राजा मानसिंह द्वारा पत्थर की शिला के बदले जीता हुआ राज्य वापस

“राजा मानसिंह द्वारा पत्थर की शिला के बदले जीता हुआ राज्य वापस” शीर्षक पढ़कर आप भी चौंक गए होंगे कि क्या कोई पत्थर की शिला के बदले राज्य वापस कर सकता है| पर हाँ यह सच है ! राजा मानसिंह आमेर ने ढाका से 18 किलोमीटर दूर स्थित जैसोर राज्य पर आक्रमण कर वहां के […]

सीकर की आन-बान बचाने के लिए इस मुस्लिम महिला ने ये किया ..

सीकर आखिरी और लोकप्रिय राजा कल्याणसिंह जयपुर की सेना व अंग्रेज अधिकारीयों द्वारा अपने राज्य से निष्कासित किये जा चुके थे| सीकर के गढ़ का पूरा परकोटा जनता ने अपने प्रिय राजा व उनके परिवार को बचाने के लिए घेर रखा था| जयपुर सेना सीकर गढ़ पर कब्जे के लिए डटी थी| रावराजा कल्याणसिंह जी […]

दुर्गादास राठौड़ को देश निकाला दिए जाने का सच

दुर्गादास राठौड़ को लेकर इतिहासकारों व आमजन में एक बहुत बड़ी भ्रान्ति फैली हुई है कि बुढ़ापे में वीर दुर्गादास को जोधपुर के राजा अजीतसिंह ने देश निकाला दे दिया था| आपको बता दें वीर शिरोमणि दुर्गादास का निधन महाकाल की नगरी उज्जैन में हुआ| शिप्रा नदी के तट पर उनका दाह संस्कार किया गया […]

 ऐसा था खूड़ ठिकाने का राज बलाई कज्जूराम

आजादी से पूर्व रियासती काल में दलित, पिछड़ी व श्रमजीवी जातियां राजपूतों के लिए मरने मारने को तैयार रहती थी, वहीं राजस्थान का आम राजपूत इन जातियों को अपना समझता था और उनके लिए किसी से भी लड़ने-भिड़ने, सिर कटवाने के लिए तैयार रहता था| इन जातियों के अपने से बड़ी उम्र के लोगों को […]

मानसिंह व महाराणा प्रताप के मध्य घोर कटुता होती तो क्या ये संभव था ?

आमेर के राजा मानसिंह व महाराणा प्रताप के मध्य हल्दीघाटी युद्ध हुआ था| यह एक ऐतिहासिक सत्य है कि हल्दीघाटी में महाराणा के खिलाफ अकबर की सेना के कुंवर मानसिंह सेनापति थे| पर क्या इस युद्ध के बाद भी आमेर-मेवाड़ के मध्य घोर कटुता थी? विभिन्न इतिहासकारों मत पढ़ते है तो पाते है कि इस […]

Alauddin Khilji वंश के ख़त्म होने की खौफनाक दास्तान

Alauddin Khilji ने अपने चाचा जलालुद्दीन की नृशंस हत्या के बाद उसके राज्य का अपहरण कर लिया था और शासन के दावेदारों को खत्म कर दिया था|  Alauddin Khilji ने जब शादी चंदोवा अपने सिर पर रखा, उस वक्त भी जलालुद्दीन के कटे सिर से खून टपक रहा था| अलाउद्दीन खिलजी ने अपने चाचा के […]

जयचंद की गद्दारी पर इतिहासकार डा. गणेशप्रसाद बरनवाल ने ये लिखा

पूरे भारतवर्ष में जनश्रुति प्रचलित है कि सम्राट पृथ्वीराज के खिलाफ युद्ध के लिए गौरी को कन्नौज नरेश जयचंद गहड़वाल ने बुलाया था| लेकिन हम जब भी कोई इतिहास पढ़ते है तो पाते है कि गौरी को जयचंद द्वारा बुलाने की बात कहीं भी लिखी नहीं पाते| इसी मुद्दे पर इतिहासकार डा. गणेशप्रसाद बरनवाल अपनी […]

राजा मानसिंह और अकबर : एक दूसरे का साथ देने की ये थी मजबूरियां

आमेर के राजा भारमल द्वारा अकबर के साथ संधि करने के समय उनके पौत्र कुंवर मानसिंह की आयु महज 12 वर्ष थी| इसी आयु में मानसिंह का अकबर की सेना में प्रवेश हो गया था| देखा जाय तो मानसिंह अकबर के दरबार व सैन्य माहौल में ही बड़े हुए| बावजूद उन्हें अपने स्वधर्म में पूर्ण […]

क्या सम्राट अकबर को ब्राह्मणों ने विष्णु अवतार घोषित किया था ?

मुग़ल सम्राट अकबर को लेकर आज तगड़ा भ्रम फैला है| पुराने इतिहासकारों ने उसे धार्मिक रूप से सहिष्णु व सबको साथ लेकर चलने वाला महान बादशाह लिखा है| यह सच है कि यदि अकबर धार्मिक रूप से सहिष्णु नहीं होता तो राजपूतों राजाओं के साथ उसकी संधियाँ नहीं निभती| पर आजकल भारत में धार्मिक तौर […]

शिवभक्त व कृष्ण का प्रशंसक था यह मुग़ल बादशाह

शीर्षक पढ़कर आपका चौंकना लाजमी है कि कट्टर साम्प्रदायिक सोच रखने वाला कोई मुस्लिम बादशाह शिवभक्त कैसे हो सकता है? पर कर्नल टॉड द्वारा लिखित राजस्थान के इतिहास की बात माने तो एक मुग़ल बादशाह कृष्ण की आराधना का प्रशसंक था और उसका खुद का झुकाव शिव की आराधना के प्रति अधिक था| यही इस […]