राजपूत स्त्रियों की सामाजिक स्थिति और उनके गुण

शत्रु से अपने सतीत्व की रक्षा के निमित हजारों राजपूत महिलाएं निर्भयता के साथ जौहर की धधकती हुई आग में जलकर भस्मीभूत हो गई, जिनके ज्वलंत उदाहरण चित्तौड़ की राणी पद्मनी और कर्मवती,चांपानेर के पताई रावल (जयसिंह) की राणियां, जैसलमेर के रावल दूदा की रमणियां आदि अनेक हैं,

राजपूत स्त्रियों की सामाजिक स्थिति और उनके गुण

राजपूत समाज में स्त्रियों का बड़ा आदर होता रहा और वे वीर पत्नी और वीरमाता कहलाने में अपना गौरव मानती थी। उन वीरांगनाओं का पातिव्रत धर्म, शूरवीरता और साहस भी जगद विख्यात है। इनके अनेक उदाहरण इतिहास में पाये जाते हैं, उनमें से थोड़े से यहां उद्धृत करते हैं- चौहान राजा पृथ्वीराज ने जब महोबा […]

महान वीरांगना क्षत्राणी हाडी़ रानी

महान वीरांगना  क्षत्राणी हाडी़ रानी

“महान वीरांगना क्षत्राणी Hadi Rani” काे मैं काेटी काेटी प्रणाम करता हूँ। आेर उनके चाहने वालाे काे यह मेरी कविता समर्पित करता हुं । हाे सके ताे आप इस कविता काे दुनिया के हर भाई बहन व मिलने वाले तक पहुंचा दाे। नारी की इज्जत मांगी हैं, इज्जत की खातीर जाना हैं । दुश्मन की […]

राणी भाटियाणी जसोल

राणी भाटियाणी जसोल

Mata Rani Bhatiyani Jasol Story in Hindi मालानी क्षेत्र सदैव ही सती, संत और शूरमाओं की खान रहा है| वीरों ने जहाँ इस भूमि को अपने रक्त से सींचा वहीं सतियों और संतों ने इसे अपनी भक्ति से पावन किया| मालानी क्षेत्र (वर्तमान बाड़मेर जिला) में जसोल ठिकाने पर रावल महेचों का शासन रहा है। […]

इस महिला ने मारवाड़ की सेना को पीछे हटने पर कर दिया था मजबूर

इस महिला ने मारवाड़ की सेना को पीछे हटने पर कर दिया था मजबूर

राजस्थान में चारण कवियों ने हर घटना पर अपनी कलम चलाई और गीतों, सोरठों, दोहों, छप्प्यों के माध्यम से उस घटना का इतिहास संजोने का महत्त्वपूर्ण काम किया| अक्सर आधुनिक विद्वान उनकी रचनाओं में किये वर्णन को अतिश्योक्ति मानते है, उनका यह दावा कुछ हद तक सही भी हो सकता है फिर यदि हम उन […]

भाट की व्यंग्य रचना सुन जब दो ठकुरानियाँ सती हुई

भाट की व्यंग्य रचना सुन जब दो ठकुरानियाँ सती हुई

राजपूत शासनकाल में निरंतर चलने वाले युद्धों में अपने वीर पति के साथ सती होना राजपूत महिलाएं अपना गौरव समझती थी| हालाँकि राजपूत जाति में मृत पति के साथ महिला को सती होना आवश्यक कभी नहीं रहा| बल्कि ऐसे कई अवसर भी आते थे जब सती होने जा रही महिला को समाज के लोग सती […]

एक राजकुमारी का आत्मबलिदान

एक राजकुमारी का आत्मबलिदान

वि.सं.1865 (ई.सन. 1799) में मेवाड़ के महाराणा भीमसिंह की राजकुमारी कृष्णाकुमारी का सगाई सम्बन्ध जोधपुर के महाराजा भीमसिंह के साथ हुआ था| किन्तु वि.सं.1860 (ई.सं.1803) में जोधपुर के महाराजा भीमसिंह का निधन होने की दशा में राजकुमारी का सम्बन्ध जयपुर के महाराजा जगतसिंह के साथ तय किया गया| उसी समय राजस्थान में आतंक का पर्याय […]

Maharani Jawahar Bai Rathore महारानी जवाहरबाई राठौड़

Maharani Jawahar Bai Rathore महारानी जवाहरबाई राठौड़

Maharani Jawahar Bai Rathore of Maharana Sanga, Chittorgarh गुजरात के बादशाह बहादुरशाह ने चितौड़ के किले को अपनी असंख्य सेना के बल पर घेर रखा था। उस वक्त मेवाड़ की राजगद्दी पर मेवाड़ के इतिहास का सबसे कमजोर, अयोग्य, कायर, क्षुद्रमति, विलासी राणा विक्रमादित्य आसीन था। अपने सरदारों के साथ उसका व्यवहार व आचरण ठीक […]

जालौर की हीरादे : राष्ट्रभक्ति का अनूठा उदाहरण

जालौर की हीरादे : राष्ट्रभक्ति का अनूठा उदाहरण

संवत 1368 (ई.सन 1311) मंगलवार बैसाख सुदी 5. को विका दहिया जालौर दुर्ग के गुप्त भेद अल्लाउद्दीन खिलजी को बताने के पारितोषिक स्वरूप मिली धन की गठरी लेकर बड़ी ख़ुशी ख़ुशी लेकर घर लौट रहा था| शायद उसके हाथ में इतना धन पहली बार ही आया होगा| चलते चलते रास्ते में सोच रहा था कि […]

जब राजपुतानियों के हाथों में तलवारें देख भागा था मेजर फोरेस्टर

जब राजपुतानियों के हाथों में तलवारें देख भागा था मेजर फोरेस्टर

सन 1803 में राजस्थान में जयपुर रियासत की ईस्ट इंडिया कम्पनी से मैत्रिक संधि व कुछ अन्य रियासतों द्वारा भी मराठों और पिंडारियों की लूट खसोट से तंग राजस्थान की रियासतों ने सन 1818ई में शांति की चाहत में अंग्रेजों से संधियां की| शेखावाटी के अर्ध-स्वतंत्र शासकों से भी अंग्रेजों ने जयपुर के माध्यम से […]

रानी कर्मवती और हुमायूं, राखी प्रकरण का सच

इतिहास में चितौड़ की रानी कर्मवती जिसे कर्णावती भी कहा जाता है द्वारा हुमायूं को राखी भेजने व उस राखी का मान रखने हेतु हुमायूं द्वारा रानी की सहायता की बड़ी बड़ी लिखी हुईं है. इस प्रकरण के बहाने हुमायूं को रिश्ते निभाने वाला इंसान साबित करने की झूंठी चेष्टा की गई| चितौड़ पर गुजरात […]

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