जयचंद की गद्दारी पर इतिहासकार डा. गणेशप्रसाद बरनवाल ने ये लिखा

जयचंद की गद्दारी पर इतिहासकार डा. गणेशप्रसाद बरनवाल ने ये लिखा

पूरे भारतवर्ष में जनश्रुति प्रचलित है कि सम्राट पृथ्वीराज के खिलाफ युद्ध के लिए गौरी को कन्नौज नरेश जयचंद गहड़वाल ने बुलाया था| लेकिन हम जब भी कोई इतिहास पढ़ते है तो पाते है कि गौरी को जयचंद द्वारा बुलाने की बात कहीं भी लिखी नहीं पाते| इसी मुद्दे पर इतिहासकार डा. गणेशप्रसाद बरनवाल अपनी […]

राजा मानसिंह और अकबर : एक दूसरे का साथ देने की ये थी मजबूरियां

आमेर के राजा भारमल द्वारा अकबर के साथ संधि करने के समय उनके पौत्र कुंवर मानसिंह की आयु महज 12 वर्ष थी| इसी आयु में मानसिंह का अकबर की सेना में प्रवेश हो गया था| देखा जाय तो मानसिंह अकबर के दरबार व सैन्य माहौल में ही बड़े हुए| बावजूद उन्हें अपने स्वधर्म में पूर्ण […]

 बच्चों को शिक्षा में सहयोग देने का अनूठा तरीका था इस राजा का

आधुनिक सीकर के निर्माता व सीकर के अंतिम Rao Raja Kalyansingh ji ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया था| देशी रियासतों के विलीनीकरण के बाद भी रावराजा कल्याणसिंह जी ने क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार के लिए अपनी निजी संपत्तियां दिल खोलकर दान की थी| सीकर में श्री कल्याण सीनियर […]

इस राजा ने अकबर पर तलवार से किया था हमला

इस राजा ने अकबर पर तलवार से किया था हमला

मुग़ल बादशाह अकबर ने भारत की कुछ देशी रियासतों को छोड़कर ज्यादातर से संधि कर अपनी अधीनता स्वीकार करवा ली थी| लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि बादशाह अकबर उन राजाओं पर अपनी हर मर्जी थोप देता था, या फिर भी वे राजा बादशाह अकबर की हर बात गर्दन झुकाकर मान लेते थे| बादशाह […]

इन वीरों ने शेखावाटी में ख़त्म किया था मुस्लिम राज्य

इन वीरों ने शेखावाटी में ख़त्म किया था मुस्लिम राज्य

शेखावाटी के फतेहपुर, झुंझुनू व आस-पास के इलाके पर कायमखानी मुस्लिम शासकों की कई छोटी-बड़ी नबाबियाँ थी| आपको बता दें कायमखानी मुसलमानों की रगों में चौहानवंशी राजपूती खून दौड़ रहा है, यानी कायमखानी मुसलमान पहले चौहान राजपूत थे, पर उनके पूर्वज करमचंद द्वारा मुस्लिम धर्म स्वीकार कर अपना नाम कायमखान रखने के बाद उसकी संतिति […]

क्या सम्राट अकबर को ब्राह्मणों ने विष्णु अवतार घोषित किया था ?

क्या सम्राट अकबर को ब्राह्मणों ने विष्णु अवतार घोषित किया था ?

मुग़ल सम्राट अकबर को लेकर आज तगड़ा भ्रम फैला है| पुराने इतिहासकारों ने उसे धार्मिक रूप से सहिष्णु व सबको साथ लेकर चलने वाला महान बादशाह लिखा है| यह सच है कि यदि अकबर धार्मिक रूप से सहिष्णु नहीं होता तो राजपूतों राजाओं के साथ उसकी संधियाँ नहीं निभती| पर आजकल भारत में धार्मिक तौर […]

शिवभक्त व कृष्ण का प्रशंसक था यह मुग़ल बादशाह

शिवभक्त व कृष्ण का प्रशंसक था यह मुग़ल बादशाह

शीर्षक पढ़कर आपका चौंकना लाजमी है कि कट्टर साम्प्रदायिक सोच रखने वाला कोई मुस्लिम बादशाह शिवभक्त कैसे हो सकता है? पर कर्नल टॉड द्वारा लिखित राजस्थान के इतिहास की बात माने तो एक मुग़ल बादशाह कृष्ण की आराधना का प्रशसंक था और उसका खुद का झुकाव शिव की आराधना के प्रति अधिक था| यही इस […]

इस हिन्दू वीर ने यूँ की थी बादशाह अकबर की अंतिम इच्छा पूर्ति

मुग़ल बादशाह अकबर के धार्मिक कट्टरपन व चरित्रहनन को लेकर आज बहुत कुछ लिखा जा रहा है, लेकिन इतिहास में उसका चित्रण अलग रूप में है| अकबर ने “दीन ए इलाही” नाम से एक अलग धर्म चलाने की असफल कोशिश की थी, जो साफ़ जाहिर करता है कि वह इस्लाम का कट्टर अनुयायी नहीं था| […]

प्रकृति की सुरम्य वादियों में चौहान राजाओं ने बनाया था यह किला

प्रकृति की सुरम्य वादियों में चौहान राजाओं ने बनाया था यह किला

History of Khandar Fort  : पर्वत श्रृंखलाओं के मध्य, नदियों, नहरों से घिरे अथाह जलराशि वाले तालाबों से आवृत, हरियाली से आच्छादित प्रकृति माँ की गोद में अद्भुत सुरक्षा कवच से ढके खण्डार के दुर्ग में गिरी व वन दुर्ग के दोनों गुण विद्यमान हैं| समुद्र तल से लगभग 500 मीटर तथा भूतल से लगभग […]

अकाल राहत की मजदूरी रोकने पर इस सामंत ने अपने भतीजे को दी ये कड़ी सजा

अकाल राहत की मजदूरी रोकने पर इस सामंत ने अपने भतीजे को दी ये कड़ी सजा

आजादी के सामंतों पर के खिलाफ तरह तरह के दुष्प्रचार किये, जिनमें गरीब के शोषण का आरोप प्रमुख रहा, लेकिन इतिहास में ऐसे कई घटनाक्रम मिलते है जिन्हें पढ़कर सामंतों की गरीबों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता और संवेदनशीलता का पता चलता है| राजस्थान में अक्सर अकाल पड़ते रहते थे| अकाल के समय रियासत के राजा, […]

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