अकाल राहत की मजदूरी रोकने पर इस सामंत ने अपने भतीजे को दी ये कड़ी सजा

अकाल राहत की मजदूरी रोकने पर इस सामंत ने अपने भतीजे को दी ये कड़ी सजा

आजादी के सामंतों पर के खिलाफ तरह तरह के दुष्प्रचार किये, जिनमें गरीब के शोषण का आरोप प्रमुख रहा, लेकिन इतिहास में ऐसे कई घटनाक्रम मिलते है जिन्हें पढ़कर सामंतों की गरीबों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता और संवेदनशीलता का पता चलता है| राजस्थान में अक्सर अकाल पड़ते रहते थे| अकाल के समय रियासत के राजा, […]

इस संत ठाकुर को बड़े बड़े मुस्लिम संत खड़े होकर सलाम करते थे

बीसवीं सदी में जयपुर में कई बड़े मुस्लिम सूफी संत हुए, जिनका बड़ा नाम रहा और मुसलमान समाज में बड़ा सम्मान रहा| इनमें मौलवी हिदायतअली साहिब उक्त शताब्दी के बड़े सूफी संत हुए| उनके पौत्र खेजड़े के रास्ते वाले मौलवी साहिब का भी बड़ा नाम रहा| जयपुर के रामगंज के सूफी बाबा अल्लाहजिलाय साहिब व […]

बेइज्जती व जबरन शादियों के डर से नहीं, बल्कि इसलिए होते थे जौहर

बेइज्जती व जबरन शादियों के डर से नहीं, बल्कि इसलिए होते थे जौहर

रियासती काल में आक्रान्ताओं द्वारा वर्षों किलों को घेरने के बाद उनमें खाद्य सामग्री का अभाव हो जाता था| जीतने की जब आशा नहीं बचती तब राजपूत जौहर और साका कर युद्ध में अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया करते थे| किले में बड़ी चिता सजा कर विकराल अग्नि में महिलाओं द्वारा कूद पड़ने को […]

एक दरगाह जहाँ इबादत की जाती है एक क्षत्रिय योद्धा की

आज हम आपको एक ऐसे साम्प्रदायिक सौहार्द के स्थल की जानकारी देंगे, जहाँ एक झुझार क्षत्रिय योद्धा की मुस्लिम फ़क़ीर के नाम पर दरगाह बनी है और सभी जाति धर्मों के लोग वहां श्रद्धा व्यक्त करने आते हैं| यह दरगाह हमारी गंगा जमुनी संस्कृति की एक शानदार मिशाल है|  जी हाँ हम बार कर रहे […]

युद्ध में शकूरियों के दूध ने किया था ये कमाल

युद्ध में शकूरियों के दूध ने किया था ये कमाल

युद्ध के समय दूध की बात अक्सर चर्चा में रहती है, जैसे अपनी माँ का दूध पिया है तो मुकाबला कर, मैंने शेरनी का दूध पिया है, युद्ध में छठी का दूध याद दिला देंगे आदि आदि| इस तरह युद्ध के मैदान में माँ के दूध की चर्चा होती है| लेकिन आज हम एक ऐसे […]

युद्ध में प्राणोत्सर्ग से पहले इस योद्धा की इसलिए की गई शादी

युद्ध में प्राणोत्सर्ग से पहले इस योद्धा की इसलिए की गई शादी

किसी भी व्यक्ति द्वारा शादी गृहस्थी बसाने, भावी जीवन को सुखमय बनाने के लिए की जाती है, लेकिन राजस्थान के इतिहास में शादियों के ऐसे उदाहरण भी भरे पड़े है, जो गृहस्थ जीवन आरम्भ करने के लिए नहीं बल्कि युद्ध में अपने प्राणोत्सर्ग के बाद स्वर्ग में जाने यानी गति प्राप्त करने के लिए की […]

इतिहास में नाम दर्ज कराने के लिए उस क्षत्रिय योद्धा ने ये किया

इतिहास में नाम दर्ज कराने के लिए उस क्षत्रिय योद्धा ने ये किया

इतिहास में नाम दर्ज कराने के लिए लेखक कई किताबें लिखता है, कवि व साहित्यकार एक से बढ़कर एक रचनाएँ लिखते हैं, दान दाता बढ़ चढ़कर दान देते हैं तो लोग मंदिर, धर्मशाला, कुएं, बावड़ियाँ, सड़कें आदि बनवाते है ताकि भविष्य में लोग उन्हें याद रखे| लेकिन योद्धा इतिहास में नाम लिखवाने के लिए युद्ध […]

इसलिए कहा जाता है Maharao Shekhaji को साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक

इसलिए कहा जाता है Maharao Shekhaji को साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक

शेखावाटी क्षेत्र, शेखावत वंश के प्रवर्तक Maharao Shekhaji को नारी सम्मान व साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक माना जाता है| महाराव शेखाजी ने एक स्त्री की मान रक्षा के लिए अपने ही निकट सम्बन्धी गौड़ राजपूतों से पांच वर्ष तक चले खुनी संघर्ष में ग्यारह युद्ध किये थे और आखिरी युद्ध में विजय के साथ ही […]

कवि ने जैसे वीरतापूर्ण गीत बनाये, उन्हीं के अनुरूप युद्ध किया था इस वीर ने

कवि ने जैसे वीरतापूर्ण गीत बनाये, उन्हीं के अनुरूप युद्ध किया था इस वीर ने

बूंदी के राजा भोज की पुत्री का अकबर द्वारा अपने शाहजादे के लिए हाथ मांगने की घटना सिवाणा के कल्याणसिंह रायमलोत Kalla Rathore के बीच में आने, अकबर के सामने भरे दरबार में मूंछों पर ताव देने व उसके विरोधियों द्वारा रचे षड्यंत्र के चलते कल्ला राठौड़ ने केसरिया वस्त्र धारण कर लिए थे| अकबर […]

माली ने इस राजा को दी गाली, बदले में मिला ये

माली ने इस राजा को दी गाली, बदले में मिला ये

बाग़ में माली अपनी खुरपी लिए हमेशा की तरह काम कर रहा था, तभी राव राजा माधवसिंहजी अपने बाग़ में टहलने आये| प्रजा को राव राजा के आने के समय का पता था, सो कुछ महिलाएं, बच्चे व बूढ़े भी वहां पहले से उपस्थित थे| राव राजा नित्य वहां उपस्थित प्रजाजनों को चांदी के सिक्के […]