39.5 C
Rajasthan
Friday, May 27, 2022

Buy now

spot_img

म्हारे मरुधर देश रा प्यारा ढाणी-गाँव

म्हारे मरुधर देश रा प्यारा ढाणी-गाँव ।
कोरा कोरा मटका रो सोंधो -सोंधो पाणी।
गर्मी रा मौसम को कलेवो, छाछ – राबड़ी और धाणी
पीपल अर खेजड़ा री, ठंडी शीतळ छांव
म्हारे मरुधर देश रा प्यारा ढाणी-गाँव ।।(1)

पावणा रो अठै होवै मोकलो सत्कार
टाबर ,जिव -जिनवारां न हेत रो पुचकार
सीधा सांचा लोग अठा रा, त्योंहारा रो चाव

म्हारे मरुधर देश रा प्यारा ढाणी-गाँव ।।(2)
केर कमटिया सांगरी का मेवा री सुवास
धर्म दान और वीरता रा मंड्या पड्या इतिहास
नर -नारयां रो अठे ,फुटरो बणाव्
म्हारे मरुधर देश रा प्यारा ढाणी-गाँव ।।(3)

प्याऊ ठंडा पानी का, हेला रो हेत अठै
मीठी बोली ऱी अपणायत आ सोना जेड़ी रेत् कठै
दुबड़ी ऱी जड़ की तरियां, आपस रो जुडाव
म्हारे मरुधर देश रा प्यारा ढाणी-गाँव ।।(4)

गजेन्द्र सिंह शेखावत

शब्दार्थ- 1.कलेवा- नाश्ता, 2.पावणा-मेहमान,3. मोकल़ो- खूब अच्छा,4.टाबर -बच्चे ,4.फुटरो- सुंदर,5.बणाव्- श्रृंगार, 6.हेत-अपणायत – नेह ,आत्मीयता

Related Articles

6 COMMENTS

  1. गर्मी रा मौसम को कलेवो, छाछ – राबड़ी और धाणी
    पीपल अर खेजड़ा री, ठंडी शीतळ छांव
    म्हारे मरुधर देश रा प्यारा ढाणी-गाँव

    बहुत सुंदर, अभी कल ही इस माहोल से वापस लौटे हैं.आपने अनुभव को शब्द दे दिये.

    रामराम.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Stay Connected

0FansLike
3,333FollowersFollow
19,700SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles