श्री भैरों सिंह शेखावत की प्रशस्ति में -2

श्री भैरों सिंह जी शेखावत के जन हित कार्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्वान कवि डा. उदयवीर शर्मा द्वारा रचित कुछ दोहे – सस्ती सगुणी ओपती,सहज सरल साधार |
शिक्षा देवन गांव में,खोल्या शिक्षा द्वार ||१३

ज्ञान बिना जीवन निफल,ज्ञान बिना के जात |
ज्ञान बिना जनतंत्र के,थे समझी या बात ||१४

उन्नत शिक्षा नै सुगम,आप करी फलदाय |
शिक्षा रै इतिहास में,डंको दियो पुजाय ||१५

जन-सेवा में सार्थक,ऊँचे पड़ रे साथ |
आप करी लूंठी लगन,कृपा करी श्रीनाथ ||१६

गँवा में भारत बसे,चेतनता साकार |
ई में रमिया राम जी,ठनका भाव उदार ||१७

निसदिन सोच्यो अर करयो,गँवा रो उत्थान |
अलख जगायो ज्ञान रो,गांव-गांव गुणगान ||१८

गांव विकासी योजना,घनी करी साकार |
जीवन-दरसण आपरो,गैंग नदी री धार ||१९

सगळी दीठा सु सबळ,करियो ग्राम विकास |
धन गँवा रा लाडला,रच्यो एक इतिहास ||२०

ज्ञान,भावना,करम में,रमियो ग्राम सुधर |
धन-धन शेखावत सुभग,थांरा कार विहार ||२१
क्रमशः

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