प्राचीन शेखावाटी प्रदेश में गुप्त काल

प्राचीन शेखावाटी प्रदेश में गुप्त काल

शेखावाटी प्रदेश में गुप्त काल : गुप्त सम्राटों के सत्ता में आने से पहले दूसरी शताब्दी ईस्वी में मत्स्य जनपद पर अनेक गणतंत्री कबीलों के शासन करते रहने के प्रमाण मिलते हैं, जिनमें आर्जुनायन मुख्य थे। विदिशा, पद्मावती और कांतिपुरी के नागों (भारशिवों) की भांति – यहां के शासक कुल भी पूर्ण रूपेण स्वतंत्र थे। […]

अपने प्रिय राजा के खिलाफ ही किया स्वतंत्रता आन्दोलन का शंखनाद

अपने प्रिय राजा के खिलाफ ही किया स्वतंत्रता आन्दोलन का शंखनाद

स्वतंत्रता आन्दोलन के पुरोधा कुंवर मदन सिंह राजावत  : जिस राजा की गोद में खेले उसी कि रियासत में किया स्वतंत्रता आन्दोलन का शंखनाद आज हम स्वतंत्रता आन्दोलन से जुड़ी एक ऐसी रोचक घटना की बात करेंगे जिस पर आप सहज विश्वास ही नहीं कर पायेंगे | स्वतंत्रता आन्दोलन के एक ऐसे पुरोधा की जानकारी […]

बिसाऊ किले का इतिहास

सन 1755 ई. में बना यह गढ़ अंग्रेजी हकुमत की आँखों की किरकिरी रहा | इसी गढ़ के एक शासक ने तुंगा युद्ध में मुकाबला कर जयपुर राज्य की स्वतंत्रता व प्रजा को महादाजी सिंधिया के कोप से बचाने के लिए वीरता प्रदर्शित कर अपने प्राणों की आहुति दी थी | यही नहीं, राजस्थान के […]

तिहावली किले का इतिहास

खंडहर में तब्दील होते जा रहे इस छोटे से किले के भी कभी सुनहले दिन थे | आस पास के कई गांवों पर इस किले से शासन चलता था | इसी किले में कभी कचहरी लगती थी, जिसमें यहाँ के ठाकुर अपने अधीन गांवों के निवासियों का न्याय करते थे और उनके सुख दुःख के […]

क्रांतिवीर डूंगजी जवाहरजी का भी सिंगरावट गढ़ से जुड़ा है इतिहास

सिंगरावट गढ़ : राजस्थान के शेखावत आँचल के सीकर जिला मुख्यालय से लगभग पचास किलोमीटर दूर ऐतिहासिक महत्त्व का यह गढ़ सिंगरावट कस्बे में स्थित है | सिंगरावट सीकर रियासत का गांव था, जहाँ सीकर के राजाओं ने चार बुर्जों का निर्माण करवाया था | जिसका उद्देश्य यहाँ कोई बड़ा गढ़ बनवाना था या फिर […]

राव शेखाजी व गौड़ों के मध्य घाटवा युद्ध : कारण और रणनीति

झूंथर सोलहवीं शताब्दी में गौड़ राजपूतों का एक शक्तिशाली केंद्र था | उस वक्त कोलराज गौड़ वहां का शासक था | जो स्वभाव से घमंडी, उदण्ड अव अभद्र प्रवृति का व्यक्ति था | वह अपनी स्मृति चिरस्थाई करने के लिए एक कोलोलाव नाम से एक तालाब बनवा रहा था | उसने नियम बना रखा था […]

वीर शिरोमणि राव शेखाजी : निर्वाण दिवस पर विशेष

आज का दिन यानी अक्षय तृतीया शेखावत वंश व शेखावाटी के प्रवर्तक वीरवर महाराव शेखाजी का निर्वाण दिवस है | महाराव शेखाजी का जन्म विजयादशमी वि. सं. 1490 में बरवाडा व नान अमरसर के शासक मोकलजी की रानी निरबाण जी के गर्भ से हुआ था | राव शेखाजी को इतिहास में नारी सम्मान का रक्षक […]

कुचामन फोर्ट का प्रवेश द्वार पंच पोळ

ऊँची पहाड़ी पर बने कुचामन किले में बैक गियर में चलती जीप ने हमें किले के मुख्य द्वार पर छोड़ा | द्वार के बाहर एक तरफ पहाड़ीनुमा दीवार पर गणेश जी का छोटा सा मंदिर बना है, पर्यटक इसी मंदिर में गणेश जी को प्रणाम कर किले के मुख्य द्वार से किले में प्रवेश करता […]

शेखागढ़ अमरसर : राव शेखाजी का किला अमरसर

शेखागढ़ अमरसर : साम्प्रदायिक सौहार्द और नारी सम्मान के प्रतीक राव शेखाजी का शेखागढ़ राजस्थान के अमरसर में स्थित है | अमरसर जयपुर से लगभग 60 किलोमीटर व जयपुर दिल्ली राजमार्ग पर शाहपुरा से लगभग 16 किलोमीटर दूर है| किले के मुख्यद्वार में प्रवेश करते ही खाली मैदान नजर आता है, और बायीं तरफ फिर […]

Bathoth Fort History बठोठ का इतिहास

Bathoth Fort History  : इस छोटे से खुबसूरत किले का भी अपना गौरवशाली इतिहास है| शेखावाटी के प्रसिद्ध क्रांतिवीर डूंगर सिंह शेखावत और लोठू जाट का इस किले से सम्बन्ध रहा है| क्रांतिवीर लोठू जाट बठोठ गांव में ही रहता था, बठोठ गांव के बाहर ही जाट समाज ने क्रांतिवीर लोठू जाट की बड़ी सी […]

1 2 3 19