रेत के झरने

रेत के झरने

आपने पानी के झरने तो बहुत देखे होंगे पर रेत के झरने देखना तो दूर शायद सुने भी नहीं होंगे | पर आज आपको रेत के झरनों के कुछ चित्र दिखा रहा हूँ ये चित्र जैसलमेर के थार मरुस्थल में रहने वाले मेरे फेसबुक मित्र श्री चन्दन सिंह भाटी ने अपने केमरे से क्लिक कियें है |



हठीलो राजस्थान-17 |
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23 Responses to "रेत के झरने"

  1. M VERMA   September 30, 2010 at 1:22 pm

    बेहद खूबसूरत फोटोग्राफी. सुन्दर दृश्य

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  2. प्रवीण पाण्डेय   September 30, 2010 at 1:28 pm

    बड़े सुन्दर और नये चित्र।

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  3. Patali-The-Village   September 30, 2010 at 2:00 pm

    बहुत सुन्दर चित्रण …..

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  4. Gagan Sharma, Kuchh Alag sa   September 30, 2010 at 2:50 pm

    शेखावतजी,
    गजब की प्रकृति की लीला का नजारा दिखलवाया है।

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  5. राज भाटिय़ा   September 30, 2010 at 4:44 pm

    गजब है जी हम ने यहां एक बार टी वी पर देखा थ कोई जर्मन इन्हे अरब से अपने केमरे मै केद कर के लाया था धन्यवाद

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  6. Pagdandi   September 30, 2010 at 5:05 pm

    bhut khubsurat h hukum……..mere desh ki mati ki bat hi kuch aur h

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  7. डॉ. मोनिका शर्मा   September 30, 2010 at 5:37 pm

    बहुत सुन्दर …….

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  8. Uncle   October 1, 2010 at 1:36 am

    Nice

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  9. chitrkar   October 1, 2010 at 1:39 am

    अति सुन्दर

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  10. बहुत सुन्दर फोटो ….प्रकृति भी क्या क्या दिखाती है

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  11. नरेश सिह राठौड़   October 1, 2010 at 4:57 am

    इस सवर्ण युक्त मिट्टी का जितना बखान किया जाए उतना ही कम है | अति सुन्दर और लाजवाब दृश्य है |

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  12. अन्तर सोहिल   October 1, 2010 at 5:40 am

    अद्भुत, आश्चर्यजनक और खूबसूरत भी
    इन फोटो के लिये आभार

    प्रणाम स्वीकार करें

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  13. सुज्ञ   October 1, 2010 at 6:00 am

    सुना था रेत मुट्ठी से सरक जाती है, आज देखा रेत बडे टीलो से झरनों सी सरक जाती है।

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  14. ZEAL   October 1, 2010 at 6:50 am

    सुन्दर चित्रण ! आभार !

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  15. वन्दना   October 1, 2010 at 6:58 am

    गज़ब के सुन्दर चित्र हैं …………ऐसे तो कभी देखे ही नही……………बिल्कुल जीवन्त हैं।

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  16. mahendra verma   October 1, 2010 at 11:57 am

    अद्भुत, मनोरम, विस्मयकारी, विलक्षण,
    आपके कैमरे की दृष्टि को शत् शत् नमन

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  17. काजल कुमार Kajal Kumar   October 2, 2010 at 8:40 am

    simply unbelievable …मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि रेत के आयाम ये भी हो सकते हैं.

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  18. sudhakar soni,cartoonist   October 2, 2010 at 2:45 pm

    ये फोटो राजस्थान पत्रिका मे पहले छाप चुकी है पहले पेज पर . पत्रिका ने अपने फोटो ग्रफेर को प्रमोशन भी दिया था

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  19. pratibha   December 6, 2010 at 11:34 am

    —-Extraordinary—-

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  20. chandan singh bhati   March 21, 2011 at 4:11 pm

    sudhakarji yeh foto patrika se pahle liye hue hai us foto mai ishme jyada fark hai

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  21. Vinod Agrawal   July 17, 2012 at 5:49 pm

    Hamne Kabhi Socha Bhee nahi Tha Ki Ret Ke Jharne Bhee Hote Honge

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  22. sonu patwa   February 17, 2014 at 8:32 am

    Jai marubhumi

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  23. sonu patwa   February 17, 2014 at 8:34 am

    जय मरुभुमि

    Reply

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