बच्चों को शिक्षा में सहयोग देने का अनूठा तरीका था इस राजा का

आधुनिक सीकर के निर्माता व सीकर के अंतिम Rao Raja Kalyansingh ji ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया था| देशी रियासतों के विलीनीकरण के बाद भी रावराजा कल्याणसिंह जी ने क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार के लिए अपनी निजी संपत्तियां दिल खोलकर दान की थी| सीकर में श्री कल्याण सीनियर […]

इस राजा ने अकबर पर तलवार से किया था हमला

इस राजा ने अकबर पर तलवार से किया था हमला

मुग़ल बादशाह अकबर ने भारत की कुछ देशी रियासतों को छोड़कर ज्यादातर से संधि कर अपनी अधीनता स्वीकार करवा ली थी| लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि बादशाह अकबर उन राजाओं पर अपनी हर मर्जी थोप देता था, या फिर भी वे राजा बादशाह अकबर की हर बात गर्दन झुकाकर मान लेते थे| बादशाह […]

इन वीरों ने शेखावाटी में ख़त्म किया था मुस्लिम राज्य

इन वीरों ने शेखावाटी में ख़त्म किया था मुस्लिम राज्य

शेखावाटी के फतेहपुर, झुंझुनू व आस-पास के इलाके पर कायमखानी मुस्लिम शासकों की कई छोटी-बड़ी नबाबियाँ थी| आपको बता दें कायमखानी मुसलमानों की रगों में चौहानवंशी राजपूती खून दौड़ रहा है, यानी कायमखानी मुसलमान पहले चौहान राजपूत थे, पर उनके पूर्वज करमचंद द्वारा मुस्लिम धर्म स्वीकार कर अपना नाम कायमखान रखने के बाद उसकी संतिति […]

अकाल राहत की मजदूरी रोकने पर इस सामंत ने अपने भतीजे को दी ये कड़ी सजा

अकाल राहत की मजदूरी रोकने पर इस सामंत ने अपने भतीजे को दी ये कड़ी सजा

आजादी के सामंतों पर के खिलाफ तरह तरह के दुष्प्रचार किये, जिनमें गरीब के शोषण का आरोप प्रमुख रहा, लेकिन इतिहास में ऐसे कई घटनाक्रम मिलते है जिन्हें पढ़कर सामंतों की गरीबों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता और संवेदनशीलता का पता चलता है| राजस्थान में अक्सर अकाल पड़ते रहते थे| अकाल के समय रियासत के राजा, […]

इस संत ठाकुर को बड़े बड़े मुस्लिम संत खड़े होकर सलाम करते थे

बीसवीं सदी में जयपुर में कई बड़े मुस्लिम सूफी संत हुए, जिनका बड़ा नाम रहा और मुसलमान समाज में बड़ा सम्मान रहा| इनमें मौलवी हिदायतअली साहिब उक्त शताब्दी के बड़े सूफी संत हुए| उनके पौत्र खेजड़े के रास्ते वाले मौलवी साहिब का भी बड़ा नाम रहा| जयपुर के रामगंज के सूफी बाबा अल्लाहजिलाय साहिब व […]

बेइज्जती व जबरन शादियों के डर से नहीं, बल्कि इसलिए होते थे जौहर

बेइज्जती व जबरन शादियों के डर से नहीं, बल्कि इसलिए होते थे जौहर

रियासती काल में आक्रान्ताओं द्वारा वर्षों किलों को घेरने के बाद उनमें खाद्य सामग्री का अभाव हो जाता था| जीतने की जब आशा नहीं बचती तब राजपूत जौहर और साका कर युद्ध में अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया करते थे| किले में बड़ी चिता सजा कर विकराल अग्नि में महिलाओं द्वारा कूद पड़ने को […]

एक दरगाह जहाँ इबादत की जाती है एक क्षत्रिय योद्धा की

आज हम आपको एक ऐसे साम्प्रदायिक सौहार्द के स्थल की जानकारी देंगे, जहाँ एक झुझार क्षत्रिय योद्धा की मुस्लिम फ़क़ीर के नाम पर दरगाह बनी है और सभी जाति धर्मों के लोग वहां श्रद्धा व्यक्त करने आते हैं| यह दरगाह हमारी गंगा जमुनी संस्कृति की एक शानदार मिशाल है|  जी हाँ हम बार कर रहे […]

युद्ध में शकूरियों के दूध ने किया था ये कमाल

युद्ध में शकूरियों के दूध ने किया था ये कमाल

युद्ध के समय दूध की बात अक्सर चर्चा में रहती है, जैसे अपनी माँ का दूध पिया है तो मुकाबला कर, मैंने शेरनी का दूध पिया है, युद्ध में छठी का दूध याद दिला देंगे आदि आदि| इस तरह युद्ध के मैदान में माँ के दूध की चर्चा होती है| लेकिन आज हम एक ऐसे […]

युद्ध में प्राणोत्सर्ग से पहले इस योद्धा की इसलिए की गई शादी

युद्ध में प्राणोत्सर्ग से पहले इस योद्धा की इसलिए की गई शादी

किसी भी व्यक्ति द्वारा शादी गृहस्थी बसाने, भावी जीवन को सुखमय बनाने के लिए की जाती है, लेकिन राजस्थान के इतिहास में शादियों के ऐसे उदाहरण भी भरे पड़े है, जो गृहस्थ जीवन आरम्भ करने के लिए नहीं बल्कि युद्ध में अपने प्राणोत्सर्ग के बाद स्वर्ग में जाने यानी गति प्राप्त करने के लिए की […]

इतिहास में नाम दर्ज कराने के लिए उस क्षत्रिय योद्धा ने ये किया

इतिहास में नाम दर्ज कराने के लिए उस क्षत्रिय योद्धा ने ये किया

इतिहास में नाम दर्ज कराने के लिए लेखक कई किताबें लिखता है, कवि व साहित्यकार एक से बढ़कर एक रचनाएँ लिखते हैं, दान दाता बढ़ चढ़कर दान देते हैं तो लोग मंदिर, धर्मशाला, कुएं, बावड़ियाँ, सड़कें आदि बनवाते है ताकि भविष्य में लोग उन्हें याद रखे| लेकिन योद्धा इतिहास में नाम लिखवाने के लिए युद्ध […]

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