कांम ई रांम है = काम ही राम है

कांम ई रांम है = काम ही राम है केवल चार शब्दों की नन्ही मुन्ही कहावत में प्रागैतिहासिक युग से भी बहुत पहले की झांकी मिल जाती है कि किसी ईश्वरीय चमत्कार से मनुष्य-मनुष्य नहीं बना ,बल्कि वह मेहनत और काम का ही करिश्मा है कि उसने मनुष्य के अगले दो पांवों को हाथों में […]

दुकान पर छाया में जाना व छाया में ही आना

एक गांव में सेठ धनी राम अपने जीवन की आखिरी साँसे गिनते हुए अपने पुत्रों को सही ढंग से व्यवसाय चलाने के तरीके बताते हुए निसीहते दे रहे थे उन्होंने अपने पुत्रो से कहा कि हे पुत्रो ! अपने व्यवसाय में कामयाब होना चाहते हो तो अपनी दुकान पर हमेशा छाया में ही जाना और […]

आज शंख नहीं लट्ठ बजाओ : बाबा ताऊआनंद

पिछले सप्ताह शेखावाटी से नरेश सिंह जी राठौड़ ने वीणा कैसेट द्वारा जारी एक कवि सम्मलेन की विडियो सी डी भेजी थी जिसमे कार्यकर्म संचालक ने एक बड़ा मजेदार किस्सा सुनाया | जो यहाँ प्रस्तुत है | बाबा ताऊ आनंद के आश्रम में अक्सर भंडारे का आयोजन होता रहता है जिसका नियम यह है कि […]

अठै क उठै यहाँ कि वहां

जोधपुर के शासक राव मालदेव के साथ लम्बे संघर्ष व अनेक युद्धों में मेड़ता के शासक व उस ज़माने के अद्वितीय योद्धा राव जयमल को जान-माल का बहुत नुकसान उठाना पड़ा था और अब मेड़ता पर मुगलों के बागी सेनापति सेफुद्दीन को जयमल द्वारा शरण देने से नाराज अकबर की विशाल शाही सेना ने चढाई […]

भूतों से सामना

बचपन में लोगों से भूतों की तरह तरह की कहानियां अक्सर सुनने को मिलती थी| उन कहानियों में रात को गांव की गली में भूत ने किसी पर अचानक ईंट फेंकी, तो किसी व्यक्ति को रात में खेतों से लौटते रास्ते में कोई वृक्ष बिना हवा के हिलता नजर आता था| तो किसी का पीपल […]

ताऊ और एक करोड़ की लाटरी

अनाज मण्डी में अनाज बेचकर ताऊ जैसे ही बाहर निकला एक लाटरी बेचने वाला लड़का लाटरी का टिकट बेचने को ताऊ के पीछे लग लिया | ताऊ की लाटरी खरीदने में कोई दिलचस्पी नहीं थी लेकिन लड़का कहाँ मानने वाला था |लाटरी वाला :- ताऊ ये सिर्फ दस रूपये की टिकट सै , खरीद ले […]

सुधर जा वरना अठन्नी कर दूंगा

एक बनिया अपने इकलौते पुत्र से बहुत दुखी था | लड़का न तो दुकान पर कार्य करता न पढाई बस सारा दिन फिल्मे,टी .वी देखने व अपने दोस्तों के साथ मटरगस्ती करने में ही समय जाया करता था | बनिए द्वारा धमकाने व समझाने का उस पर कोई असर नहीं होता था | एक दिन […]

टका वाळी रौ ई खुणखुणियौ बाजसी

टका वाळी रौ ई खुणखुणियौ बाजसी = टका देने वाली का ही झुनझुना बजेगा | सन्दर्भ कथा — एक बार ताऊ मेले में जा रहा था | गांव में ताऊ का सभी से बहुत अच्छा परिचय था सो गांव की कुछ औरतों ने अपने अपने बच्चो के लिए ताऊ को मेले से झुनझुने व अन्य […]

ताऊ ने पीना छोड़ा

उल्टे सीधे धंधो और राजनीती में कुछ कमाने के बाद ताऊ ने कई अन्य शौक पालने के अलावा शराब भी पीना शुरू कर दिया | अब ताऊ अपने दोस्त हरखू के साथ रोज अपने मकान की छत पर बने बगीचे में बैठ कर दारू पीने लगा | हरखू के साथ ताऊ की बड़ी अच्छी दोस्ती […]

ताऊ ने बनाया कुल्हाड़ी का हलवा

ताऊ के पड़ोस के एक गांव में एक बहुत ही कंजूस बुढ़िया रहती थी | एक दिन ताऊ उसी गांव में अपने दोस्त जीवन खाती से मिलने गया | गांव के बहार बरगद के पेड़ के निचे उस गांव के कई लोगो की हथाई (आपसी बातचीत के लिए जुटी भीड़ )जुटी हुई थी और गांव […]