इसलिए आज भी स्थानीय लोगों द्वारा पूजे जाते हैं सामंत अलखाजी

अलखाजी रियासती काल में शेखावाटी के एक छोटे से जमींदार थे | उनके अधीन महज कुछ गांव ही थे, पर उन्होंने ऐसा क्या किया कि लोग आज भी जगह जगह उनके पगलिये यानी पैरों के निशानों की पूजा करते हैं | इस लेख में आज हम अलखा जी के बारे में जानकारी देंगे और साथ […]

राव शेखाजी व गौड़ों के मध्य घाटवा युद्ध : कारण और रणनीति

झूंथर सोलहवीं शताब्दी में गौड़ राजपूतों का एक शक्तिशाली केंद्र था | उस वक्त कोलराज गौड़ वहां का शासक था | जो स्वभाव से घमंडी, उदण्ड अव अभद्र प्रवृति का व्यक्ति था | वह अपनी स्मृति चिरस्थाई करने के लिए एक कोलोलाव नाम से एक तालाब बनवा रहा था | उसने नियम बना रखा था […]

वीर शिरोमणि राव शेखाजी : निर्वाण दिवस पर विशेष

आज का दिन यानी अक्षय तृतीया शेखावत वंश व शेखावाटी के प्रवर्तक वीरवर महाराव शेखाजी का निर्वाण दिवस है | महाराव शेखाजी का जन्म विजयादशमी वि. सं. 1490 में बरवाडा व नान अमरसर के शासक मोकलजी की रानी निरबाण जी के गर्भ से हुआ था | राव शेखाजी को इतिहास में नारी सम्मान का रक्षक […]

राव शेखाजी व अखनखां के मध्य ढोसी नारनोल युद्ध वि.सं. 1530

ढोसी नारनोल का नवाब अखनखां एक वीर, गर्वीला और उद्भट वहादुर योद्धा था | उसके पास शक्तिशाली व सुसंगठित सेना थी | उसकी शक्ति से दिल्ली का सुल्तान बहलोल लोदी भी खौफ खाता था, जिसका उदाहरण एक घटना से पता चलता है- बहलोल लोदी ने ईराक से बड़ी अच्छी नस्ल के, बड़ी संख्या में घोड़े […]

शेखागढ़ अमरसर : राव शेखाजी का किला अमरसर

शेखागढ़ अमरसर : साम्प्रदायिक सौहार्द और नारी सम्मान के प्रतीक राव शेखाजी का शेखागढ़ राजस्थान के अमरसर में स्थित है | अमरसर जयपुर से लगभग 60 किलोमीटर व जयपुर दिल्ली राजमार्ग पर शाहपुरा से लगभग 16 किलोमीटर दूर है| किले के मुख्यद्वार में प्रवेश करते ही खाली मैदान नजर आता है, और बायीं तरफ फिर […]

Padam Singh Bathoth History in Dingal Poem

Padam Singh Bathoth History in Dingal Poem

One record of the event, in which Padam Singh took part, has been preserved. In 1787 the king of Sīkar, the Rāo Rājā Devī Siṅgh, was annoyed by constant attacks and plunder by Pūranmall Siṅgh of Kāslī and, consequently, the king annexed five villages that belonged to the Kāslī jurisdiction. Padam Siṅgh had been appointed […]

Bathoth Fort History बठोठ का इतिहास

Bathoth Fort History  : इस छोटे से खुबसूरत किले का भी अपना गौरवशाली इतिहास है| शेखावाटी के प्रसिद्ध क्रांतिवीर डूंगर सिंह शेखावत और लोठू जाट का इस किले से सम्बन्ध रहा है| क्रांतिवीर लोठू जाट बठोठ गांव में ही रहता था, बठोठ गांव के बाहर ही जाट समाज ने क्रांतिवीर लोठू जाट की बड़ी सी […]

धोद किले का इतिहास

धोद : राजस्थान के शेखावाटी आँचल में सीकर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर धोद कस्बे में स्थित है यह किला | आज धोद पंचायत समिति व विधानसभा क्षेत्र है लेकिन यदि इसके अतीत में हम झांके तो धोद का यह किला सीकर रियासत का एक महत्त्वपूर्ण ठिकाना था और सीकर रियासत के दो […]

शेखावाटी प्रदेश का मौर्यकाल

शेखावाटी प्रदेश का मौर्यकाल

मौर्य सूर्यवंशी क्षत्रिय थे। शाक्यों के उस उच्च तथा पवित्र वंश की वे एक शाखा थे- जिसमें महात्मा गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। मोर पक्षी के बाहुल्य वाला प्रदेश होने से उसका नाम मौर्य जनपद हुआ और वहां के शासक मौर्य कहलाए 15। बौद्ध धर्मानुयायी होने से ब्राह्मणों ने उन्हें शूद्र कहना प्रारंभ किया […]

शेखावाटी प्रदेश का प्राचीन इतिहास : मत्स्य जनपद

शेखावाटी प्रदेश का प्राचीन इतिहास : मत्स्य जनपद

प्रारंभिक वैदिक युग में मत्स्यों का निवास स्थान सरस्वती और हषद्वती नामक वैदिक नदियों के, जो अब भू-गर्भ में विलुप्त हो चुकी हैं के बीच का प्रदेश था। उस काल उसे ब्रह्मऋषि देश या ब्रह्मावर्त का ही एक भाग मानते थे। सही अर्थो में वही आर्यावर्त था। आर्य ऋषियों की पवित्र तपस्थली नैमिषारण्य उसके समीप […]

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