क्या आप भी उबुन्टू लिनक्स में स्काईपी इस्तेमाल नहीं कर पा रहे है

क्या आप भी उबुन्टू लिनक्स में स्काईपी इस्तेमाल नहीं कर पा रहे है

पिछले कई महीनो से उबुन्टू लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल कर रहा था थोडा थोडा समझने के बाद इसके इस्तेमाल का मजा बढ़ता गया लेकिन दो चीजे ऐसी थी जो उबुन्टू लिनक्स इस्तेमाल करने के मजे में कंकर मिला मजा किरकिरा कर रही थी इनमे पहला विडियो प्लेयर में विडियो का ना चलना और दूसरा skype में आवाज नहीं आना | जब भी कोई विडियो चलाने की कोशिश की विडियो लोड होते ही विडियो प्लेयर ही डेस्कटॉप से गायब हो जाता था अंकुर गुप्ता की सलाह पर vlc player भी इंस्टाल करके देखा लेकिन सारी कोशिशे नाकायाब रही | ऐसा ही हाल skype के इस्तेमाल में हुआ जब भी किसी को कनेक्ट करने की कोशिश करो problem with audio playback लिखा आ जाता था आखिर इस समस्या के समाधान के लिए गूगल बाबा की शरण लेनी पड़ी और गूगल बाबा कभी निराश नहीं करते, उन्होंने थोडा माथा पच्ची कराने के बाद दोनों समस्याएँ सुलझवा ही दी तो सोचा क्यों न इस समस्या का समाधान यहाँ हिंदी में भी लिख दिया जाए ताकि हिंदी भाषियों को इस समस्या से निपटने में आसानी हो |

सबसे पहले आज चर्चा करते है उबुन्टू में skype की समस्या problem with audio playback की :-

1- skype Run करे |
2- अब skype की options में जाए |
3- option में sound Device पर क्लिक करें |

अब sound in , sound out, Ringing के आगे intel ICH5(hw:ICH5.0) सलेक्ट कर Apply पर चटका लगा दे |
यदि आपके सिस्टम में intel ICH5(hw:ICH5.0) का आप्शन नहीं मिलता तो इसकी जगह pulse सलेक्ट कर Apply पर चटका लगा दे | अब आपकी skype में problem with audio playback समस्या का समाधान हो चूका है आप अपने किसी भी मित्र से बात कर सकते है |

उबुब्टू लिनक्स में विडियो प्लेयर में विडियो न चलने की समस्या के समाधान की चर्चा अगली पोस्ट में |

9 Responses to "क्या आप भी उबुन्टू लिनक्स में स्काईपी इस्तेमाल नहीं कर पा रहे है"

  1. Aflatoon   August 3, 2009 at 1:31 am

    आपकी पोस्ट्स की प्रेरणा से मैं विन्डोज़ से लिनक्स की डेटा फाइलें बचा पाया । शुक्रिया। दरअसल फेडोरा बूट नहीं हो रहा था किन्तु विन्डोज़ खुल रहा था । रवि रतलामी सहित लिनक्स ज्ञाताओं ने सलाह दी कि या तो विन्डोज़ से डेटा फाइलों का उद्धार करें अथवा लिनक्स की सीडी से चला कर । फिर आपकी उबन्टू वाली पोस्टों को पढ़कर मुझमें हिम्मत जागी। explore 2fs के प्रयोग से मैं सभी फाइलें बचा कर विन्डोज़ पर ला सका हूँ , धन्यवाद।
    यह बता देना उचित होगा कि मेरी पत्नी अपने शोध के लिए फेडोरा का इस्तेमाल करती हैं और मैं लिनक्स से आकर्षित होने के बावजूद विन्डोज़ का ।

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  2. Udan Tashtari   August 3, 2009 at 1:49 am

    ये सब हमारी पहुँच के बाहर की बातें हैं.

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  3. उन्मुक्त   August 3, 2009 at 2:45 am

    मैं अपने डेस्कटॉप पर उबुंटू का इस्तेमाल करता हूं। उबुंटूं इंस्टाल करते समय डिपेन्डंसीज़ का चक्कर रहता है पर वी एल सी मीडिया प्लेयर बढ़िया चलता है।

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  4. Jai Prakash Chaurasia   August 3, 2009 at 2:47 am

    good for hindi blogs.

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  5. रंजन   August 3, 2009 at 3:19 am

    अच्छा है.. वैसे हम तो अभी विन्डोज की शरण में ही है..

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  6. तकनीकी विषय पर एक और अच्छी जानकारी के लिए आभार.. हैपी ब्लॉगिंग 🙂

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  7. परमजीत बाली   August 3, 2009 at 7:19 am

    अच्छी जानकारी दी आभार।

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  8. ताऊ रामपुरिया   August 3, 2009 at 10:53 am

    आपने जानकारी तो बहुत ही सुंदर दी है पर हमारे लिये तो काला अक्षर भैंस बराबर.:)

    रामराम.

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  9. डॉ. मनोज मिश्र   August 3, 2009 at 4:16 pm

    समीर जी वाली टिप्पडी मेरी भी समझिये भाई जी.

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