रजलानी गांव की ऐतिहासिक बावड़ी का इतिहास

जोधपुर जिले की भोपालगढ़ तहसील में पड़ता है रजलानी गांव और इसी गांव में बनी है एक ऐतिहासिक बावड़ी | इस बावड़ी का निर्माण जोधपुर के राजा मालदेव के सेनापति राव जैत्रसिंह ने करवाया था | राव जेत्र्सिंह को इतिहास में राव जेता के नाम से जाता है | इतिहासकार बताते हैं कि सुमेलगिरी युद्ध […]

राणोली फोर्ट का इतिहास History of Ranoli Fort

राणोली फोर्ट का इतिहास : शेखावाटी आँचल के सीकर जिले मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर है राणोली गांव | यह गांव सीकर जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग व रेलवे लाइन पर पड़ता है | रणोली शिशु के नाम से यहाँ रेलवे स्टेशन है | गांव में जाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के पास रेलवे लाइन के […]

ठाकुर सूरजमल, बिसाऊ : मांडण युद्ध के योद्धा

ठाकुर सूरजमल, केशरीसिंह शार्दूलसिंहोत के पुत्र और ठिकाना बिसाऊ के शासक थे। वे एक वीर योद्धा थे। माण्डण के युद्ध में अपने बड़े भ्राता हणूंतसिंह के साथ उन्होंने भी भाग लिया। युद्ध में वे बड़ी वीरता से लड़े भागती हुई शाही सेना का कोसों तक पीछा करके उसे अत्यधिक हानि पहुंचाई। मोरचों से शाही सेना […]

ठाकुर शिवनाथसिंह आसोप : स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा

ठाकुर शिवनाथसिंह आसोप : राजस्थान के राजाओं की अंग्रेजों के साथ संधियाँ थी | इन संधियों के कारणों पर “शेखावाटी प्रदेश का राजनैतिक इतिहास” में लिखा है –“मराठों और पिंडारियों की लूट खसोट से तंग आकर न चाहते हुए भी राजस्थान के राजाओं ने ईस्ट इण्डिया कम्पनी से वि.सं. 1875 में संधियाँ कर ली |(पृष्ठ- […]

आसोप के कूंपावतों का गुरुद्वारा है गोपालजी का यह मंदिर

मारवाड़ का आसोप ठिकाना अनेक वीरों की जन्मस्थली व कर्मस्थली रहा है, तो संतों की तपोभूमि भी रहा है | आसोप में प्राचीनकाल से चार तालाब बने और चारों ही किसी संत या देवता से जुड़े है | आसोप का प्रमुख नौसर तालाब तो संतों व वीरों का संगम स्थल है | तालाब के किनारे […]

निशान सिंह : अंग्रेजों का काल | स्वतंत्रता समर के योद्धा

निशान सिंह  : चारों तरफ अंग्रेज सैनिक खड़े थे। सूरज अपने चरम पर था। एक विशाल हवेली का प्रांगण भीड़ से भरा हुआ था। भीड़ में डरे सहमे लोग भवन के मुख्य द्वार की तरफ टकटकी लगाये देख रहे थे। तभी कुछ अंग्रेज सैनिक एक पुरुष को जकड़े हुये भवन में से निकलते हैं। वीर […]

ठाकुर कुशालसिंह आउवा : स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा

ठाकुर कुशालसिंह आउवा देश की स्वतंत्रता के लिए सन 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ की गई शस्त्र क्रांति करने वाले क्रांतिकारियों में प्रमुख व्यक्ति थे | ठाकुर कुशालसिंह जी जोधपुर रियासत के आउवा ठिकाने के जागीरदार थे | ठाकुर कुशालसिंह चांपावत राठौड़ थे और जोधपुर रियासत के प्रथम श्रेणी के जागीरदार थे | इन्होंने मारवाड़ […]

कौन था सीकर का वीरभान Veerbhan ka Bas Sikar

सीकर का वीरभान : सीकर शेखावाटी का एक महत्त्वपूर्ण ठिकाना था | इस ठिकाने पर कछवाह वंश के राव तिरमलजी शेखावत के वंशजों का आजादी पूर्व शासन था | राव तिरमलजी के वंशज रावजी का शेखावत कहलाते हैं | सीकर से पूर्व राव तिरमलजी के वंशजों की राजधानी पहले कासली और बाद में दूजोद रही […]

ठाकुर भाखरसिंह कूंपावत गजसिंहपुरा के भौमिया महाराज

ठाकुर भाखरसिंह कूंपावत : गजसिंहपुरा गांव के तालाब किनारे एक छतरी के रूप स्मारक बना है | इस छतरी के मध्य घोड़े पर सवार एक योद्धा की प्रतिमा बनी है, प्रतिमा में योद्धा के घोड़े के आगे एक महिला की भी छवि बनी है | गजसिंहपुरा गांव के रहने वाले ठाकुर सुमेरसिंह कूंपावत के अनुसार […]

गजसिंहपुरा फोर्ट का इतिहास Gajsingh Pura Fort Jodhpur

गजसिंहपुरा फोर्ट : गजसिंहपुरा फोर्ट में रहने वाले ठाकुर सुमेरसिंह कूंपावत के अनुसार गजसिंहपुरा जोधपुर के महाराजा गजसिंह जी प्रथम ने बसाया था | सुमेरसिंहजी के अनुसार उस वक्त इस क्षेत्र के जंगल में पानी व चारे की अच्छी उपलब्धता थी | यहाँ कहीं से भटक कर आये घोड़े घोड़ियों पानी व घास के जंगल […]

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