शिलालेखों में प्रतिहार क्षत्रिय राजवंश की उत्पत्ति का इतिहास

शिलालेखों में प्रतिहार क्षत्रिय राजवंश की उत्पत्ति का इतिहास

प्रतिहार क्षत्रिय राजवंश का गुर्जर देश (वर्तमान गुजरात व राजस्थान का भाग) पर राज्य होने के कारण उन्हें इतिहास में गुर्जर नरेश संबोधित किया गया| इसी संबोधन को लेकर कुछ गुर्जर भाइयों को भ्रम हुआ कि प्रतिहार क्षत्रियों की उत्पत्ति गुर्जरों से हुई है और वे इसका जोर-शोर से प्रचार करने में लगे है, जबकि […]

इस गौरक्षक वीर के शव के साथ उसकी मंगेतर कुंवारी ही हो गई थी सती

इस गौरक्षक वीर के शव के साथ उसकी मंगेतर कुंवारी ही हो गई थी सती

गौरक्षा के लिए रतनसिंह बालापोता  द्वारा प्राणों के उत्सर्ग का समाचार रायांगणां के मांगलिया क्षत्रिय परिवार, जहाँ उसकी सगाई हुई थी, पहुंचा। तब उसकी मंगेतर मांगलियाणी कन्या रथ जुतवा कर मोरडूंगा गांव पहुंची और अपने मृत मंगेतर के शव के साथ चिता का आरोहण कर सती हो गई।  सरवड़ी व पूरणपुरा गांव के कांकड़ पर उस सती […]

गौरक्षा के लिए इस वीर ने किया था प्राणों का उत्सर्ग, लोकदेवता के रूप है मान्यता

गौरक्षा के लिए इस वीर ने किया था प्राणों का उत्सर्ग, लोकदेवता के रूप है मान्यता

सीकर के समीप मोरडूंगा ग्राम के बीचों बीच एक गौरक्षा के लिए शहीद होने वाले वीर का देवालय बना हुआ है। जहाँ भादवा सुदि द्वादशी को मेला लगता है। सैंकड़ों वर्षों से लगते आ रहे इस मेले व देवरे (देवालय) के पीछे इतिहास की एक कहानी छिपी है। इस कहानी में एक उद्भट वीर की […]

हिन्दुत्त्व के रक्षक महाराजा कर्णसिंह जी बीकानेर

हिन्दुत्त्व के रक्षक महाराजा कर्णसिंह जी बीकानेर

हिन्दुत्त्व के रक्षकों का इतिहास खंगाला जाय तो राजस्थान के इतिहास में कई राजाओं के नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखे पाये जायेंगे। हिन्दुत्त्व की रक्षा के लिए अपने प्राणों व बड़े से बड़ा त्याग करने वाले वीरों की राजस्थान में लम्बी श्रंखला रही है। इसी श्रंखला में बीकानेर के महाराजा कर्णसिंह जी का नाम इतिहास […]

रानी पद्मिनी ने करवाया था सर्जिकल स्ट्राइक, खिलजी को दिया था धोखे का जबाब

अलाउद्दीन खिलजी जब चितौड़ दुर्ग को सैनिक ताकत से फतह नहीं कर सका, तब उसने कपट का सहारा लिया। खिलजी ने राणा को सन्देश भेजा कि- मेरा इरादा आपसे लड़ने का नहीं है। मैं तो आपसे दोस्ती करने का इच्छुक हूँ। आपके पास सिंहल द्वीप से लाये पांच मुझे दे दें तो मैं चला जाऊंगा […]

इस युद्ध में महाराणा प्रताप ने चीर डाला था मुगलों को, खदेड़ दिया था मेवाड़ से

इस युद्ध में महाराणा प्रताप ने चीर डाला था मुगलों को, खदेड़ दिया था मेवाड़ से

पिछले दिनों मेवाड़ के महाराणा प्रताप द्वारा अकबर पर विजय बताने वाली इतिहास की पुस्तक के प्रकाशन के बाद, एक खास विचारधारा के लेखकों व व्यक्तियों के बीच खलबली मच गई। वे सरकार पर इतिहास का भगवाकरण करने का आरोप लगाने लगे। इसका कारण था- ‘‘इस कथित विचारधारा के लेखकों ने आजतक सिर्फ हल्दीघाटी युद्ध […]

प्रतिहार क्षत्रिय राजवंश संक्षिप्त परिचय

प्रतिहार क्षत्रिय राजवंश संक्षिप्त परिचय

प्रतिहार क्षत्रिय वंश का बहुत ही वृहद इतिहास रहा है इन्होंने हमेशा ही अपनी मातृभूमि के लिए बलिदान दिया है, एवं अपने नाम के ही स्वरुप प्रतिहार यानी रक्षक बनकर हिंदू सनातन धर्म को बचाये रखा एवं विदेशी आक्रमणकारियों को गाजर मूली की तरह काटा डाला, हमें गर्व है ऐसे हिंदू राजपूत वंश पर जिसने […]

जाने – प्रतिहार राजपूतो को क्यों कहते है गुर्जर-प्रतिहार या ऐसा ही कुछ और

जाने – प्रतिहार राजपूतो को क्यों कहते है गुर्जर-प्रतिहार या ऐसा ही कुछ और

भारत के महान साम्राज्यों में प्रतिहारों का भी एक बड़ा साम्राज्य रहा है। इसकी एक विशेषता रही है कि जैसे मौर्य, नागवंश तथा गुप्तवंश आदि थे उनके विरोधी दुश्मन एक तरफ ही थे जिससे उपरोक्त वंशों के शासकों को अपने राज्यों तथा साम्राज्य के एक ही दिशा में शत्रु का सामना करना पड़ता था जिसमें […]

प्रतिहार क्षत्रिय सम्राट मिहिर भोजदेव

प्रतिहार क्षत्रिय सम्राट मिहिर भोजदेव

सम्राट रामभद्र के बाद उसके पुत्र भोजदेव को प्रतिहार साम्राज्य का सम्राट बनाया गया| यह रामभद्र की रानी अप्पादेवी का पुत्र तथा भगवती का उपासक था| भोजदेव को मिहिर तथा आदिवराह भी कहते है| सम्राट भोजदेव के राज्य सिंहासन ग्रहण करने के साथ ही सबसे पहला कार्य बिखरे हुए साम्राज्य को वापस सुसंगठित करने का […]

राजा भी रहते थे साम्प्रदायिक तत्वों के निशाने पर

जिस तरह से आज देश की सरकारें कट्टरपंथी साम्प्रदायिक तत्वों के निशाने पर रहती है, ठीक उसी तरह रियासतकाल में राजा भी इन कट्टरपंथी साम्प्रदायिक तत्वों के के निशाने पर रहते है| वह बात अलग है कि उस काल में हिन्दू राजा आज की तरह साम्प्रदायिक राजनीति व किसी समुदाय का तुष्टीकरण नहीं करते थे| […]

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