चारण के सामने हंसी उड़ाना महंगा पड़ा था इस राजा को

चारण के सामने हंसी उड़ाना महंगा पड़ा था इस राजा को

 राजपूताने के राजाओं के पास चारण रहते थे| जो बहुत ही बुद्धिजीवी, कवि व साहित्यकार होते थे| बड़े बड़े राजा इन चारण कवियों के डरते थे, क्योंकि राजपूत काल में चारणों को अभिव्यक्ति की पूरी आजादी थी और वे अपनी इसी अभिव्यक्ति की आजादी के उपयोग करते हुए किसी भी राजा को खरी खोटी सुना […]

बीकानेर राज्य का इतिहास History of Bikaner Princely State

बीकानेर राज्य का इतिहास History of Bikaner Princely State

बीकानेर राज्य जो जांगलू प्रदेश के नाम से भी इतिहास में जाना जाता है, राजपूताने की 21 रियासतों में महत्त्वपूर्ण था| इस राज्य की स्थापना मारवाड़ के शासक राव जोधा के पितृभक्त पुत्र राव बीका ने 15 वीं सदी में की थी| राव बीका वीर, नीतिज्ञ और कुशल प्रशासक थे, उन्होंने अपने बाहुबल से जांगलू […]

इस राजपूत रियासत के राजा का राजतिलक होता है जाट के हाथों

इस राजपूत रियासत के राजा का राजतिलक होता है जाट के हाथों

सोशियल मीडिया में कुछ जाट-राजपूत युवा आपस में एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए एक दूसरी जाति के राजाओं के प्रतिकूल टिप्पणियाँ करते अक्सर पढ़े जा सकते है| पर उन्हें मालूम ही नहीं कि कथित आजादी यानी सत्ता हस्तांतरण के बाद ही वोट बैंक की राजनीति ने दोनों जातियों के मध्य कटुता बढ़ाई है| […]

पत्नी को ताना देना भारी पड़ गया था सारण जाट पूला को

पत्नी को ताना देना भारी पड़ गया था सारण जाट पूला को

बीकानेर की स्थापना से पहले आज के बीकानेर के आस-पास उत्तर-पूर्व के कई गांवों पर गोदारा, सारण, बेनीवाल, पूनिया आदि गोत्रों के जाटों का अधिकार था| वे कृषि के साथ अपनी सुरक्षा भी खुद ही करते थे| उन दिनों शेखसर का जाट पांडू गोदारा बड़ा दानी था| उसकी दानशीलता के चर्चे थे| एक दिन पांडू […]

अमीर खुसरो ने दिए थे गोरा बादल द्वारा की गई कमाण्डो कार्यवाही के ये संकेत

पद्मावती फिल्म विवाद में भंसाली के पक्ष में उतरे कथित सेकुलर इतिहासकार दावा करते है कि 1540 ई. से पहले इस कहानी के कोई ऐतिहासिक तथ्य नहीं मिलते| लेकिन जो तथ्य है, उन पर ये कथित इतिहासकार आँखे मूंदे है, क्योंकि ये तथ्य मानते ही उनका भारतीय संस्कृति व स्वाभिमान पर चोट करने का वामपंथी […]

ये व्यक्ति था रानी पद्मिनी के जौहर का प्रत्यक्षदर्शी

ये व्यक्ति था रानी पद्मिनी के जौहर का प्रत्यक्षदर्शी

कथित सेकुलर इतिहासकार, पत्रकार भंसाली के पक्ष में रानी पद्मिनी के इतिहास को काल्पनिक बताने के लिए भले कितनेही चिल्लाये पर पर यह नग्न सत्य है कि अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ कर आक्रमण किया था| चित्तौड़ लेने की उसकी मंशा बेशक आर्थिक, राजनैतिक, कुटनीतिक थी| पर राघव चेतन द्वारा भड़काये जाने पर खिलजी की राजनैतिक […]

रानी पद्मावती की कहानी के पात्रों का सच इतिहास की नजर में

रानी पद्मावती की कहानी के पात्रों का सच इतिहास की नजर में

रानी पद्मावती फिल्म पर विवाद के बाद वामपंथी इतिहासकार व इसी सोच वाली पत्रकार टीवी चैनलों पर बहस छेड़े है कि रानी पद्मावती, रावत रत्नसिंह, गोरा बादल, राघव चेतन काल्पनिक किरदार है, जायसी के दिमाग की उपज है| इसमें इन तत्वों को दो फायदे है, एक भंसाली से मोटा पैसा मिल जायेगा, दूसरा भारतीय संस्कृति […]

यहाँ के वीरों के आगे भी भागी थी हुमायूँ की सेना

यहाँ के वीरों के आगे भी भागी थी हुमायूँ की सेना

मुग़ल शासकों ने भारत में अपने राज्य की जड़ें ज़माने व उसे मजबूत करने के उद्देश्य से हर छोटे-बड़े राज्य को अधीन करने के लिए सेनाएं भेजी| इसी श्रंखला में हुमायूँ की नजर राव शेखाजी द्ववारा स्थापित नवराज्य शेखावाटी पर पड़ी| हुमायूँ ने शेखावाटी के शासक राव रायमल जी के अपने सन्देश वाहक भेजकर कहलाया […]

युद्ध भूमि में अमल की मनुहार और दो विरोधी बन गए रिश्तेदार

युद्ध भूमि में अमल की मनुहार और दो विरोधी बन गए रिश्तेदार

राजस्थान का इतिहास भी ऐसी ऐसी विचित्र घटनाओं व कहानियों से भरा पड़ा है, जो यहाँ के वीरों के ऊँचे चरित्र से रूबरू करवाता है| ऐसी घटनाएँ राजस्थान के इतिहास में ही मिल सकती है कि दो पक्षों में युद्ध हो रहा हो, और शाम को युद्ध बंद होने के बाद विरोधी योद्धा एक साथ […]

इस राजकुमारी ने की थी एक वीर से प्रणय की जिद

इस राजकुमारी ने की थी एक वीर से प्रणय की जिद

लड़कियों द्वारा अपनी पसंद के लड़कों के साथ प्रणय की जिद करना कोई नई बात नहीं है| हार काल में ऐसे मामलों से माता-पिता को सामना करना पड़ा है| ऐसी ही घटना शेखावत वंश और शेखावाटी के प्रवर्तक राव शेखाजी से जुड़ी है| राव शेखाजी की वीरता से प्रभावित होकर उनसे शादी करने की एक […]

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