तंवर वंश की कुलदेवी : चिलाय माता

तंवर वंश की कुलदेवी : चिलाय माता

लेखक : करण सिंह तंवर तु संगती तंवरा तणी चावी मात चिलाय! म्हैर करी अत मात थूं दिल्ली राज दिलाय!! चिलाय माता की तंवर वंश कुलदेवी के रूप में पूजा आराधना करता है। इतिहास में तंवरों की कुलदेवी के अनेक नाम मिलते हैं जैसे चिलाय माता, जोग माया (योग माया), योगेश्वरी (जोगेश्वरी), सरूण्ड माता, मनसादेवी […]

Jamwai Mata शेखावत, राजावत, नारुका कच्छवाहों की कुलदेवी

Jamwai Mata : ११ दिसंबर २०१२ को भानगढ़ जाते समय जमवा रामगढ़ बांध जिसका कभी जयपुर की प्यास बुझाने के लिए निर्माण किया गया था को पानी की कमी से सुखकर खुद प्यासे देख मन बहुत विचलित हुआ| वहां से आगे चलते हुए बांध की हालात और उसके जिम्मेदार प्रभावशाली लोगों द्वारा बांध के डूब […]

भक्तों की मनसा पूर्ण करती – मनसा माता

भक्तों की मनसा पूर्ण करती – मनसा माता

उदयपुर (शेखावाटी) तहसील मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर खोह- गुड़ा ग्राम के पहाड़ो में मनसा माता Mansa mata पीठ स्थित है| मनसा देवी का मंदिर जीवन के तामझाम व कोलाहल से दूर प्रकृति माँ की गोद में “खोह“ से लगभग 5 किलोमीटर दूर पश्चिम दिशा में गगन चुंबी पर्वत श्रंखलाओं की गोद में विराजमान […]

पाबूजी राठौड़ : जिन्होंने विवाह के आधे फेरे धरती पर व आधे फेरे स्वर्ग में लिए

पाबूजी राठौड़ : जिन्होंने विवाह के आधे फेरे धरती पर व आधे फेरे स्वर्ग में लिए

फेरां सुणी पुकार जद, धाडी धन ले जाय | आधा फेरा इण धरा , आधा सुरगां खाय || उस वीर ने फेरे लेते हुए ही सुना कि दस्यु एक अबला का पशुधन बलात हरण कर ले जा रहे है| यह सुनते ही वह आधे फेरों के बीच ही उठ खड़ा हुआ और तथा पशुधन की […]

जीण माता मंदिर धाम, शेखावाटी : जन-आस्था का केंद्र

जीण माता मंदिर धाम, शेखावाटी : जन-आस्था का केंद्र

जीण माता का मंदिर राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में अरावली पर्वतमाला के निम्न भाग में सीकर से लगभग 30 कि.मी. दूर दक्षिण में सीकर जयपुर राजमार्ग पर गोरियां रेलवे स्टेशन से 15 कि.मी. पश्चिम व दक्षिण के मध्य स्थित है | यह मंदिर तीन पहाडों के संगम में 20-25 फुट की ऊंचाई पर स्थित है […]

जहाँ मन्नत मांगी जाती है मोटरसाईकिल से ! Om Bana Dham

लोगों की आस्था का केंद्र लोक देवता ओम बना धाम विविधताओं से भरे हमारे देश में देवताओं, इंसानों, पशुओं, पक्षियों व पेड़ों की पूजा अर्चना तो आम बात है लेकिन हम यहाँ एक ऐसे स्थान की चर्चा करने जा रहा है जहाँ इन्सान (Om Bana) की मौत के बाद उसकी पूजा के साथ ही साथ […]

मेवाड के आराध्‍य सगसजी बावजी

Bhupendra Singh Chundawatबलिदानों की धरती मेवाड में वीरों के पूजन की परंपरा रही है। उदयपुर में सगसजी सुल्तानसिंहजी से लेकर अन्य कई क्षत्रिय वीरों को सगसजी के रूप में पूजा जाता है। ये लोक देवता के रूप में मान्य हैं। श्रावण के शुक्ल पक्ष के पहले शुक्रवार को एक साथ सगसजी के जन्मोत्सव मनाया जाता […]