कवि की दो पंक्तियाँ और जोधपुर की रूठी रानी

कवि की दो पंक्तियाँ और जोधपुर की रूठी रानी

ज्ञान दर्पण पर जनवरी 2009 में जोधपुर की रूठी रानी के बारे में आपने पढ़ा होगा | इस रानी के बारे में मुझे भी संक्षिप्त जानकारी मिली थी जो मैंने उस लेख में आप सभी के साथ साझा की थी | पर रूठी रानी की उस संक्षिप्त जानकारी के बाद मुझे भी उसके बारे में […]

इस जाट वीर ने अकबर की कब्र खोदकर अस्थियाँ जला डाली थी

इस जाट वीर ने अकबर की कब्र खोदकर अस्थियाँ जला डाली थी

ज्ञान दर्पण पर इतिहास के लेखों की श्रंखला में आप अक्सर राजस्थान के राजपूत वीरों का इतिहास पढ़ते रहते है, पर इस वीर प्रसूता भूमि ने राजपूतों के अलावा अन्य जातियों में भी अनेक वीर पैदा किये है जिन्होंने धर्म की रक्षा के लिए हल (कृषि के औजार) छोड़कर तलवार थाम धर्म विरोधी शासकों से […]

देवालयों की रक्षार्थ शेखावत वीरों का आत्मोत्सर्ग

देवालयों की रक्षार्थ शेखावत वीरों का आत्मोत्सर्ग

8 मार्च 1679 औरंगजेब की विशाल सेना ने जो तोपखाने और हाथी घोड़ो पर सजी थी सेनापति दाराबखां के नेतृत्व में खंडेला को घेर कर वहां के शासक राजा बहादुर सिंह को दण्डित करने के लिए कूच चुकी थी | इस सेना को औरंगजेब की हिन्दू-धर्म विरोधी नीतियों के चलते विद्रोही बने राजा बहादुरसिंह को […]

धरती माता को रक्त-पिंडदान

भड पडियो रण-खेत में,संचै पूँजी साथ |राज सांधे निज रगत सूं,पिण्ड- दान निज हाथ || वीर-योद्धा रण-क्षेत्र में धराशायी हो गया,किन्तु सत्य की संचित सम्पत्ति फिर भी उसके साथ है | इसीलिए किसी दुसरे को उसका पिंडदान कराने की आवश्यकता नहीं है | वह स्वयम ही अपने रक्त से भीगी हुई मिट्टी के पिण्ड बनाकर […]

पाबूजी राठौड़ : जिन्होंने विवाह के आधे फेरे धरती पर व आधे फेरे स्वर्ग में लिए

पाबूजी राठौड़ : जिन्होंने विवाह के आधे फेरे धरती पर व आधे फेरे स्वर्ग में लिए

फेरां सुणी पुकार जद, धाडी धन ले जाय | आधा फेरा इण धरा , आधा सुरगां खाय || उस वीर ने फेरे लेते हुए ही सुना कि दस्यु एक अबला का पशुधन बलात हरण कर ले जा रहे है| यह सुनते ही वह आधे फेरों के बीच ही उठ खड़ा हुआ और तथा पशुधन की […]

राजा मानसिंह आमेर

राजा मानसिंह आमेर

मात सुणावै बालगां, खौफ़नाक रण-गाथ |काबुल भूली नह अजै, ओ खांडो, ऎ हाथ || काबुल की भूमि अभी तक यहाँ के वीरों द्वारा किये गए प्रचंड खड्ग प्रहारों को नहीं भूल सकी है | उन प्रहारों की भयोत्पादक गाथाओं को सुनाकर माताएं बालकों को आज भी डराकर सुलाती है | महमूद गजनी के समय से […]

शर्त जीतने हेतु उस वीर ने अपना सिर काटकर दुर्ग में फेंक दिया

बिंधियो जा निज आण बस,गज माथै बण मोड़ |सुरग दुरग परवेस सथ,निज तन फाटक तोड़ || अपनी आन की खातिर उस वीर ने दुर्ग का फाटक तोड़ने के लिए फाटक पर लगे शूलों से अपना सीना अड़ाकर हाथी से टक्कर दिलवा अपना शरीर शूलों से बिंधवा लेता है और वीर गति को प्राप्त होता है […]

एक वीर जिसने दो बार वीर-गति प्राप्त की

एक वीर जिसने दो बार वीर-गति प्राप्त की

जलम्यो केवल एक बर,परणी एकज नार |लडियो, मरियो कौल पर,इक भड दो दो बार || उस वीर ने केवल एक ही बार जन्म लिया तथा एक ही भार्या से विवाह किया ,परन्तु अपने वचन का निर्वाह करते हुए वह वीर दो-दो बार लड़ता हुआ वीर-गति को प्राप्त हुआ |आईये आज परिचित होते है उस बांके […]

स्वतंत्रता समर के योद्धा : राव गोपाल सिंह खरवा

स्वतंत्रता समर के योद्धा : राव गोपाल सिंह खरवा

राजस्थान के राजाओं द्वारा अंग्रेजों से संधियाँ करने के बाद धीरे धीरे राजस्थान में अंग्रेजों का दखल बढ़ता गया | अंग्रेजों का राजस्थान के शासन में बढ़ता हस्तक्षेप राजस्थान के स्वातन्त्र्य चेता कई राजपूत शासको व जागीरदारों को रास नहीं आया और वे अपने अपने तरीके ,सामर्थ्य और सीमित संसाधनों के बावजूद अंग्रेजो के खिलाफ […]

एक स्त्री की मान रक्षा के लिए, इस योद्धा ने किये थे ग्यारह युद्ध

एक स्त्री की मान रक्षा के लिए, इस योद्धा ने किये थे ग्यारह युद्ध

क्या आप सोच सकते है कि कोई शासक किसी स्त्री की मान रक्षा के लिए एक नहीं ग्यारह युद्ध कर सकता है| यही नहीं ये युद्ध भी उस योद्धा को अपने निकट रिश्तेदारों से करने पड़े और आखिर उस योद्धा को अपने प्राणों का बलिदान देना पड़ा| जी हाँ ! बात कर रहे है राव […]

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