वीर बड़ा या जागीर , अक्ल बड़ी या धन

पिछले दिनों ताऊ.इन पर ” अक्ल बड़ी या भेंस “शीर्षक से एक मजेदार रचना पढने को मिली जिसमे ताऊ ने साबित किया कि अक्ल ही हमेशा बड़ी होती है हालाँकि ताऊ की भेंस के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता पता नहीं ताऊ कब भेंस को अक्ल से बड़ी करदे | अक्ल बड़ी के […]

खूड का संक्षिप्त इतिहास

शेखावाटी क्षेत्र का खूड ठिकाना सीकर जिले में जिला मुख्यालय से २७ किलोमीटर दूर सीकर डीडवाना (नागौर ) रोड पर स्थित है |आजादी से पूर्व यह क़स्बा जहाँ आस-पास के गांवों का प्रशासनिक केंद्र था वही आज यह क़स्बा आप-पास के गांवों के विद्यार्थियों का प्रमुख शिक्षा केंद्र होने के अलावा आस-पास के गांवों के […]

Thakur Mangal Singh, Khoor ठाकुर मंगल सिंह जी ,खुड

Thakur Mangal Singh, Khoor ठाकुर मंगल सिंह जी ,खुड

ठाकुर उदय सिंह जी के स्वर्गवास पर उनके एक मात्र पुत्र मंगल सिंह खुड जागीर के अधिपति बने| Thakur Mangal Singh ठाकुर मंगल सिंह जी का जन्म सन १९१२ में हुआ था और उनकी शिक्षा अजमेर के मेयो कालेज में हुई | ठाकुर मंगल सिंह जी राजस्थान में अपने प्रकार के अपने युग के एक […]

शेखावाटी में अंग्रेज विरोधी आक्रोश

शेखावाटी में अंग्रेज विरोधी आक्रोश

मराठो और पिंडरियों की लुट खसोट से तंग आकर सन १८१८ में राजस्थान के महाराजों ने अंग्रेजों के साथ संधियाँ कर ली थी जिससे इन संधियों के माध्यम से राजस्थान में अंग्रेजों के प्रवेश के साथ ही उनकी आंतरिक दखलंदाजी भी शुरू हो गई जो हमेशा स्वंतत्र रहने के आदि शेखावाटी के कतिपय शेखावत शासकों […]

शेखावाटी

शेखावाटी

लेखक : ठा.सौभाग्य सिंह शेखावत Thakur DeviSingh, Mandawa लोक जीवन और लोकमानस में वे ही पात्र गरिमामय स्थान प्राप्त कर सकते है जिनमें सामान्यजन से कुछ विशिष्टताएँ होती है अथवा अतिमानवीय गुण होते है। ऐसे चरित्र समाज में वंदनीय बनकर युग-युगान्तर तक अजर-अमर बने रहते है। वे लोकादर्श, लोक स्मरणीय और जनमानस के प्रेरणा स्त्रोत […]

देवताओं की साल व वीरों का दालान – मंडोर-जोधपुर

देवताओं की साल व वीरों का दालान – मंडोर-जोधपुर

मंडोर जोधपुर से 9km दूर उत्तर दिशा में स्थित है, मंडोर पुराने समय में मारवाड़ राज्य की राजधानी हुआ करती थी | अब मंडोर में एक सुन्दर बगीचा बना हुआ है और इस बगीचे में देवताओं की साल व वीरों का दालान, अजीत पोल, एक थम्बा महल ,संग्राहलय,विभिन्न राजा महाराजाओं की छतरियां व देवल (स्मारक) […]

जालौर का जौहर और शाका : History of Jalore

जालौर का जौहर और शाका : History of Jalore

सोमनाथ मन्दिर को खंडित कर गुजरात से लौटती अलाउद्दीन खिलजी की सेना पर जालौर के शासक कान्हड़ देव चौहान ने पवित्र शिवलिंग शाही सेना से छीन कर जालौर की भूमि पर स्थापित करने के उदेश्य से सरना गांव में डेरा डाली शाही सेना पर भीषण हमला कर पवित्र शिवलिंग प्राप्त कर लिया और शास्त्रोक्त रीती […]

हाड़ी रानी और उसकी सैनाणी ( निशानी )

हाड़ी रानी और उसकी सैनाणी ( निशानी )

अपने पिछले लेख ” बीच युद्ध से लौटे राजा को रानी की फटकार ” के आख़िर में मैंने एक ऐसी रानी का जिक्र किया था जिसने युद्ध में जाते अपने पति को निशानी मांगने पर अपना सिर काट कर भिजवा दिया था | यह रानी बूंदी के हाडा शासक की बेटी थी और उदयपुर (मेवाड़) […]

Sir Pratap and Jodhpuri Coat History

पिछले लेखों में चर्चा जोधपुर के खानपान के उत्पादों व जोधपुर के राजा रानियों की चल रही थी लेकिन आज एक ऐसे शख्स का जिक्र कर रहा हूँ जो जोधपुर का राजा तो नही बना लेकिन उसके समय के सभी राजा उसके ही इशारों पर नाचते रहे एक ऐसे शख्स की चर्चा कर रहा हूँ […]

बीच युद्ध से लौटे इस राजा को मिली थी रानी की फटकार

बीच युद्ध से लौटे इस राजा को मिली थी रानी की फटकार

बात जोधपुर की चल रही है तो यहाँ के अनेक राजाओं में एक और यशस्वी राजा जसवंत सिंह जी और उनकी हाड़ी रानी जसवंत दे की भी चर्चा करली जाए | महाराज जसवन्त सिंह जी ने दिल्ली की और से बादशाह शाहजहाँ और औरंगजेब की और से कई सफल सैनिक अभियानों का नेतृत्व किया था […]