खीरां आई खिचड़ी अर टिल्लो आयो टच्च

खीरां आई खिचड़ी अर टिल्लो आयो टच्च = मौके पर आना|
गांवों में आज भी शादी हो या अन्य समारोह इंतजाम के लिए गांव वाले मिलकर ही कार्य करते है| शादी समारोह में मिठाइयाँ आदि बनाने के लिए हलवाई तो जरुर आता है पर उसकी सहायता के लिए गांव वाले ही कार्य करते है और सब बिना मेहनताने के एक दुसरे की सहायता स्वरूप होता है|

पर गांवों में कई व्यक्ति ऐसे भी होते है जो मेहनत नहीं करना चाहते और कार्य पूरा होते ही वहां पहुँच जाते है ताकि कोई यह नहीं कह सके कि वे काम करने आये ही नहीं थे| ऐसे व्यक्तियों के लिए अक्सर राजस्थान में ग्रामीण लोग हंसी मजाक करते हुए इस कहावत का प्रयोग करते है| खीरां आई खिचड़ी अर टिल्लो आयो टच्च यानि जब खिचड़ी पक गयी तो टिल्ला खाने के लिए झट से आ गया|

गांवों में ऐसे स्मार्ट बच्चों व व्यक्तियों के लिए जो अपने मतलब के लिए एकदम सजग रहते है को अक्सर टिल्ला कह कर पुकारा जाता है|

Rajasthani kahawat, lok lahavate, kahavate

13 Responses to "खीरां आई खिचड़ी अर टिल्लो आयो टच्च"

  1. Gajendra singh Shekhawat   January 26, 2013 at 3:26 am

    बिलकुल सही …..ये लोग अपने आप को प्रदर्शित करने का मौका नहीं गवाते ।

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  2. काजल कुमार Kajal Kumar   January 26, 2013 at 4:17 am

    सहमत

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  3. ऐसे ही लोगों को आजकल बुद्धिमान समझा जाता है.

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  4. प्रवीण पाण्डेय   January 26, 2013 at 10:07 am

    हर जगह यह प्रजाति पायी जाती है।

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  5. देश के 64वें गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!

    आपकी पोस्ट के लिंक की चर्चा कल रविवार (27-01-2013) के चर्चा मंच-1137 (सोन चिरैया अब कहाँ है…?) पर भी होगी!
    सूचनार्थ… सादर!

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  6. Vikesh Badola   January 26, 2013 at 1:19 pm

    मैं कई बारातों में ऐसे लोगों को प्रत्‍यक्ष देख चुका हूं। काम न करें या काम समाप्‍त होने पर मेहमान बनकर पहुंचे यह तो सहनीय है, पर उसके बाद कार्यकर्ताओं के काम में मीन-मेख निकालने की इनकी आदत से बहुत पीड़ा होती है।

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  7. बेसरम की तरह हर जगह यह प्रजाति पनप रही है,,,,

    गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाए,,,
    recent post: गुलामी का असर,,,

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  8. ताऊ रामपुरिया   January 27, 2013 at 7:31 am

    पहले ऐसे टिल्ला कम पाये जाते थे पर आजकल ये बहुतायत में पाये जाते हैं.

    रामराम.

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  9. Shankar Rathore   January 29, 2013 at 7:19 am

    aaj charo aur tile hi tile hai

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  10. Srokna   October 11, 2015 at 1:43 pm

    Har tille ke sath bi aesa hi karna chahiye

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  11. ajay kumawat   March 13, 2016 at 5:51 pm

    Hamare yaha to 90% tille h

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  12. ajay kumawat   March 13, 2016 at 5:54 pm

    Hamare yaha to 90% tille h

    Reply

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