History of Timangarh Fort : इस किले में थे कभी स्वर्ण के भण्डार

History of Timangarh Fort : इस किले में थे कभी स्वर्ण के भण्डार

History of Timangarh Fort : इस किले का राजा पारस पत्थर से लोहे को बदलता था सोने में : राजस्थान में एक ऐसा किला है जिसके बारे में इतिहासकार लिखते है कि इस किले के राजा के पास पारस पत्थर था, जिसकी मदद से वह लोहे को स्वर्ण में बदल लिया करता था| यही कारण […]

बुंदेलखंड के इन महलों की छटा भी कम नहीं राजस्थान के महलों से

बुंदेलखंड के इन महलों की छटा भी कम नहीं राजस्थान के महलों से

राजस्थान में स्वप्नलोक सरीखे एक से बढ़कर महल और किसी तिलिस्म के समान किलों की लम्बी श्रंखला है| पर इस मामले में बुंदेलखंड भी पीछे नहीं है| यहाँ के किलों, महलों, मंदिरों आदि की स्थापत्यकला भी दर्शनीय है| यदि हम बुंदेलखंड के ओरछा की ही  बात करें तो वहां के ऐतिहासिक स्थलों की शिल्पकला अद्भुत […]

राष्ट्रपति भवन को टक्कर देता है राजपूताने का यह स्वप्निल महल

राष्ट्रपति भवन को टक्कर देता है राजपूताने का यह स्वप्निल महल

जोधपुर की छितर नामक पहाड़ी पर 26 एकड़ क्षेत्र में हल्के गुलाबी पीले बालुई रंग के पत्थरों से बना यह महल किसी तिलिस्म या स्वपन महल से कम नहीं है| बहुत कम लोग जानते है कि 1929 ई. से 1944 ई. के लम्बे समय में 1,09,11,228 रूपये की सम्पूर्ण लागत से बना यह महल अकाल […]

शेरशाह सूरी इसी किले के दम पर बना था भारत का बादशाह

शेरशाह सूरी इसी किले के दम पर बना था भारत का बादशाह

आज आपको एक ऐसे किले की कहानी बताने जा रहे है जिस किले पर अधिकार करने के बाद शेरशाह सूरी को अथाह दौलत मिली थी और उसी दौलत के सहारे वह हुमायूँ को हराकर भारत का बादशाह बन गया था| जी हाँ ! हम बात कर रहे गौड़ किले की| हालाँकि इस स्थान का नाम […]

कृष्ण के वंशज यदुवंशी राजा ने बनाया था, रेत के अथाह समन्दर के बीच यह स्वप्नमहल

कृष्ण के वंशज यदुवंशी राजा ने बनाया था, रेत के अथाह समन्दर के बीच यह स्वप्नमहल

रेगिस्तान के अथाह समन्दर के मध्य बलुए पत्थरों से निर्मित जैसलमेर का किला किसी तिलिस्म व स्वप्न महल से कम नहीं लगता| यही नहीं किले को देखने वाला पर्यटक अनायास ही सोच में पड़ जाता है कि इस वीराने रेगिस्तान में क्या सोचकर यह किला बनवाया था| आज हम बताते है आपको इस किले को […]

एक ऐसा दुर्ग जिसका कोई आक्रमणकारी दरवाजा ना खोल सका

एक ऐसा दुर्ग जिसका कोई आक्रमणकारी दरवाजा ना खोल सका

पश्चिमी राजस्थानमें अरावली पर्वत श्रंखला की सोनागिरी पहाड़ी पर गोल आकृति में लूणी नदी की सहायक सूकड़ी नदी के किनारे जालौर दुर्ग बसा है| देश का प्राचीन और सुदृढ़ रहा यह दुर्ग धरातल से 425 मीटर ऊँचा है| ऊँची नीची पहाड़ियों की चोटियों को प्राचीरों व बुर्जों से ढक दिया गया है| सात मीटर ऊँची […]

रेत के अथाह समन्दर के बीच किसी स्वप्न महल से कम नहीं यह किला

रेत के अथाह समन्दर के बीच किसी स्वप्न महल से कम नहीं यह किला

जैसलमेर के विशाल रेगिस्तान में जैसलमेर दुर्ग जिसे सोनार का किला के नाम से विश्व में जाना जाता है, किसी तिलिस्म व आश्चर्यलोक सा लगता है। रेत के अथाह समन्दर के बीच बने इस स्वप्न महल को देखकर मन में हैरत भरी जिज्ञासा जाग उठती है, कि आखिर वे कौनसे कारण व आकर्षण होंगे, जिसके […]

शेरशाह सूरी ने ब्राह्मण मंत्री की सहायता से छल से कब्जाया था यह किला

शेरशाह सूरी और उसके ब्राह्मण मंत्री चूड़ामणि ने धोखे से रोहतासगढ़ किले से हिन्दू शासन खत्म कर उसकी जगह मुस्लिम शासन की स्थापना की थी|

शेरशाह सूरी ने ब्राह्मण मंत्री की सहायता से छल से कब्जाया था यह किला

सदियों से हिन्दू राजाओं के अधिपत्य में रहा सुदृढ़ रोहतासगढ़ जो पूर्वी भारत का प्रवेश द्वार था, 16 वीं सदी में मुस्लिम शासक शेरशाह सूरी ने अपने अधीन कर लिया। बंगाल के शासक इब्राहीम खान को हराकर शेरशाह सूरी पूरे बिहार और आस-पास के क्षेत्र का अधिपति बन बैठा था। शक्तिशाली बनने के बाद शेरशाह […]

पर्यावरण के लिए नक्शा बदलना पड़ा था इस किले का

पर्यावरण के लिए नक्शा बदलना पड़ा था इस किले का

देश में रियासती काल में पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले प्रदूषण की कोई समस्या ही नहीं थी| बावजूद रियासतों के राजा पर्यावरण को लेकर काफी गंभीर व जागरूक थे| हम राजस्थान की ही बात करें तो हर गांव, कस्बे, शहर के पास तत्कालीन शासकों, जागीरदारों, सामंतों द्वारा छोड़े गए ओरण उनकी पर्यावरण के प्रति जागरूकता […]

राजा मानसिंह आमेर को बेहद लगाव था इस किले से

राजा मानसिंह आमेर को बेहद लगाव था इस किले से

अपने पूर्वजों द्वारा निर्मित होने के कारण राजा मानसिंह को रोहतासगढ़ किले से बेहद लगाव था। अतः मुगल शासन में उस क्षेत्र की सूबेदारी मिलने पर उन्होंने अपना मुख्यालय रोहतासगढ़ को ही बनाया और स्वयं अपनी सेना सहित वहां रहने लगे। दुर्ग के सामरिक महत्त्व को देखते हुए उन्होंने दुर्ग की सुदृढ़ किलबंदी करवाई। चार […]

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