है इस स्थान को

ऋषि पराशर की तपोभूमि से : फरीदाबाद की अरावली पर्वत श्रंखला में स्थित प्रसिद्ध बड़खल झील के प्रवेश द्वार के पास ही उतर दिशा की और जाने वाली सड़क पर कुछ दूर जाते ही परसोन मंदिर का बोर्ड दिखाई देता है इस बोर्ड के पास से एक उबड़ खाबड़ पहाड़ी रास्ते से लगभग 1.5 की.मी. […]

जूनागढ़ बीकानेर, थार के रेतीले टीलों के बीच एक आश्चर्य

जूनागढ़ बीकानेर, थार के रेतीले टीलों के बीच एक आश्चर्य

जूनागढ़ बीकानेर : रंगों भरा राजस्थान, जहाँ के जनजीवन का उत्साह, गढ़ी, गढ़ और राजमहलों में सिमटा है, अपने सोंदर्य और शोर्य गाथाओं को सम्मोहित करने में बेजोड़ है | इन गढो में जूनागढ़ बीकानेर स्थापत्य शिल्प, भौगोलिक स्थिति, विलक्षण कला सज्जा का आर्श्चयजनक उदहारण है | थार के रेतीले टीलों के बीच, जो कभी […]

जीण माता मंदिर धाम, शेखावाटी : जन-आस्था का केंद्र

जीण माता मंदिर धाम, शेखावाटी : जन-आस्था का केंद्र

जीण माता का मंदिर राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में अरावली पर्वतमाला के निम्न भाग में सीकर से लगभग 30 कि.मी. दूर दक्षिण में सीकर जयपुर राजमार्ग पर गोरियां रेलवे स्टेशन से 15 कि.मी. पश्चिम व दक्षिण के मध्य स्थित है | यह मंदिर तीन पहाडों के संगम में 20-25 फुट की ऊंचाई पर स्थित है […]

कुम्भलगढ़ दुर्ग : महाराणा प्रताप की जन्म स्थली

कुम्भलगढ़ दुर्ग : महाराणा प्रताप की जन्म स्थली

कुम्भलगढ़ राजस्थान ही नहीं भारत के सभी दुर्गों में विशिष्ठ स्थान रखता है उदयपुर से ७० कम दूर समुद्र तल से 1087 मीटर ऊँचा और 30 km व्यास में फैला यह दुर्ग मेवाड़ के यश्वी महाराणा कुम्भा की सुझबुझ व प्रतिभा का अनुपम स्मारक है | इस दुर्ग का निर्माण सम्राट अशोक के दुसरे पुत्र […]

जोधपुर का मंडोर उद्यान

जोधपुर का मंडोर उद्यान

राजस्थान के जोधपुर शहर से 9 km उत्तर दिशा में स्थित है जो पुराने समय में मारवाड़ राज्य की राजधानी हुआ करती थी| राव जोधा ने मंडोर को असुरक्षित मान सुरक्षा के लिहाज से चिडिया कूट पर्वत पर मेहरानगढ़ का निर्माण कर अपने नाम से जोधपुर नगर बसा मारवाड़ की राजधानी बनाया | वर्तमान में […]

रणथंभोर दुर्ग

रणथंभोर दुर्ग

रणथंभोर दुर्ग दिल्ली मुंबई रेल मार्ग के सवाई माधोपुर रेल्वे स्टेशन से १३ कि.मी. दूर रन और थंभ नाम की पहाडियों के बीच समुद्रतल से 481 मीटर ऊंचाई पर 12 कि.मी. की परिधि में बना है | रणथंभोर दुर्ग के तीनों और पहाडों में कुदरती खाई बनी है जो इस किले की सुरक्षा को मजबूत […]

देवताओं की साल व वीरों का दालान – मंडोर-जोधपुर

देवताओं की साल व वीरों का दालान – मंडोर-जोधपुर

मंडोर जोधपुर से 9km दूर उत्तर दिशा में स्थित है, मंडोर पुराने समय में मारवाड़ राज्य की राजधानी हुआ करती थी | अब मंडोर में एक सुन्दर बगीचा बना हुआ है और इस बगीचे में देवताओं की साल व वीरों का दालान, अजीत पोल, एक थम्बा महल ,संग्राहलय,विभिन्न राजा महाराजाओं की छतरियां व देवल (स्मारक) […]

जहाँ मन्नत मांगी जाती है मोटरसाईकिल से ! Om Bana Dham

लोगों की आस्था का केंद्र लोक देवता ओम बना धाम विविधताओं से भरे हमारे देश में देवताओं, इंसानों, पशुओं, पक्षियों व पेड़ों की पूजा अर्चना तो आम बात है लेकिन हम यहाँ एक ऐसे स्थान की चर्चा करने जा रहा है जहाँ इन्सान (Om Bana) की मौत के बाद उसकी पूजा के साथ ही साथ […]

Udaipur City

पूर्व का वेनिस और भारत का दूसरा काश्मीर माना जाने वाला उदयपुर खूबसूरत वादियों से घिरा हुआ हैं। अपनी नैसर्गिंक सौन्दर्य सुषमा से भरपूर झीलों की यह नगरी सहज ही पर्यटकों को अपनी और आकर्षित कर लेती है। यहाँ की खूबसूरत वादियाँ, पर्वतों पर बिखरी हरियाली, झीलों का नजारा और बलखाती सडके बरबस ही सैलानियों […]