मीरां

मीरां

मीरां मेड़ता के राव दूदा के पुत्र रत्न सिंह की पुत्री थी | बचपन में ही माता का देहांत हो जाने के कारण मीरां का लालन पालन राव दूदा के पास मेड़ता में ही हुआ | राठौड़ों की मेड़तिया शाखा में जन्म लेने के कारण मीरां मेड़तणी के नाम से प्रसिद्ध हुई | अपने चाचा […]

बाला सती रूपकंवरजी : जो 43 वर्ष बिना अन्न जल के रहीं

बाला सती रूपकंवरजी : जो 43 वर्ष बिना अन्न जल के रहीं

राजस्थान की जोधपुर जिले की बिलाड़ा तहसील में एक छोटा सा गांव है रावणियां | अब इस गांव का नाम गांव की प्रख्यात सुपुत्री बाला सती रूपकंवरजी के सम्मान में रूप नगर रख दिया गया | विभिन्न जातियों व समुदायियों के निवासियों वाला यह गांव कभी जोधपुर राज्य के अधीन खालसा गांव था | इसी […]

हाड़ी रानी और उसकी सैनाणी ( निशानी )

हाड़ी रानी और उसकी सैनाणी ( निशानी )

अपने पिछले लेख ” बीच युद्ध से लौटे राजा को रानी की फटकार ” के आख़िर में मैंने एक ऐसी रानी का जिक्र किया था जिसने युद्ध में जाते अपने पति को निशानी मांगने पर अपना सिर काट कर भिजवा दिया था | यह रानी बूंदी के हाडा शासक की बेटी थी और उदयपुर (मेवाड़) […]

बीच युद्ध से लौटे इस राजा को मिली थी रानी की फटकार

बीच युद्ध से लौटे इस राजा को मिली थी रानी की फटकार

बात जोधपुर की चल रही है तो यहाँ के अनेक राजाओं में एक और यशस्वी राजा जसवंत सिंह जी और उनकी हाड़ी रानी जसवंत दे की भी चर्चा करली जाए | महाराज जसवन्त सिंह जी ने दिल्ली की और से बादशाह शाहजहाँ और औरंगजेब की और से कई सफल सैनिक अभियानों का नेतृत्व किया था […]

Jodhpur ki Ruthi Rani

Jodhpur ki Ruthi Rani

ज्ञान दर्पण पर मेड़ता के राव विरमदेव और राव जयमल के बारे में पढ़ते हुए आपने जोधपुर के शासक राव मालदेव के बारे में जरुर पढ़ा होगा | राव मालदेव अपने समय के राजपुताना के सर्वाधिक शक्तिशाली शासक थे वे बहुत शूरवीर व धुनी व्यक्ति थे उन्होंने जोधपुर राज्य की सीमाओं का काफी विस्तार किया […]

स्रियों की दशा का उज्जवल पक्ष

– टॉड के अनुसार “”राजस्थान में स्रियों को राजपूतों ने जो सम्मान दिया, वह किसी दूसरे देश में नहीं मिलता। संसार में किसी भी जाति ने स्रियों को उतना आदर नहीं दिया, जितना राजपूतों ने।”राजपूतों ने स्रियों को लक्ष्मी, दुर्गा तथा सरस्वती के रुप में देखा। उस दृष्टि से उनकी पूजा की। यहाँ लोग यह […]