जोधपुर किले का इतिहास History of Jodhpur Fort

रणबंका राठौड़ों की नगरी जोधपुर में, किसी ओर से भी प्रवेश करने पर कोसों दूर से चिड़ियानाथ पहाड़ी पर धरती का लाडला, मेहरानगढ़ दूर से चमकता दिखाई देता है | जोधपुर में सूरज की सर्वाधिक किरणें पड़ती है अंत: सूरज की रौशनी में नहाये किले की चमक देखते ही बनती है | धरातल से 121 […]

Kuchaman Fort History कुचामन का किला

Kuchaman Fort History कुचामन का किला

Kuchaman Fort History वीरता और शौर्य का प्रतीक यह किला एक विशाल और ऊँची पहाड़ी पर बना है, जो गिरि दुर्ग का सुन्दर उदाहरण है । उन्नत प्राचीर और सुदृढ़ बुर्जों वाला यह किला प्राचीन भारतीय शिल्प शास्त्रों में वर्णित दुर्ग स्थापत्य के आदर्शों के अनुरूप निर्मित जान पड़ता है । नागौर जिले की नावां […]

इसलिए है कुचामन किले में वनखंडी बाबा की धुणी सबसे ऊपर

किसी भी दिशा से कुचामन सिटी में प्रवेश करने से एक ऊँची पहाड़ी पर कुचामन का किला नजर आता है और किले पर नजर आती है एक छतरीनुमा आकृति जो किले में सबसे ऊपर बनी है | किले में जितने भी महल, मंदिर व अन्य इमारतें है वे इस छतरीनुमा आकृति से नीचे बनाई गई […]

तोप के गोले भी नहीं तोड़ पाए थे लकड़ी के इन किंवाड़ों को

किसी भी घर, दफ्तर या ईमारत की सुरक्षा के लिए दरवाजों का सबसे बड़ा महत्त्व है | प्राचीन काल से ही आम व्यक्ति से लेकर राजा-महाराजा तक सुरक्षा के लिए अपने मकानों, महलों, किलों के दरवाजों की मजबूती का विशेष ध्यान रखते थे | आप किसी भी किले के दरवाजों की मजबूती देखकर उनकी महत्ता […]

History of Danta Fort दांता किले का इतिहास

History of Danta Fort : ऊँची पहाड़ी पर अपना गर्वीला मस्तक उठाकर खड़े इस किले का अपना ही स्वर्णिम इतिहास है | इसी किले की कहानी और इसके शासकों के संक्षिप्त इतिहास आज हम बताएँगे इस लेख में |  इस छोटे से किले व छोटी सी रियासत के स्वाभिमानी शासकों ने लड़े थे कई बड़े […]

History of Hamirgarh Fort हमीरगढ़ फोर्ट का इतिहास

History of Hamirgarh Fort : अनगिनत युद्धों में तोपों की मार झेलते झेलते आज यह दुर्ग जीर्ण अवस्था में पहुँच चुका है| मेवाड़ की सुरक्षा के लिए महाराणा कुम्भा द्वारा बनाये 84 दुर्गों में से एक यह दुर्ग मेवाड़ का प्रवेश द्वार है| यही कारण है कि चितौड़ पर होने वाले ज्यादातर आक्रमणों का सबसे […]

प्रकृति की सुरम्य वादियों में चौहान राजाओं ने बनाया था यह किला

प्रकृति की सुरम्य वादियों में चौहान राजाओं ने बनाया था यह किला

History of Khandar Fort  : पर्वत श्रृंखलाओं के मध्य, नदियों, नहरों से घिरे अथाह जलराशि वाले तालाबों से आवृत, हरियाली से आच्छादित प्रकृति माँ की गोद में अद्भुत सुरक्षा कवच से ढके खण्डार के दुर्ग में गिरी व वन दुर्ग के दोनों गुण विद्यमान हैं| समुद्र तल से लगभग 500 मीटर तथा भूतल से लगभग […]

यदुवंशी भाटी राजपूतों ने 1700 वर्ष पूर्व बनाया था मरुस्थल में यह दुर्ग

प्राचीन दिल्ली मुल्तान व्यापारिक मार्ग पर बने होने के कारण Bhatner Fort का अपना अलग ही सामरिक महत्त्व था| भगवान कृष्ण के वंशज यदुवंशी भाटी राजपूतों की वीरता और पराक्रम का साक्षी रहा यह दुर्ग बीकानेर से लगभग 144 मील उत्तर पूर्व में हनुमानगढ़ जिले में स्थित है| घघ्घर नदी पर बना यह दुर्ग “उत्तर […]

History of Bhakri Fort : औरंगजेब व जयपुर की सेनाएं नहीं जीत पाई थी इस छोटे से किले को

History of Bhakri Fort : छोटी सी पहाड़ी पर अपना गर्वीला मस्तक उठाकर खड़े इस छोटे से किले का अपना गौरवशाली इतिहास रहा है| इस किले के राठौड़ों की मेड़तिया शाखा के शासकों ने यह कहावत पूरी तरह चरितार्थ की है कि मरण नै मेड़तिया और जान में उदा. यहाँ के वीर शासकों ने अपने […]

History of Banera Fort

Banera Fort का मेवाड़ के इतिहास में विशिष्ट स्थान रहा है| उदयपुर के महाराणा राजसिंह के पुत्र राजा भीमसिंह ने बनेड़ा रियासत की स्थापना की थी| वर्तमान भीलवाड़ा जिले में इस स्थित किले के राजा भीमसिंह ने मुगलों को अपनी तलवार के जौहर कई बार दिखलाए थे| भीमसिंह जब राजकुमार थे तब उन्होंने गुजरात पर […]

1 2 3 4