History of Khoor खूड़ का इतिहास

History of Khoor : राजस्थान में शेखावाटी आँचल के सीकर जिला मुख्यालय से सत्ताईस किलोमीटर दूर खूड़ (khoor) कस्बे में तीन और मकानों से घिरा यह गढ़ आज वीरान पड़ा है| कभी इस गढ़ के भी सुनहले दिन थे, चांदनी रातें थी, वैभव सम्पत्ति की अठखेलियों की बहारें थी, मंगल संगीत और उत्सवों की ऋतुएँ […]

काला दरवाजा जहाँ तीन सौ वीरों ने इसलिए किया प्राणों का उत्सर्ग

ये शेखावाटी आँचल के खंडेला नगर का काला दरवाजा है| कभी इसका नाम कुछ और ही रहा होगा पर धर्मांध बादशाह औरंगजेब की करतूत के कारण इस दरवाजे का नाम काला दरवाजा पड़ गया| नगर के मध्य भीड़ से घिरे होने के बावजूद यह दरवाजा गुमसुम हुआ ऐसे किंकर्तव्यविमूढ़ खड़ा है मानों किसी अजेय शक्ति […]

Bahu ji ki Bavadi Khandela रानी ने इसलिए बनवाई थी जंगल में यह बावड़ी

राजस्थान में प्राचीन काल से बारिश की कमी रही है अत: यहाँ के निवासियों को पीने के पानी की कमी की समस्या हर काल में रही है, अत: यहाँ के राजाओं, रानियों, सेठ साहूकारों व धर्म परायण नागरिकों ने पीने के पानी की व्यवस्था के लिए कुँए, बावड़ियाँ व तालाब बहुतायत से बनवाये ताकि स्थानीय […]

History of Hamirgarh Fort हमीरगढ़ फोर्ट का इतिहास

History of Hamirgarh Fort : अनगिनत युद्धों में तोपों की मार झेलते झेलते आज यह दुर्ग जीर्ण अवस्था में पहुँच चुका है| मेवाड़ की सुरक्षा के लिए महाराणा कुम्भा द्वारा बनाये 84 दुर्गों में से एक यह दुर्ग मेवाड़ का प्रवेश द्वार है| यही कारण है कि चितौड़ पर होने वाले ज्यादातर आक्रमणों का सबसे […]

History of Bhindar भींडर का इतिहास

हल्दीघाटी युद्ध का स्मरण होते ही स्वाधीनता और स्वाभिमान के लिए संघर्ष करने वाले वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की छवि उभर आती है और युद्ध में उनकी वीरता, चेतक के घायल होने, छोटे भाई शक्तिसिंह जी द्वारा मुसीबत के समय सहयोग हेतु गले मिलने के दृश्य आँखों में तैरने लगते हैं| शक्तिसिंह व महाराणा प्रताप […]

अम्बिकेश्वर महादेव आमेर के कछवाह राजवंश के कुलदेवता

अम्बिकेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर आमेर में स्थित है| अम्बिकेश्वर महादेव कछवाह राजवंश के कुलदेवता है| यानी शेखावत, राजावत, नरुका, खंगारोत, कुम्भावत, क्ल्यानोत आदि कछवाह राजपूतों के कुलदेवता हैं| इस मंदिर के युवा पुजारी के अनुसार यह मंदिर पांच हजार वर्ष पुराना है और भगवान श्री कृष्ण से जुड़ा है| युवा पुजारी के अनुसार भगवान […]

सालिम सिंह की हवेली को बनाने वाले की क्रूरता व गद्दारी का इतिहास

आपने जैसलमेर के पर्यटन मानचित्र पर सालिम सिंह की हवेली के चित्र खूब देखे होंगे| आपके जो मित्र जैसलमेर घूमकर आ चुके है उनके मुंह से भी सालिम सिंह की हवेली के बारे में भी खूब सुना होगा, इन्टरनेट पर भी इस हवेली के निर्माण व इसकी खूबसूरती पर आपको ढेरों जानकारियां व सुन्दर चित्र […]

राव राजा कल्याणसिंह, सीकर : जीवन परिचय

राव राजा कल्याण सिंह का जन्म आषाढ वदि 4 सं. 1943 (20जून 1886) को दीपपुरा में हुआ। माधोसिंह के बाद आषाढ सुदि 15, सं. 1979 (1 जुलाई 1922) को सीकर की गद्दी पर बैठे। शासन पर आने के बाद राव राजा ने अपने शासन प्रबन्ध में जन कल्याणकारी कार्यों में विशेष ध्यान दिया। प्रशासन व्यवस्था […]

 बच्चों को शिक्षा में सहयोग देने का अनूठा तरीका था इस राजा का

आधुनिक सीकर के निर्माता व सीकर के अंतिम Rao Raja Kalyansingh ji ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया था| देशी रियासतों के विलीनीकरण के बाद भी रावराजा कल्याणसिंह जी ने क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार के लिए अपनी निजी संपत्तियां दिल खोलकर दान की थी| सीकर में श्री कल्याण सीनियर […]

इस राजा ने अकबर पर तलवार से किया था हमला

इस राजा ने अकबर पर तलवार से किया था हमला

मुग़ल बादशाह अकबर ने भारत की कुछ देशी रियासतों को छोड़कर ज्यादातर से संधि कर अपनी अधीनता स्वीकार करवा ली थी| लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि बादशाह अकबर उन राजाओं पर अपनी हर मर्जी थोप देता था, या फिर भी वे राजा बादशाह अकबर की हर बात गर्दन झुकाकर मान लेते थे| बादशाह […]

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