इसलिए कहा जाता है Maharao Shekhaji को साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक

इसलिए कहा जाता है Maharao Shekhaji को साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक

शेखावाटी क्षेत्र, शेखावत वंश के प्रवर्तक Maharao Shekhaji को नारी सम्मान व साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक माना जाता है| महाराव शेखाजी ने एक स्त्री की मान रक्षा के लिए अपने ही निकट सम्बन्धी गौड़ राजपूतों से पांच वर्ष तक चले खुनी संघर्ष में ग्यारह युद्ध किये थे और आखिरी युद्ध में विजय के साथ ही […]

कवि ने जैसे वीरतापूर्ण गीत बनाये, उन्हीं के अनुरूप युद्ध किया था इस वीर ने

कवि ने जैसे वीरतापूर्ण गीत बनाये, उन्हीं के अनुरूप युद्ध किया था इस वीर ने

बूंदी के राजा भोज की पुत्री का अकबर द्वारा अपने शाहजादे के लिए हाथ मांगने की घटना सिवाणा के कल्याणसिंह रायमलोत Kalla Rathore के बीच में आने, अकबर के सामने भरे दरबार में मूंछों पर ताव देने व उसके विरोधियों द्वारा रचे षड्यंत्र के चलते कल्ला राठौड़ ने केसरिया वस्त्र धारण कर लिए थे| अकबर […]

माली ने इस राजा को दी गाली, बदले में मिला ये

माली ने इस राजा को दी गाली, बदले में मिला ये

बाग़ में माली अपनी खुरपी लिए हमेशा की तरह काम कर रहा था, तभी राव राजा माधवसिंहजी अपने बाग़ में टहलने आये| प्रजा को राव राजा के आने के समय का पता था, सो कुछ महिलाएं, बच्चे व बूढ़े भी वहां पहले से उपस्थित थे| राव राजा नित्य वहां उपस्थित प्रजाजनों को चांदी के सिक्के […]

जब राजा बरगद के पेड़ पर जा बैठा था

जब राजा बरगद के पेड़ पर जा बैठा था

सीकर के राव राजा माधवसिंह जी के रोचक किस्से बहुतायत से प्रचलित है| ऐसे ही किस्सों कहानियों में एकबार उनका बरगद के पेड़ पर जा बैठना भी लोग बड़े चाव से सुनते सुनाते है| जनश्रुति के अनुसार एक दिन राव राजा माधवसिंह जी ने अपने दीवान राय परमानन्द को बुलाकर खजाने की स्थिति पर चिंता […]

जब गैले (मूर्ख) ने दीवान बनते ही ऐसे सुधार दी राज्य की आर्थिक हालात

जब गैले (मूर्ख) ने दीवान बनते ही ऐसे सुधार दी राज्य की आर्थिक हालात

राजस्थान में मंदबुद्धि, आधे-पागल, मूर्ख, बेवकूफ व्यक्ति को गैला, गैलियो, बावला, बावलो आदि नामों से पुकारा जाता है| सीकर राज्य के दीवान राय परमानन्द कायस्थ को भी उनके बचपन में गैलो, गैलियो नाम से ही पुकारा जाता था, हालाँकि वे ना तो मंदबुद्धि थे, ना पागल| पर ग्रहण में जन्म होने के चलते उन्हें इन […]

इसलिए सम्मान करता था औरंगजेब अपने कट्टर शत्रु वीर दुर्गादास राठौड़ का  

इसलिए सम्मान करता था औरंगजेब अपने कट्टर शत्रु वीर दुर्गादास राठौड़ का  

देश में आज साम्प्रदायिक व जातीय उन्माद चरम सीमा पर है और बढ़ता ही जा रहा है| इतना उन्माद और एक दूसरे के प्रति नफरत तब भी नहीं थी, जब हिन्दू मुस्लिम शासक एक दूसरे के सामने तलवारें ताने खड़े थे, आपस में भयंकर युद्ध लड़ते थे, पर आज वोट बैंक की राजनीति ने साम्प्रदायिक […]

दुश्मन ने बचाया था इस क्षत्रिय राजवंश के वारिस को

दुश्मन ने बचाया था इस क्षत्रिय राजवंश के वारिस को

जैसलमेर के शासक जैतसी के राजकुमारों द्वारा अल्लाउद्दीन खिलजी का अकूत खजाना लूटने के बाद नाराज खिलजी ने नबाब महबूब खान के नेतृत्व में जैसलमेर पर आक्रमण के लिए सेना भेजी| इस सेना ने वर्षों जैसलमेर किले को घेरे रखा| इसी दौरान रावल जैतसी के एक पुत्र रतनसी की दुश्मन सेनापति महबूब खान से मित्रता […]

यहाँ खिलजी को अपने ही खजाने के बदले मिले थे कटे सिर व राख की ढेरियाँ

यहाँ खिलजी को अपने ही खजाने के बदले मिले थे कटे सिर व राख की ढेरियाँ

History of Jaisalmer : अलाउद्दीन खिलजी द्वारा विभिन शासकों से वसूले धन को पन्द्रह सौ खच्चरों व पन्द्रह सौ घोड़ों पर लाद कर जैसलमेर के रास्ते दिल्ली भेजा जा रहा था| इस काफिले की सुरक्षा के लिए कई सौ हथियारबंद सैनिक भी तैनात थे| जिसकी सूचना मिलने पर जैसलमेर के रावल जैतसी के राजकुमारों ने […]

History of Jaisalmer : ये दो दुश्मन युद्ध के मैदान में खेलते थे शतरंज

History of Jaisalmer : ये दो दुश्मन युद्ध के मैदान में खेलते थे शतरंज

History of Jaisalmer :  भगवान कृष्ण के वंशज जैसलमेर के यदुवंशी राजा जैतसी के राजकुमारों ने अलाउद्दीन खिलजी खजाना लूट लिया था| खिलजी का यह खजाना कई शासकों से बतौर नजराना एकत्र किया गया था, जो मुल्तान से पन्द्रह सौ घोड़ों व पन्द्रह सौ खच्चरों पर लादकर दिल्ली ले जाया जा रहा था| भाटी राजकुमारों […]

History of Banera Fort

Banera Fort का मेवाड़ के इतिहास में विशिष्ट स्थान रहा है| उदयपुर के महाराणा राजसिंह के पुत्र राजा भीमसिंह ने बनेड़ा रियासत की स्थापना की थी| वर्तमान भीलवाड़ा जिले में इस स्थित किले के राजा भीमसिंह ने मुगलों को अपनी तलवार के जौहर कई बार दिखलाए थे| भीमसिंह जब राजकुमार थे तब उन्होंने गुजरात पर […]

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