प्रकृति की सुरम्य वादियों में चौहान राजाओं ने बनाया था यह किला

प्रकृति की सुरम्य वादियों में चौहान राजाओं ने बनाया था यह किला

History of Khandar Fort  : पर्वत श्रृंखलाओं के मध्य, नदियों, नहरों से घिरे अथाह जलराशि वाले तालाबों से आवृत, हरियाली से आच्छादित प्रकृति माँ की गोद में अद्भुत सुरक्षा कवच से ढके खण्डार के दुर्ग में गिरी व वन दुर्ग के दोनों गुण विद्यमान हैं| समुद्र तल से लगभग 500 मीटर तथा भूतल से लगभग […]

यदुवंशी भाटी राजपूतों ने 1700 वर्ष पूर्व बनाया था मरुस्थल में यह दुर्ग

प्राचीन दिल्ली मुल्तान व्यापारिक मार्ग पर बने होने के कारण Bhatner Fort का अपना अलग ही सामरिक महत्त्व था| भगवान कृष्ण के वंशज यदुवंशी भाटी राजपूतों की वीरता और पराक्रम का साक्षी रहा यह दुर्ग बीकानेर से लगभग 144 मील उत्तर पूर्व में हनुमानगढ़ जिले में स्थित है| घघ्घर नदी पर बना यह दुर्ग “उत्तर […]

History of Bhakri Fort : औरंगजेब व जयपुर की सेनाएं नहीं जीत पाई थी इस छोटे से किले को

History of Bhakri Fort : छोटी सी पहाड़ी पर अपना गर्वीला मस्तक उठाकर खड़े इस छोटे से किले का अपना गौरवशाली इतिहास रहा है| इस किले के राठौड़ों की मेड़तिया शाखा के शासकों ने यह कहावत पूरी तरह चरितार्थ की है कि मरण नै मेड़तिया और जान में उदा. यहाँ के वीर शासकों ने अपने […]

History of Banera Fort

Banera Fort का मेवाड़ के इतिहास में विशिष्ट स्थान रहा है| उदयपुर के महाराणा राजसिंह के पुत्र राजा भीमसिंह ने बनेड़ा रियासत की स्थापना की थी| वर्तमान भीलवाड़ा जिले में इस स्थित किले के राजा भीमसिंह ने मुगलों को अपनी तलवार के जौहर कई बार दिखलाए थे| भीमसिंह जब राजकुमार थे तब उन्होंने गुजरात पर […]

History of Timangarh Fort : इस किले में थे कभी स्वर्ण के भण्डार

History of Timangarh Fort : इस किले में थे कभी स्वर्ण के भण्डार

History of Timangarh Fort : इस किले का राजा पारस पत्थर से लोहे को बदलता था सोने में : राजस्थान में एक ऐसा किला है जिसके बारे में इतिहासकार लिखते है कि इस किले के राजा के पास पारस पत्थर था, जिसकी मदद से वह लोहे को स्वर्ण में बदल लिया करता था| यही कारण […]

बुंदेलखंड के इन महलों की छटा भी कम नहीं राजस्थान के महलों से

बुंदेलखंड के इन महलों की छटा भी कम नहीं राजस्थान के महलों से

राजस्थान में स्वप्नलोक सरीखे एक से बढ़कर महल और किसी तिलिस्म के समान किलों की लम्बी श्रंखला है| पर इस मामले में बुंदेलखंड भी पीछे नहीं है| यहाँ के किलों, महलों, मंदिरों आदि की स्थापत्यकला भी दर्शनीय है| यदि हम बुंदेलखंड के ओरछा की ही  बात करें तो वहां के ऐतिहासिक स्थलों की शिल्पकला अद्भुत […]

राष्ट्रपति भवन को टक्कर देता है राजपूताने का यह स्वप्निल महल

राष्ट्रपति भवन को टक्कर देता है राजपूताने का यह स्वप्निल महल

जोधपुर की छितर नामक पहाड़ी पर 26 एकड़ क्षेत्र में हल्के गुलाबी पीले बालुई रंग के पत्थरों से बना यह महल किसी तिलिस्म या स्वपन महल से कम नहीं है| बहुत कम लोग जानते है कि 1929 ई. से 1944 ई. के लम्बे समय में 1,09,11,228 रूपये की सम्पूर्ण लागत से बना यह महल अकाल […]

शेरशाह सूरी इसी किले के दम पर बना था भारत का बादशाह

शेरशाह सूरी इसी किले के दम पर बना था भारत का बादशाह

आज आपको एक ऐसे किले की कहानी बताने जा रहे है जिस किले पर अधिकार करने के बाद शेरशाह सूरी को अथाह दौलत मिली थी और उसी दौलत के सहारे वह हुमायूँ को हराकर भारत का बादशाह बन गया था| जी हाँ ! हम बात कर रहे गौड़ किले की| हालाँकि इस स्थान का नाम […]

कृष्ण के वंशज यदुवंशी राजा ने बनाया था, रेत के अथाह समन्दर के बीच यह स्वप्नमहल

कृष्ण के वंशज यदुवंशी राजा ने बनाया था, रेत के अथाह समन्दर के बीच यह स्वप्नमहल

रेगिस्तान के अथाह समन्दर के मध्य बलुए पत्थरों से निर्मित जैसलमेर का किला किसी तिलिस्म व स्वप्न महल से कम नहीं लगता| यही नहीं किले को देखने वाला पर्यटक अनायास ही सोच में पड़ जाता है कि इस वीराने रेगिस्तान में क्या सोचकर यह किला बनवाया था| आज हम बताते है आपको इस किले को […]

एक ऐसा दुर्ग जिसका कोई आक्रमणकारी दरवाजा ना खोल सका

एक ऐसा दुर्ग जिसका कोई आक्रमणकारी दरवाजा ना खोल सका

पश्चिमी राजस्थानमें अरावली पर्वत श्रंखला की सोनागिरी पहाड़ी पर गोल आकृति में लूणी नदी की सहायक सूकड़ी नदी के किनारे जालौर दुर्ग बसा है| देश का प्राचीन और सुदृढ़ रहा यह दुर्ग धरातल से 425 मीटर ऊँचा है| ऊँची नीची पहाड़ियों की चोटियों को प्राचीरों व बुर्जों से ढक दिया गया है| सात मीटर ऊँची […]

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