ठाकुर शिवनाथसिंह आसोप : स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा

ठाकुर शिवनाथसिंह आसोप : राजस्थान के राजाओं की अंग्रेजों के साथ संधियाँ थी | इन संधियों के कारणों पर “शेखावाटी प्रदेश का राजनैतिक इतिहास” में लिखा है –“मराठों और पिंडारियों की लूट खसोट से तंग आकर न चाहते हुए भी राजस्थान के राजाओं ने ईस्ट इण्डिया कम्पनी से वि.सं. 1875 में संधियाँ कर ली |(पृष्ठ- […]

निशान सिंह : अंग्रेजों का काल | स्वतंत्रता समर के योद्धा

निशान सिंह  : चारों तरफ अंग्रेज सैनिक खड़े थे। सूरज अपने चरम पर था। एक विशाल हवेली का प्रांगण भीड़ से भरा हुआ था। भीड़ में डरे सहमे लोग भवन के मुख्य द्वार की तरफ टकटकी लगाये देख रहे थे। तभी कुछ अंग्रेज सैनिक एक पुरुष को जकड़े हुये भवन में से निकलते हैं। वीर […]

ठाकुर कुशालसिंह आउवा : स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा

ठाकुर कुशालसिंह आउवा देश की स्वतंत्रता के लिए सन 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ की गई शस्त्र क्रांति करने वाले क्रांतिकारियों में प्रमुख व्यक्ति थे | ठाकुर कुशालसिंह जी जोधपुर रियासत के आउवा ठिकाने के जागीरदार थे | ठाकुर कुशालसिंह चांपावत राठौड़ थे और जोधपुर रियासत के प्रथम श्रेणी के जागीरदार थे | इन्होंने मारवाड़ […]

अपने प्रिय राजा के खिलाफ ही किया स्वतंत्रता आन्दोलन का शंखनाद

स्वतंत्रता आन्दोलन के पुरोधा कुंवर मदन सिंह राजावत  : जिस राजा की गोद में खेले उसी कि रियासत में किया स्वतंत्रता आन्दोलन का शंखनाद आज हम स्वतंत्रता आन्दोलन से जुड़ी एक ऐसी रोचक घटना की बात करेंगे जिस पर आप सहज विश्वास ही नहीं कर पायेंगे | स्वतंत्रता आन्दोलन के एक ऐसे पुरोधा की जानकारी […]

राजा बलवंत सिंह भिनाय

स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों में अजमेर मेरवाड़ा संभाग के भिनाय ठिकाने के राजा बलवंत सिंह राठौड़ का प्रमुख नाम है। राजा बलवंत सिंह का शासन काल वह काल था जब भारत में ईस्ट इंडिया कम्पनी के रूप में ब्रिटिश सत्ता अपना सामराज्य फैला रही थी। भारत में अंग्रेजों का विरोध करने वाली शक्तियां समाप्त हो […]

कमाल कर दिया था शेखावाटी के इस मीणा क्रांतिवीर ने

शेखावाटी ब्रिगेड के झुंझुनू स्थित मुख्यालय पर क्रांतिवीर दुल्हेसिंह शेखावत का कटा शीश लटका रहा था, तो दूसरी और क्रांतिकारी दुल्हेसिंह शेखावत के गांव गुडा में क्रांतिवीर का सिर लाने और मेजर फोरेस्टर का घमण्ड चूर करने के लिए कई क्रांतिवीर बड़े से बड़े बलिदान देने की तैयारी कर रहे थे| आपको बता दें राजस्थान […]

1857 से पहले की क्रांति ने यहाँ तोड़ा था दम | डूंगजी जवाहर जी

राजस्थान के शेखावाटी आँचल के स्वतंत्रचेता छोटे राजपूत शासकों को अंग्रेजों का दखल कभी पसंद नहीं था | पर जयपुर जैसी बड़ी रियासत द्वारा अंग्रेजों के साथ संधि करने के बाद अंग्रेजों को शेखावाटी आँचल में भी पैर पसारने का मौका मिल गया | पर यहाँ के शूरवीर जागीरदारों ने अपने सीमित साधनों के दम […]

Raja Hanuwant Singh Bisen of Kalakankar

 Raja Hanuwant Singh Bisen of Kalakankar  Freedom fighter                                                              अंग्रेजों की गुलामी से देश को आजाद कराने में कालाकांकर रियासत का भी अपना एक इतिहास है। […]

अंग्रेज संधि से क्रुद्ध इस वीर ने कप्तान लुडलो पर तलवार से किया था वार

उस दिन जोधपुर का मेहरानगढ़ किला खाली करके अंग्रेजों को सुपुर्द करने का कार्य चल रहा था। किले के बाहर कर्नल सदरलैण्ड और कप्तान लुडलो अपने पांच-सात सौ सैनिकों के साथ किले पर अधिकार के लिए किला खाली होने का इंतजार कर रहे थ। किले के किलेदार रायपुर ठिकाने के ठाकुर माधोसिंह किला खाली करने […]

क्रांतिवीर मोड़सिंह चौहान

अगस्त 1942 के एक दिन अहमदाबाद में चारों ओर अग्रेजों भारत छोड़ो के नारे लग रहे थे, नन्हें मुन्नें बालक भी ट्राफिक सिग्नल की ओर पत्थर फैंक रहे थे| तभी वहां आईबारा नाम के एक पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस आई और सीधे भीड़ पर गोली चला दी| पुलिस गोली से साईकिल सवार एक […]

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