जयपुर वासियों ने यूँ सिखाया था मराठों को सबक

जयपुर वासियों ने यूँ सिखाया था मराठों को सबक

जयपुर पर हमला करने आये मराठों को जयपुर की जनता के रोष का सामना करना पड़ा और देखते देखते ही जयपुर की जनता ने मारकाट मचाकर डेढ़ दो हजार मराठों को मार दिया | इसके बाद डेढ़ वर्ष तक राजपुताना में लूटने व चौथ वसूली करने के लिए आने वाले मराठा दस्तों का आना रुक […]

इसलिए नहीं लड़ा था महाराजा सूरजमल ने पानीपत युद्ध

फिल्म पानीपत को लेकर पिछले कई दिनों से भरतपुर के जाट महाराजा सूरजमल मीडिया की सुर्ख़ियों में है | आरोप है कि फिल्म में सूरजमल को लालची दिखाया गया और सोशियल मीडिया में वायरल हो रहे फिल्म के दृश्य में भी महाराजा सूरजमल मराठों से पानीपत युद्ध में सहायता देने के बदले आगरा का किला […]

जोधपुर किले का इतिहास History of Jodhpur Fort

रणबंका राठौड़ों की नगरी जोधपुर में, किसी ओर से भी प्रवेश करने पर कोसों दूर से चिड़ियानाथ पहाड़ी पर धरती का लाडला, मेहरानगढ़ दूर से चमकता दिखाई देता है | जोधपुर में सूरज की सर्वाधिक किरणें पड़ती है अंत: सूरज की रौशनी में नहाये किले की चमक देखते ही बनती है | धरातल से 121 […]

Kuchaman Fort History कुचामन का किला

Kuchaman Fort History कुचामन का किला

Kuchaman Fort History वीरता और शौर्य का प्रतीक यह किला एक विशाल और ऊँची पहाड़ी पर बना है, जो गिरि दुर्ग का सुन्दर उदाहरण है । उन्नत प्राचीर और सुदृढ़ बुर्जों वाला यह किला प्राचीन भारतीय शिल्प शास्त्रों में वर्णित दुर्ग स्थापत्य के आदर्शों के अनुरूप निर्मित जान पड़ता है । नागौर जिले की नावां […]

कमाल कर दिया था शेखावाटी के इस मीणा क्रांतिवीर ने

कमाल कर दिया था शेखावाटी के इस मीणा क्रांतिवीर ने

शेखावाटी ब्रिगेड के झुंझुनू स्थित मुख्यालय पर क्रांतिवीर दुल्हेसिंह शेखावत का कटा शीश लटका रहा था, तो दूसरी और क्रांतिकारी दुल्हेसिंह शेखावत के गांव गुडा में क्रांतिवीर का सिर लाने और मेजर फोरेस्टर का घमण्ड चूर करने के लिए कई क्रांतिवीर बड़े से बड़े बलिदान देने की तैयारी कर रहे थे| आपको बता दें राजस्थान […]

इन तत्वों ने खोदी जाट राजपूत जातियों के मध्य खाई

इन तत्वों ने खोदी जाट राजपूत जातियों के मध्य खाई

इन तत्वों ने खोदी जाट राजपूत जातियों के मध्य खाई : राजस्थान के इतिहास में जाट राजपूत एक दूसरे के पूरक रहे हैं| राजपूत जहाँ शासन व सुरक्षा व्यवस्था सँभालते थे, वहीं जाट कृषि कार्य करते थे| चूँकि हमारा देश कृषि प्रधान देश है अंत: राजस्थान की भी अर्थव्यवस्था कृषि पर ही निर्भर थी और […]

जब सवाई जयसिंहजी ने खाया सीकर का खीचड़ा

जब सवाई जयसिंहजी ने खाया सीकर का खीचड़ा

जब सवाई जयसिंहजी ने खाया सीकर का खीचड़ा : किसी भी युद्ध में हथियारों की आपूर्ति के साथ सैनिकों के भोजन की आपूर्ति सबसे महत्वपूर्ण होती है | एक स्थानीय कहावत है कि “भूखे भजन नहीं होत गोपाला” | यह कहावत युद्धरत सैनिकों पर भी लागू होती है, भूखे रहकर सैनिक कितने दिन युद्धरत रह […]

दुश्मनी मिटाने के बदले मिला था सीकर और बना रियासत की राजधानी

दुश्मनी मिटाने के बदले मिला था सीकर और बना रियासत की राजधानी

खंडेला के राजा के राजा रायसल दरबारी के पुत्र तिरमलजी को सम्राट अकबर ने उनकी वीरता से प्रभावित होकर राव की पदवी और कासली व नागौर का पट्टा दिया था| पर शहजादा सलीम व अमीर खुसरो के मध्य दिल्ली की गद्दी को लेकर हुए विवाद में नागौर तिरमलजी के हाथ से निकल गई| कुछ समय […]

इस योद्धा को घोड़ी का नाम शेखावती रखना पड़ गया था भारी

इस योद्धा को घोड़ी का नाम शेखावती रखना पड़ गया था भारी

राजस्थान के एक योद्धा को एक घोड़ी का नाम शेखावती रखना भारी पड़ गया था | इतिहासकारों के अनुसार खाटू के इंद्रभाण जोधा बादशाही सेवा में थे| माधोदास व उनके पुत्र सूरसिंह बादशाही इलाकों में लूटपाट करते थे| इंद्रभाण जोधा बादशाह की ओर से सूरसिंह को पकड़ने आया| आपसी मुठभेड़ में इंद्रभाण जोधा के हाथों […]

तोप के गोले भी नहीं तोड़ पाए थे लकड़ी के इन किंवाड़ों को

किसी भी घर, दफ्तर या ईमारत की सुरक्षा के लिए दरवाजों का सबसे बड़ा महत्त्व है | प्राचीन काल से ही आम व्यक्ति से लेकर राजा-महाराजा तक सुरक्षा के लिए अपने मकानों, महलों, किलों के दरवाजों की मजबूती का विशेष ध्यान रखते थे | आप किसी भी किले के दरवाजों की मजबूती देखकर उनकी महत्ता […]

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