राजपूत संगठनों व समाज में फूट डालने का षड्यंत्र तो नहीं ये

राजपूत संगठनों व समाज में फूट डालने का षड्यंत्र तो नहीं ये

भाजपा और कांग्रेस दोनों दल राजस्थान में लोकसभा की सभी 25 सीटें जीतने की रणनीति बना रही है| देखने में दोनों दल जीतने वाले प्रत्याशियों को चुनावी रण में उतारने में लगे हैं, लेकिन जीत की इस रणनीति में कई खेल भी खेले जायेंगे| जिन्हें आम मतदाता तो नहीं समझ पा रहे पर राजनीतिक क्षेत्र की समझ रखने वाले बखूबी समझ रहे हैं| राजनैतिक जानकारों के अनुसार अपने सबसे बड़े राजपूत वोट बैंक की नाराजगी झेल रही भाजपा भी राजसमन्द लोकसभा सीट पर एक ऐसा ही खेल खेलने जा रही है, जिसे राजपूत सामाजिक संगठन व बुद्धिजीवी समाज के खिलाफ षड्यंत्र मान रहे हैं|

आपको बता दें राजसमन्द से भाजपा के मौजूदा सांसद हरिओम सिंह द्वारा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान करने के बाद भाजपा इस सीट से जयपुर के पूर्व राजपरिवार की सदस्य दीया कुमारी को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है| अब आप कहेंगे कि इसमें राजपूत समाज के खिलाफ षड्यंत्र कैसा ? बल्कि यह सीट राजपूतों को ही दी जा रही है| पर टिकट के इस खेल को राजपूत समाज के बुद्धिजीवी समाज के खिलाफ षड्यंत्र मान रहे हैं| आपको बता दें बेशक भाजपा दीयाकुमारी को टिकट देकर राजपूत टिकटों की गिनती गिनवाती रहे पर प्रदेश का आम राजपूत दीयाकुमारी को पसंद नहीं करता|

ज्ञात हो दीयाकुमारी द्वारा सगोत्रीय से शादी कर सामाजिक परम्परा तोड़ने के बाद राजपूत समाज ने उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर रखा है| ऐसे में राजसमन्द से दीयाकुमारी को वोट देने के मामले में राजपूत समाज में दो राय रहेगी और उसके बहिष्कार व समर्थन की बहस में राजपूत समाज व सामाजिक संगठनों के मध्य फूट पड़ना पक्का है और यह बात भाजपा नेतृत्व अच्छी तरह से जानता है| आपको बता दें फरवरी 2018 में भी दिल्ली में देशभर के क्षत्रिय संगठन केन्द्रीय नेतृत्त्व के लिए “क्षत्रिय संसद” के गठन के लिए एकत्र हुए तो भाजपा के एक बड़े क्षत्रिय नेता “क्षत्रिय संसद” की अवधारणा को विफल बनाने में जुट गए और क्षत्रिय संगठनों को एक नहीं होने दिया| ठीक उसी तरह राजसमन्द में भी दीयाकुमारी को टिकट देना राजपूत बुद्धिजीवी राजपूत समाज में फूट डालने का भाजपाई षड्यंत्र समझ रहे हैं|

सामाजिक नेताओं का मानना है कि बेशक भाजपा समाज में फूट डालने में सफल हो जाए पर दीयाकुमारी को टिकट दिया गया तो आम राजपूत दीयाकुमारी का विरोध करेगा, वह हारेगी और भाजपा के मिशन मोदी अगेन 2019 को खुद नुकसान पहुंचाएगी|

One Response to "राजपूत संगठनों व समाज में फूट डालने का षड्यंत्र तो नहीं ये"

  1. Kunwar gopal singh mertiya   March 26, 2019 at 7:07 am

    Jai charbhuja ki
    M rajasamand ka ek samanya voter hu or m diya kumari ko vote nhi kr skta
    Kyunki mere liye BJP,Congress se pehele
    Kshatra dharma h uski
    Paramparaye h

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