धर्म ग्रंथो पर अज्ञानियों द्वारा निरर्थक बहस

धर्म ग्रंथो पर अज्ञानियों द्वारा निरर्थक बहस

कई दिनों से कुछ एक स्वयम्भू विद्वानों द्वारा धर्म ग्रंथो के श्लोकों की मनमानी व्याख्या पढने को मिल रही है ये तथाकथित विद्वान हिन्दू धर्म के लिए किसी सिरफिरे मानसिक विकृत लेखकों की पुस्तको का हवाला देते रहते है पर ये ये क्यों नहीं समझते कि जिन मानसिक विकृत लेखको ने इस तरह का साहित्य […]

कन्वोकेशन गाउन मसले पर ईसाई समूह का बेमतलब प्रलाप

पिछले शुक्रवार को केन्द्रीय वन और पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश द्वारा एक दीक्षांत समारोह में कन्वोकेशन गाउन उतार देने के बाद देश में पहली बार छत्तीसगढ़ के घासीदास सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी ने २६ अप्रेल को होने वाले दीक्षांत समारोह में गाउन की जगह खादी का कुर्ता-पायजामा व बांस की टोपी पहनने का फैसला किया है जो […]

फैशन में धोती, कुरता और पगड़ी

फैशन में धोती, कुरता और पगड़ी

तन पर धोती कुरता और सिर पर साफा (पगड़ी) राजस्थान का मुख्य व पारम्परिक पहनावा होता था , एक जमाना था जब बुजुर्ग बिना साफे (पगड़ी) के नंगे सिर किसी व्यक्ति को अपने घर में घुसने की इजाजत तक नहीं देते थे आज भी जोधपुर के पूर्व महाराजा गज सिंह जी के जन्मदिन समारोह में […]

संवेदनहीन द्वारा संवेदनशीलता की अपेक्षा

कुछ दिन पहले मै लाला रामजीलाल के कारखाने में उनके ऑफिस उनके पास बैठा था , लाला जी अपने कुछ देनदारों की संवेदनहीनता पर बड़े खीजे हुए और नाराज थे लाला जी की ये देनदार कम्पनियां लाला जी के कारखाने में अपना कच्चा माल भेज कर उसे जॉब वर्क पर तैयार करवाती है इसी जॉब […]

1411-स्थानीय ग्रामीण ही बचा सकतें है बाघ

1411-स्थानीय ग्रामीण ही बचा सकतें है बाघ

देश में सिर्फ १४११ बाघ ही बचे है यह गिनती सही है या गलत इस पर सवाल उठाया जा सकता है पर यह सच है कि हमारे देश के जंगलों व अभ्यारण्यों में तस्करों द्वारा किये गए अवैध शिकार के चलते  बाघों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है और यही हाल रहा तो […]

जातीय भावनाओं का दोहन

जब से अमर सिंह जी समाजवादी पार्टी से बाहर हुए है | मोबाइल फ़ोन पर क्षत्रिय एकता के एस एम् एस की बाढ़ सी आई हुई है | क्षत्रियो जागो ,उठो , एक हो जावो , आज स्वाभिमान रैली है , आज गर्जना रैली है ,आज रथ यात्रा फलां शहर पहुंचेगी उसका जोश के साथ […]

कैसे बचे ईमानदारी ?

रामसिंह अपनी कालेज की पढाई पूरी करने के बाद दिल्ली आ गया | उसके गांव में ज्यादातर बुजुर्ग भारतीय सेना के रिटायर्ड थे और गांव के ज्यातर युवा भी फ़ौज में थे जिनसे राम सिंह को हमेशा ईमानदारी पूर्वक कार्य करने की शिक्षा व प्रेरणा ही मिली थी | पारिवारिक संस्कारों में भी ईमानदारी महत्वपूर्ण […]

क्या मृत्यु समय का मृत्युपूर्व पूर्वाभास होता है ?

कई बार कई बुजुर्ग व्यक्ति अपनी मृत्यु से सम्बंधित ऐसी बाते कहते है जिससे लगता है कि उन्हें अपनी मृत्यु के समय का पूर्वाभास हो गया है लेकिन उनकी बातों पर ये समझकर कि बुढापे की बिमारियों या सठिया जाने की वजह से ये ऐसा कह रहे है उनकी बाते परिजन अनसुनी कर देते है […]

काश उन मामलों को मै ऐसे निपटाता !

काश उन मामलों को मै ऐसे निपटाता !

आज राम सिंह को कारखाने के प्रबंधक पद से सेवा मुक्त हुए पूरा महीना बीत गया लेकिन पद पर रहते जो लोग उसके आगे पीछे घुमा करते थे वे आजतक मिलने भी नहीं आये जिन कारखाना मालिकों के फायदे के लिए राम सिंह दूसरो का बुरा करने तक में नहीं चूका उन मालिकों का भी […]

चेतावनी रा चुंग्ट्या : कवि की कविता की ताकत

चेतावनी रा चुंग्ट्या : कवि की कविता की ताकत

chetawani ra chutiya : 1903 मे लार्ड कर्जन द्वारा आयोजित दिल्ली दरबार मे सभी राजाओ के साथ हिन्दू कुल सूर्य मेवाड़ के महाराणा का जाना राजस्थान के जागीरदार क्रान्तिकारियो को अच्छा नही लग रहा था इसलिय उन्हे रोकने के लिये शेखावाटी के मलसीसर के ठाकुर भूर सिह ने ठाकुर करण सिह जोबनेर व राव गोपाल […]