रानी अवंतीबाई

भारत की आजादी के लिए अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र आन्दोलन सन 1857 में प्रचण्ड रूप से हुआ था. देश के बहुत सारे राजा, महाराजा, बादशाह, सामंत, जागीरदार इस संघर्ष में शामिल थे| देश में प्रचलित रुढ़िवादी रीति-रिवाजों, परम्पराओं के कारण भारतीय सवतंत्रता संग्राम में भारतीय महिलाएं समुचित स्थान पाने में हालाँकि वंचित रही, फिर भी […]

स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा : ठाकुर बिशन सिंह मेड़तिया, गूलर

देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त करवाने में जिन राष्ट्रभक्त वीरों ने सक्रीय भाग लिया था, उनमें राजस्थान के मारवाड़ राज्य के परबतसर परगने के गूलर ठिकाने के स्वामी बिशनसिंह मेड़तिया का भी अविस्मरणीय स्थान है। ठाकुर बिशन सिंह बादशाह अकबर के विरुद्ध चितौड़ के प्रसिद्ध युद्ध में जूझते हुए प्राणोत्सर्ग करने वाले राव […]

स्वतंत्रता समर के योद्धा : सूरजमल सांभरिया

लेखक : ठा. सौभाग्य सिंह शेखावत स्वाधीनता संग्राम की ज्वाला को प्रज्वल्लित करने वाले राष्ट्रीय वीरों में गुजरात प्रान्त के भूतपूर्व ईडर राज्य के मुड़ेटी स्थान के स्वामी सूरजमल (Surajmal Chauhan)का अनुपेक्षीय स्थान है| ठाकुर सूरजमल क्षत्रियों के छतीस राजकुलों में प्रसिद्ध चौहान कुल में उत्पन्न हुआ था| समयान्तर से चौहान कुल के एक घटक […]

भूले बिसरे नायक : अदम्य साहसी कप्तान फुल सिंह (आई.एन.ए)

Freedom Fighter Capt.Phool Singh, INA गुडगाँव के राजीव चैक से ,गुडगाँव-अलवर राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या 248-ए पर(पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग-8), मात्र 11 किलो मीटर की दूरी पर एक गांव बसा है-भूबड़े सिंह, जिसका अपभ्रंश भोंडसी हो गया है। राव राजा भूबड़े सिंह के नाम पर बसाए गए इस राजपूत बहुल गाँव का सैन्य दृष्टि से एक […]

दामोदर राठी : आजादी की लड़ाई के आर्थिक स्तम्भ

बिलायती बनियों (अंग्रेज) के राज में देश के कई देशी बनियों (सेठों) ने अंग्रेजों के संरक्षण में अपने व्यापार का खूब प्रसार कर धन कमाया| उनके अंग्रेजों के साथ होने का ही कारण था कि ये सदैव क्रांतिकारियों के निशाने पर रहते थे| शेखावाटी के क्रांतिवीर डुंगजी जवाहर जी हो या बलजी भूरजी, इनका देशी […]

मृत्यु का पूर्वाभास : क्रांति के अग्रदूत राव गोपालसिंह खरवा के अद्भुत महाप्रयाण की घटना

मनुष्य को अपनी मृत्यु के पूर्वाभास होने की कई कहानियां आपने भी अपने आस-पास सुनी होगी | मेरा भी ऐसी कई घटनाओं से वास्ता पड़ा है जिसमे मरने वाले ने अपनी मृत्यु के सही सही समय के बारे में अपने परिजनों व उपस्थित लोगों को बता दिया | पर ऐसी घटनाओं को हम यह सोचकर […]

क्रांतिवीर : लोटियो जाट और सांवतो मीणों

वि.स. 1903 की एक सुबह आगरा के लाल-किले के प्रहरियों ने देखा -किले के मुख्य द्वार से थोड़ी दूर एक महात्मा ने धूणा लगा रखा है महात्मा खुद तो ध्यान में मग्न है और उनका चेला धूणे में लकड़ियाँ डाल रहा है राह चलते लोग बाबा को प्रणाम करने रुक रहे थे,चेला उनसे कह रहा […]

स्वतंत्रता समर के योद्धा : महाराज बलवंत सिंह ,गोठड़ा

स्वतंत्रता प्रयासी योद्धाओं में हाडौती क्षेत्र के महाराज बलवंत सिंह हाड़ा गोठड़ा का अविस्मर्णीय योगदान रहा है | राजस्थान के हाडौती भू -भाग के दो राज्य कोटा और बूंदी ब्रिटिश प्रभाव की वारुणी का पान कर अभय स्वापन हो चुके थे | अंग्रेज सत्ता का स्वागत कर दोनों राज्य प्रसन्न थे | किन्तु उसी समय […]

स्वतंत्रता समर के योद्धा : श्याम सिंह, चौहटन

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में जूझने वाले राजस्थानी योद्धाओं में ठाकुर श्याम सिंह राठौड़ का बलिदान विस्मृत नहीं किया जा सकता | 1857 के देशव्यापी अंग्रेज सत्ता विरोधी सशस्त्र संघर्ष के पूर्व राजस्थान में ऐसे अनेक स्वातन्त्र्यचेता सपूत हो चुके है जिन्होंने ब्रिटिश सत्ता के वरदहस्त को विषैला वरदान समझा था | शेखावाटी , बिदावाटी, हाडौती […]

स्वतंत्रता समर के योद्धा : महाराज पृथ्वी सिंह कोटा

स्वदेश की स्वंत्रता के लिए आत्मोसर्ग करने में महाराज पृथ्वी सिंह हाडा का भी उर्जस्वी स्थान है | पृथ्वी सिंह कोटा के महाराव उम्मेद सिंह का लघु पुत्र और महाराव किशोर सिंह द्वितीय का लघु भ्राता था | ब्रिटिश सरकार की दृष्टि में समस्त भारतवर्ष पर अपना आधिपत्य स्थापित करने में अब पंजाब और राजस्थान […]