पुण्डीर व दाहीमा क्षत्रियों की कुलदेवी दधिमती माता

पुण्डीर व दाहीमा क्षत्रियों की कुलदेवी दधिमती माता

दधिमती माता मंदिर : भारतीय स्थापत्यकला एवं मूर्तिकला का गौरव, प्रतिहारकालीन मंदिर स्थापत्य मूर्तिकला का सुन्दर उदाहरण, प्राचीन भारतीय वास्तुकला की उत्कृष्ट कला का प्रतिनिधित्व करता, दधिमती माता का मंदिर राजस्थान के नागौर जिले के जायल कस्बे के पास गोठ मांगलोद गांव में स्थित है। महामारू शैली का श्वेत पाषाण से निर्मित शिखरबद्ध यह मंदिर […]

करणी माता मंदिर देशनोक बीकानेर

करणी माता मंदिर देशनोक बीकानेर

करणी माता मंदिर  : राजस्थान के बीकानेर शहर से 32 किलोमीटर दूर दक्षिण दिशा में बीकानेर नागौर सड़क मार्ग पर देशनोक बसा हुआ है। इसी देशनोक में विश्व में चूहों वाले मंदिर के नाम विख्यात, शक्ति के उपासकों का श्रद्धास्थल, गौसेवा व शक्ति की प्रतीक श्री करणी माता का मंदिर है। श्री करणी मढ देशनोक […]

सामाजिक समरसता के प्रतीक लोक देवता बाबा रामदेव पीर

सामाजिक समरसता के प्रतीक लोक देवता बाबा रामदेव पीर

Lok Devta Baba Ramdev, Runicha भारत की इस पवित्र धरती पर समय समय पर अनेक संतों, महात्माओं, वीरों व सत्पुरुषों ने जन्म लिया है। युग की आवश्कतानुसार उन्होंने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व के बल से, दुखों से त्रस्त मानवता को दुखों से मुक्ति दिला जीने की सही राह दिखाई। 15 वीं शताब्दी के आरम्भ में […]

लोक देवता हड़बू जी सांखला

लोक देवता हड़बू जी सांखला

राजस्थान के जन मानस में लोक देवताओं का बहुत महत्त्व है| इन लोक देवताओं के प्रति जन मानस में अटूट विश्वास का ही कमाल है कि इन लोक देवताओं के स्थान पर विभिन्न जातियों, वर्गों, सम्प्रदायों के लोग बिना किसी भेदभाव, छुआछुत के एक साथ एकत्र होकर अनेकता के एकता प्रदर्शित कर जातीय व साम्प्रदायिक […]

बिश्नोई समाज के प्रवर्तक संत जाम्भोजी पंवार

बिश्नोई समाज के प्रवर्तक संत जाम्भोजी पंवार

Bishnoi community promoter saint Jambhoji Panwar history in Hindi राजस्थान की वीर प्रसूता भूमि में सिर्फ वीर ही नहीं, कई ऐसे संतों ने भी जन्म लिया जिन्होंने भक्ति, ईश्वर साधना, आत्मबोध के साथ ही तत्कालीन समाज में फैली बुराइयों को जड़ से समाप्त करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कार्य किये|  इन संतों को उनके सुकृत्यों […]

संत रावल मल्लीनाथ जी

Sant Rawal Mallinath Rathore, Malani History in Hindi संत रावल मल्लीनाथ जी राजस्थान की वीर प्रसूता भूमि पर समय समय कई वीर योद्धाओं, संतो, साहित्यकारों, भक्तों ने जन्म लिया. ऐसे ही पश्चिम राजस्थान के मालाणी आँचल में एक ऐसे शासक ने जन्म लिया जिसने अपनी वीरता, शौर्य एवं चातुर्य गुणों का प्रदर्शन कर अपना खोया राज्य […]

लोकदेवता वीर तेजोजी

लोकदेवता वीर तेजोजी

Lok Devta Vir Tejaji पर राजस्थानी भाषा के मूर्धन्य साहित्यकार, इतिहासकार श्री सौभाग्यसिंह जी शेखावत की कलम से …………….. ‘इण धरती रा ऊपज्या तीतर नह भाजन्तं’ रा बिड़दावरी मैंमा वाळी राजस्थान री भौम सदा सूं ई आगौलग सूरां पूरां जूझारां री जणैता कहिजै है। राजस्थान रा धोरां टीबां, खाळ-वाळ नै भाखर-डहरां में कुंण जाणै कितरा […]

Ashapura Mata चौहान वंश की कुलदेवी आशापुरा माता

Ashapura Mata चौहान वंश की कुलदेवी आशापुरा माता

Ashapura Mata : नाडोल शहर (जिला पाली,राजस्थान) का नगर रक्षक लक्ष्मण हमेशा की तरह उस रात भी अपनी नियमित गश्त पर था। नगर की परिक्रमा करते करते लक्ष्मण प्यास बुझाने हेतु नगर के बाहर समीप ही बहने वाली भारमली नदी के तट पर जा पहुंचा। पानी पीने के बाद नदी किनारे बसी चरवाहों की बस्ती पर […]

कुलदेवी क्षेमंकरी (खीमज) माता

कुलदेवी क्षेमंकरी (खीमज) माता

Khimaj Mata Bhinmal क्षेमाचर्या क्षेमंकारी देवी जिसे स्थानीय भाषाओं में क्षेमज, खीमज, खींवज आदि नामों से भी पुकारा व जाना जाता है। इस देवी का प्रसिद्ध व प्राचीन मंदिर राजस्थान के भीनमाल कस्बे से लगभग तीन किलोमीटर भीनमाल खारा मार्ग पर स्थित एक डेढ़ सौ फुट ऊँची पहाड़ी की शीर्ष छोटी पर बना हुआ है। […]

लोक देवताओं का महत्त्व

लोक देवताओं का महत्त्व

भारत में लोक देवताओं (Lok Devta) की अपनी अलग ही भूमिका और महत्त्व रहा है. खासकर राजस्थान में लोकदेवताओं की मान्यता और उनके प्रति जन मानस में अटूट विश्वास रहा है और वर्तमान में भी है. राजस्थान में ऐसे बहुत से महापुरुष हुए जिन्होंने अपने सद्कर्मों से समय समय पर जनता को अच्छे संदेश दिए. […]