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Friday, May 27, 2022

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एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्दति

शरीर के विभिन्न हिस्सों खासकर हथेलियों और पैरों के तलवों के महत्वपूरण बिन्दुओं पर दबाव डालकर विभिन्न रोगों का इलाज करने की विधि को एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्दति कहा जाता है | चिकित्सा शास्त्र की इस पद्दति का मानना है कि शरीर में हजारों नसों ,रक्त धमनियों ,मांसपेसियों ,स्नायू और हड्डियों के साथ कई अन्य चीजे मिलकर इस शरीर रूपी मशीन को चलाते है | अत : किसी बिंदु पर दबाव डालने से उससे सम्बंधित जुड़ा भाग प्रभावित होता है इस पद्दति के लगातार अध्ययनों के बाद मानव शरीर के दो हजार ऐसे बिंदु पहचाने गए है जिन्हें एक्यू पॉइंट कहा जाता है जिस एक्यू पॉइंट पर दबाव डालने से उसमे दर्द हो उसे बार बार दबाने से उस जगह से सम्बंधित बीमारी ठीक हो जाती है | इस पद्दति में हथेलियों ,पैरों के तलवों ,अँगुलियों और कभी कभी कोहनी अथवा घुटनों पर हल्के और मध्यम दबाव डालकर शरीर में स्थित उन उर्जा केन्द्रों को फिर से सक्रीय किया जाता है जो किसी कारण अवरुद्ध हो गई हों |
बिना दवा के इलाज करने वाली यह पद्दति सरल ,हानिरहित, खर्च रहित व अत्यंत प्रभावशाली व उपयोगी है जिसे कोई भी थोड़ी सी जानकारी हासिल कर कभी भी कहीं भी कर सकता है | बस शरीर से सम्बंधित अंगों के बिंदु केन्द्रों की हमें जानकारी होनी चाहिए | निचे दिए दो चित्रों में आप शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों से सम्बंधित बिन्दुओं (एक्यू पॉइंट ) के बारे जान सकते है | चित्र को बड़ी साइज में देखने के लिए चित्र पर क्लिक करें |


इस पद्धति का विकास चीन में होने के कारण इसे चीनी पद्धति के रूप में जाना जाता है। लेकिन इसकी उत्पत्ति को लेकर काफी विवाद भी हैं। एक ओर जहां चीन का इतिहास यह बताता है कि यह पद्धति 2000 वर्ष पहले चीन में विकसित होकर सारी दुनिया के सामने आई। वहीं, भारतीय मतों के अनुसार आयुर्वेद में 3000 ई.पू. ही एक्यूप्रेशर में वर्णित मर्मस्थलों का जिक्र किया जा चुका है। वर्तमान में भारत और चीन के साथ ही हांगकांग, अमरीका आदि देशों में भी कई रोगों के उपचार में एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति काम में लाई जाती है।
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स्वस्थ रहे एलोवेरा के साथ ;

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18 COMMENTS

  1. बहूत बढ़िया , पढ़कर अच्छा लगा और अधिक जानने की इक्षा बनी / अगला लेख इसी विषय पर सविस्तार लिखे तो अच्छा होगा /थैंक्स/

  2. बहुत आभार … धन्यवाद … कुछ मैंने भी आजमाया हुआ है … औषधालय का पूरा पता कहाँ से मिलेगा डॉक्टर साहिब जी…

  3. समस्या यही है कि यह बहुत स्ट्रक्चर्ड विधा के रूप में उभर कर नहीं आई – इसमें विद्वान से लेकर क्वैक/नीम-हकीम तक सभी के लिये स्पेस है।
    शरीर में दबाव बिदु होना तर्कसंगत लगता है; पर उस आधार पर आम जन तसल्लीबक्श चिकित्सा कैसे कराये? प्रश्न यह है।

  4. एक्यूप्रेशर के बार में जानकर अच्छा लगा…ये अत्यंत लाभकारी है…लेकिन मन में एक सवाल उठता है कि अगर कोई व्यक्ति पथरी से परेशान है और उसका उपचार भी चल रहा है….ऐसी स्थिति में क्या उसे एक्यूप्रेशर का सहारा लेना चाहिए….मोहम्मद शरीफ

  5. एक्युप्रेशर बहुत ही अच्छी कम खर्च पर होने वाली चिकित्सा है। लेकिन इसके समझ वाले कम लोग है। सरकार की ओर से अनपोषित है। जिस कारण सही विकास की बाट जोह रही है। क्रमश:————–। Dr. Mohan Gupta, New Delhi 110047

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