राव जोधा जी, जोधपुर

राव जोधा जी, जोधपुर

राव जोधा जी का जन्म भादवा बदी 8 सं. 1472 में हुवा था | इनके पिता राव ridmal मारवाड़ के शासक थे, मेवाड़ का शासन कार्य भी इनकी सहमति से चलता था अतः मेवाड़ के कुछ सरदार इनसे अप्रसन थे और इन्होने मेवाड़ नरेश महाराणा कुम्भा व उनकी माता सोभाग्य देवी को राव रिदमल जी […]

Rao Shiv Singh, Sikar राव शिव सिंह जी, सीकर

सीकर शेखावाटी राज्य का महत्वपूर्ण ठिकाना था, राजा रायसल जी शेखावत के पुत्र राव तिरमल के वंशज दौलत सिंह जी थे, दौलत सिंह जी ने सं. 1687 में सीकर को अपनी राजधानी बनाकर गढ़ की नीवं डाली | सं. 1721 में दौलत सिंह के निधन के बाद शिव सिंह जी Rao Shiv Singh सीकर के […]

शेखावत वंश की शाखाएँ -3

-रायसलोत शेखावत :- लाम्याँ की छोटीसी जागीर जागीर से खंडेला व रेवासा का स्वतंत्र राज्य स्थापित करने वाले राजा रायसल दरबारी के वंशज रायसलोत शेखावत कहलाये !राजा रायसल के १२ पुत्रों में से सात प्रशाखाओं का विकास हुवा जो इस प्रकार है !A- लाड्खानी :- राजा रायसल जी के जेस्ठ पुत्र लाल सिंह जी के […]

शेखावत वंश की शाखाएँ -2

*सातलपोता शेखावत -शेखाजी के पुत्र कुम्भाजी के वंशज सातलपोता शेखावत कहलाते है ! *रायमलोत शेखावत -शेखाजी के सबसे छोटे पुत्र रायमल जी के वंशज रायमलोत शेखावत कहलाते हैइनकी भी कई शाखाएं व प्रशाखाएँ है जो इस प्रकार है !-तेजसी के शेखावत -रायमल जी पुत्र तेज सिंह के वंशज तेजसी के शेखावत कहलाते है ये अलवरजिले […]

शेखावत वंश की शाखाएँ -1

* टकनॆत शॆखावत‍‍‍‍- शेखा जी के ज्येष्ठ पुत्र दुर्गा जी के वंशज टकनॆत शॆखावत‍‍‍‍ कहलाये !खोह,पिपराली,गुंगारा आदि इनके ठिकाने थे जिनके लिए यह दोहा प्रशिध हैखोह खंडेला सास्सी गुन्गारो ग्वालेर !अलखा जी के राज में पिपराली आमेर !! टकनॆत शॆखावत‍‍‍‍ शेखावटी में त्यावली,तिहाया,ठेडी,मकरवासी,बारवा ,खंदेलसर,बाजोर व चुरू जिले में जसरासर,पोटी,इन्द्रपुरा,खारिया,बड्वासी,बिपर आदि गावों में निवास करते है […]

Durgadas Rathore वीर शिरोमणि दुर्गादास राठौड़

Durgadas Rathore वीर शिरोमणि दुर्गादास राठौड़

मेवाड़ के इतिहास में स्वामिभक्ति के लिए जहाँ पन्ना धाय का नाम आदर के साथ लिया जाता है वहीं मारवाड़ के इतिहास में त्याग,बलिदान,स्वामिभक्ति व देशभक्ति के लिए वीर दुर्गादास का नाम स्वर्ण अक्षरों में अमर है वीर दुर्गादास Durgadas Rathoreने वर्षों मारवाड़ की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया,ऐसे वीर पुरुष का जनम मारवाड़ में […]

विलक्षण व्यक्तित्व के धनी महाराणा प्रताप

विलक्षण व्यक्तित्व के धनी महाराणा प्रताप

‘‘माई ऐहडा-पूत जण, जेहा राण प्रताप। अकबर सूतो ओझके, जाण सिराणे सांप ।। भारतीय इतिहास में एक गौरवशाली रणक्षेत्र् हल्दीघाटी का नाम आते ही मन में वीरोचित भाव उमडने – घुमडने लगते हैं। अरावली पर्वतमाला की उपत्यकाओं से आच्छादित इस रणक्षेत्र् में स्थित 432 वर्ष पूर्व के विशाल वृक्ष और जल प्रवाह के नाले मूक […]

महाराव शेखाजी

महाराव शेखाजी

वीरवर राव शेखाजी Rao Shekhajiका जनम विजयादशमी वि. सं. 1490 में बरवाडा व नान अमरसर के शासक मोकल सिंघजी की रानी निरबान जी से हुवा, पिता की मृत्य के बाद 12 साल की उम्र में वि. सं. 1502 में नान अमरसर की 24 गाँवो की जागीर संभाली| अपने आसपास के छोटे जागीरदारों को जीत कर […]

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