इसलिए आज भी स्थानीय लोगों द्वारा पूजे जाते हैं सामंत अलखाजी

अलखाजी रियासती काल में शेखावाटी के एक छोटे से जमींदार थे | उनके अधीन महज कुछ गांव ही थे, पर उन्होंने ऐसा क्या किया कि लोग आज भी जगह जगह उनके पगलिये यानी पैरों के निशानों की पूजा करते हैं | इस लेख में आज हम अलखा जी के बारे में जानकारी देंगे और साथ […]

लोक देवता हड़बूजी सांखला

लोक देवता हड़बूजी सांखला

शक्ति और भक्ति के संगम हड़बूजी (नागौर) के महाराज सांखला के पुत्र और राव जोधाजी (1438-89 ई.) के समकालीन थे। पिता की मृत्यु के पश्चात् ये फलौदी के गाँव हरभजमाल में रहने लगे जहाँ इन्होंने बालीनाथ जी से दीक्षा ली। लोक-देवता रामदेवजी हड़बूजी के मौसी के बेटे भाई थे। रामदेवजी ने जब समाधि ली तो […]

इस देवी ने दिखाया था मुग़ल सेना को चमत्कार

सन 1679 के मार्च  महीने में मुगल सेना देवी के इस मंदिर को तोड़ने के लिए जूझ रही थी | मंदिर को बचाने के लिए मुग़ल सेना का प्रतिरोध करने वाले योद्धा भी नहीं थे, बावजूद मुग़ल सेना का मंदिर तोड़ने का मनसुबा सफल नहीं हो रहा था | जबकि इससे पूर्व खंडेला, हर्षनाथ व […]

अम्बिकेश्वर महादेव आमेर के कछवाह राजवंश के कुलदेवता

अम्बिकेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर आमेर में स्थित है| अम्बिकेश्वर महादेव कछवाह राजवंश के कुलदेवता है| यानी शेखावत, राजावत, नरुका, खंगारोत, कुम्भावत, क्ल्यानोत आदि कछवाह राजपूतों के कुलदेवता हैं| इस मंदिर के युवा पुजारी के अनुसार यह मंदिर पांच हजार वर्ष पुराना है और भगवान श्री कृष्ण से जुड़ा है| युवा पुजारी के अनुसार भगवान […]

ऐतिहासिक, पौराणिक व चमत्कारी ज्वालामाता शक्तिपीठ जोबनेर

जोबनेर स्थित ज्वालामाता मंदिर राजस्थान की प्राचीन व प्रसिद्ध शक्तिपीठ है| जोबनेर अरावली पर्वतमाला की विशाल पहाड़ी के शिखर की गोद में बसा है और इसी पहाड़ी की ढलान पर पहाड़ के बीचों बीच उसके हृदय स्थल पर ज्वालामाता का भव्य मंदिर बना है| सफ़ेद संगमरमर से बना यह मंदिर दूर से ही सुन्दर व […]

जडूला (बाल) ना चढाने पर बच्चों को रुलाते हैं यहाँ के भैरूंजी महाराज

जडूला (बाल) ना चढाने पर बच्चों को रुलाते हैं  यहाँ के भैरूंजी महाराज

विवधताओं से भरी हमारे देश की संस्कृति में कई तरह की मान्यताएं प्रचलित है। इन्हीं मान्यताओं में से है एक है, भैरूंजी महाराज  को बच्चे का जडूला चढ़ाना। किसी भी बच्चे के पहली बार बाल काट कर देवता को चढ़ाना, जड़ूला चढ़ाना कहा जाता है। ज्यादातर जगह यह जडू़ला भैरूंजी महाराज के चढ़ता है। पर […]

लोक देवता गोगाजी

लोक देवता गोगाजी

लोक देवता गोगाजी ‘पीर के रूप में समूचे भारतवर्ष में प्रसिद्ध हैं। चौहान वंश में “धंधरान धंगजी’ नामक शासक हुए जिन्होंने धांधू (जिला-चुरू) नगर बसाया था। राणा धंग के दो रानियां थी। पहली रानी से दो पुत्र हर्ष और हरकरण तथा एक पुत्री जीण हुए। सीकर से 10 कि.मी. दूर दक्षिण पूर्व में हर्ष एवं […]

राणी भाटियाणी जसोल

राणी भाटियाणी जसोल

Mata Rani Bhatiyani Jasol Story in Hindi मालानी क्षेत्र सदैव ही सती, संत और शूरमाओं की खान रहा है| वीरों ने जहाँ इस भूमि को अपने रक्त से सींचा वहीं सतियों और संतों ने इसे अपनी भक्ति से पावन किया| मालानी क्षेत्र (वर्तमान बाड़मेर जिला) में जसोल ठिकाने पर रावल महेचों का शासन रहा है। […]

सचियाय माता

सचियाय माता

sachiyay Mata temple Osian Rajasthan सचियाय (सच्चिवाय) माता का भव्य मंदिर जोधपुर से लगभग 60 कि.मी. की दूरी पर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर ओसियॉ में स्थित है। इसीलिये इसे ओसियॉ माता भी कहा जाता है। ओसियां प्राचीनकाल से धार्मिक व कला का महत्त्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहाँ पर 8 वीं व 12 वीं सदी के […]

भाटी राजवंश की कुलदेवी स्वांगियां माता

स्वांगियां माता : राजस्थान के जनमानस में आस्था की प्रतीक लोकदेवियों, कुलदेवियों के उद्भवसूत्र पर यदि दृष्टि डाली जाये तो हम पायेंगे कि शक्ति की प्रतीक बहुत सी प्रसिद्ध देवियों का जन्म चारणकुल में हुआ है। चारणकुल में जन्मी प्रसिद्ध देवियों में आवड़, स्वांगियां, करणी माता आदि प्रमुख है। विभिन्न राजवंशों की गौरवगाथाओं के साथ […]

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