Jodhpur ki Ruthi Rani

Jodhpur ki Ruthi Rani

ज्ञान दर्पण पर मेड़ता के राव विरमदेव और राव जयमल के बारे में पढ़ते हुए आपने जोधपुर के शासक राव मालदेव के बारे में जरुर पढ़ा होगा | राव मालदेव अपने समय के राजपुताना के सर्वाधिक शक्तिशाली शासक थे वे बहुत शूरवीर व धुनी व्यक्ति थे उन्होंने जोधपुर राज्य की सीमाओं का काफी विस्तार किया […]

Jauhar aur Shake History of Chittorgarh in Hindi

Jauhar aur Shake History of Chittorgarh in Hindi

दुर्ग शिरोमणि चित्तोडगढ का नाम इतिहास में स्वर्णिम प्रष्टों पर अंकित केवल इसी कारण है कि वहां पग-पग पर स्वतंत्रता के लिए जीवन की आहुति देने वाले बलिदानी वीरों की आत्मोसर्ग की कहानी कहने वाले रज-कण विद्यमान है | राजस्थान में अपनी आन बान और मातृभूमि के लिए मर मिटने की वीरतापूर्ण गौरवमयी परम्परा रही […]

Paramveer Hawaldar Major Piru Singh Shekhawat

Paramveer Hawaldar Major Piru Singh Shekhawat

6 राजपुताना रायफल्स के हवलदार मेजर पीरु सिंह शेखावत झुंझुनू के पास बेरी गांव के लाल सिंह शेखावत के पुत्र थे जिनका जन्म 20 मई 1918 को हुआ था | जम्मू कश्मीर में तिथवाल के दक्षिण में इन्हे शत्रु के पहाड़ी मोर्चे को विजय करने का आदेश मिला | दुश्मन ने यहाँ काफी मजबूत मोर्चा […]

Jaimal Medtiya राव जयमल, मेड़ता

Jaimal Medtiya राव जयमल, मेड़ता

“मरण नै मेडतिया अर राज करण नै जौधा ““मरण नै दुदा अर जान(बारात) में उदा ” उपरोक्त कहावतों में मेडतिया राठोडों को आत्मोत्सर्ग में अग्रगण्य तथा युद्ध कौशल में प्रवीण मानते हुए मृत्यु को वरण करने के लिए आतुर कहा गया है मेडतिया राठोडों ने शौर्य और बलिदान के एक से एक कीर्तिमान स्थापित किए […]

Jauhar and Shaka जौहर और शाका

विश्व की सभी सभी जातियां अपनी स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए और समृद्धि के लिए निरंतर बलिदान करती आई है | मनुष्य जाति में परस्पर युद्धों का श्री गणेश भी इसी आशंका से हुआ कि कोई उसकी स्वतंत्रता छिनने आ रहा है तो कोई उसे बचाने के लिए अग्रिम प्रयास कर रहा है | और […]

राव विरमदेव, मेड़ता

राव विरमदेव ने 38 वर्ष की आयु में 1515 ई. में अपने पिता राव दुदा के निधन के बाद मेड़ता का शासन संभाला | व्यक्तित्व और वीरता की द्रष्टि से वे अपने पिता के ही समान थे और उन्होंने भी पिता की भांति जोधपुर राज्य से सहयोग और सामंजस्य रखा |इसीलिए सारंग खां व मल्लू […]

वीर राव अमरसिंह राठौड़ और बल्लू चाम्पावत

वीर राव अमरसिंह राठौड़ और बल्लू चाम्पावत

Amar Singh Rathore and Ballu ji Champawat Story in Hindi ‘राजस्थान की इस धरती पर वीर तो अनेक हुये है – प्रथ्वीराज, महाराणा सांगा, महाराणा प्रताप, दुर्गादास राठौड़, जयमल मेडतिया आदि पर अमर सिंह राठौड़ की वीरता एक विशिष्ट थी,उनमें शौर्य, पराक्रम की पराकाष्ठा के साथ रोमांच के तत्व विधमान थे | उसने अपनी आन-बान […]

वैरागी चित्तौड़ -3

वैरागी चित्तौड़ -3

वैरागी चित्तौड़-1 वैरागी चित्तौड़ -2  विस्मृति बता रही है- यह तो रानी पद्मावती का महल है | इतिहास की बालू रेत पर किसी के पदचिन्ह उभरते हुए दिखाई दे रहे है | समय की झीनी खेह के पीछे दूर से कही आत्म-बलिदान का,उत्सर्ग की महान परम्परा का कोई कारवां आ रहा है | उस कारवां […]

वैरागी चित्तौड़ -2

वैरागी चित्तौड़ -2

वैरागी चित्तौड़ भाग १ से आगे…. यह दुर्ग का अन्तिम द्वार है, जहाँ प्राणों की बाजी लग जाया करती थी; जवानी म्रत्यु को धराशायी कर दिया करती थी; कर्तव्य यहाँ यौवन की कलाईयां पकड कर मरोड़ दिया करता था; उमंगे यहाँ तलवार की धार पर नाचने लग जाया करती थी ;विलास वैभव और सुख यहाँ […]

वैरागी चित्तौड़-1

वैरागी चित्तौड़-1

स्व.श्री तनसिंहजी की कलम से…. यह चित्तौड़ है, जिसके नाम से एक त्वरा उठती है, एक हूक बरबस ह्रदय को मसोस डालती है; किंतु जिसने अपनी आंखों से देखा है उसकी द्रष्टि भावनाए बनकर लेखनी में उतर जाया करती है और फ़िर कागजों के कलेजे कांपने लग जाया करते है| इतिहास के इतने कागज रंगने […]