महामहिम राष्ट्रपति जी के जन्म दिन समारोह में

महामहिम राष्ट्रपति जी के जन्म दिन समारोह में

लगभग एक सप्ताह पूर्व ही श्री श्रवणसिंहजी शेखावत का सन्देश आ गया था कि 19 दिसम्बर को महामहिम राष्ट्रपति जी का जन्म दिन है और आपको उन्हें जन्म दिन की शुभकामनाएँ देने हेतु राष्ट्रपति भवन पहुंचना है | श्री श्रवणसिंहजी शेखावत दिल्ली राजपूत समाज के सक्रीय कार्यकर्ता है उनका दिल्ली में रहने वाले राजस्थान के लगभग 1500 राजपूत परिवारों से सीधा संपर्क है | और वे राजपूतवर्ल्ड ब्लॉग के नियमित पाठक भी है |

19 दिसम्बर सुबह 9.30 बजे मैं अपनी पुत्री ,पुत्रवधू और मित्र जीतेन्द्रसिंह राठौड़ और उनकी धर्म पत्नी के साथ राष्ट्रपति भवन के गेट न. 37 पर पहुंचे जहाँ सुरक्षा ने लगे सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हमारी गाड़ी रोककर पूछताछ करनी शुरू करदी,मैं उन्हें कोई जबाब देता तब तक कुछ दूर खड़े एक सुरक्षा अधिकारी ने मेरे सिर पर राजस्थानी साफा (पगड़ी) देखकर सुरक्षा कर्मियों से कहा कि ये राजस्थान के राजपूत लोग है इन्हें अन्दर जाने दीजिए | और हमारी गाड़ी राष्ट्रपति भवन की पार्किंग में पहुँच गई तभी अविनाश वाचस्पति जी का फ़ोन आ गया,उनसे संक्षिप्त बातचीत कर हम आगे बढ़ गए जहाँ अधिकारी लोग समारोह में शामिल होने वाले लोगों के नामों की सूचियाँ लेकर खड़े थे हमें भी नाम पूछकर अपनी सूचि से मिलान कर आगे जाने को कहा गया,समारोह स्थल पर बैठने हेतु काफी लम्बी लाइन लगी थी हम भी अनुशासन की पालना करते हुए लाइन में खड़े हो गए पर कुछ ही देर में वहां तैनात एक अधिकारी की जैसे ही हमारे ऊपर नजर पड़ी वे तुरंत हमारे पास दौड़े चले आये और हमें लाइन से निकालकर सीधे समारोह स्थल पर पहुंचा कर एक तरफ इशारा किया कि सर आपके लिए बैठने की वहां व्यवस्था है | राष्ट्रपति भवन के गेट व फिर समारोह स्थल के अधिकारी द्वारा दिए सम्मान के बाद मुझे अपनी परम्परागत राजस्थानी वेशभूषा के महत्व व उसके प्रति लोगों के सम्मान का आभास हुआ |

समरोह स्थल पर उद्घोषणानुसार कुछ ही देर में महामहिम राष्ट्रपति जी अपने पति श्री देवीसिंह शेखावत के साथ घोड़ो की बग्गी में बैठकर पधारी | उनके आते ही राष्ट्रगान की धुन बजी व उसके बाद महामहिम ने अपने सुरक्षा दल की परेड का सलामी लेते हुए निरिक्षण किया ,तत्पश्चात राष्ट्रपति सुरक्षा दल के अधिकारीयों व कर्मियों ने एक बढ़कर एक करतब दिखा अपने शौर्य व कार्यकुशलता का प्रदर्शन किया | इस प्रदर्शन में घोड़ों के करतब व परेड देखना शानदार यादगार रही | ये प्रदर्शन पुरे होने के बाद उद्घोषिका ने सभी को मुग़ल गार्डन में जाने का अनुरोध किया | मुग़ल गार्डन में महामहिम के साथ फोटो खिंचवाने के बाद नाश्ते का कार्यक्रम था |

ठीक राष्ट्रपति भवन के पीछे एक मुग़ल गार्डन के एक बड़े लान में सभी को अपने अपने दलों के साथ खड़ा कर दिया गया जिनमे राजपूत समाज का दल सबसे बड़ा था | कुछ ही देर में वहां राष्ट्रपति जी अपने पति के साथ पहुंची और सभी दलों के साथ बारी बारी से फोटो खिंचवाए | हमारा दल काफी बड़ा था सो दल के लोगों ने राष्ट्रपति भवन के अधिकारीयों से अनुरोध किया कि हमारे दो ग्रुप फोटो का कार्यक्रम बनाए एक पुरे ग्रुप का साथ व दूसरा महिलाओं के साथ ,लेकिन अधिकारी समय का बहाना बना आनाकानी कर रहे थे | हमारा ग्रुप की फोटोग्राफी होने के बाद ग्रुप के सदस्यों ने महामहिम को शुभकामनाओं सहित गुलदस्ते भेंट किये | मेरी पुत्रवधु ने महामहिम को डा.विक्रमसिंह राठौड़ ,गुन्दोज द्वारा लिखित एक पुस्तक “राजपूत नारियां” भेंट की जिसे राष्ट्रपति जी ने बड़े गौर देखा व पुत्रवधू से उसके लेखक व उसमे लिखी सामग्री के बारे पूछा ,पुत्रवधू द्वारा पुस्तक के बारे में दी गयी जानकारी को उन्होंने पुरे ध्यान से सुना और वादा भी किया कि वे उस पुस्तक को जरुर पढ़ेंगी |और उन्होंने फोटोग्राफर को राजपूत महिलाओं के साथ एक और फोटो खेंचने के निर्देश दिए |

फोटोग्राफी के बाद राष्ट्रपति जी के साथ ही सबका नाश्ते का कार्यक्रम था पर उनकी व्यस्तता के चलते उनके आने में देरी हो रही थी और हमें भी कुछ और जरुरी कार्य थे सो हम बिना नाश्ता किये ही समयाभाव के चलते बाकि कार्यक्रम छोड़कर बीच में ही चले आये |


महामहिम राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल जी के साथ राजपूत महिलाऐं |

महामहिम के जन्म दिन समारोह में उनके साथ राजपूत समाज के गणमान्य लोग |

11 Responses to "महामहिम राष्ट्रपति जी के जन्म दिन समारोह में"

  1. प्रवीण पाण्डेय   December 22, 2010 at 4:06 pm

    महामहिम को जन्मदिन की बधाई। आपको कार्यक्रम में भाग लेने की भी।

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  2. अरे वाह. बहुत अच्छा लगा. हमें भी..

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  3. Pagdandi   December 22, 2010 at 9:25 pm

    bhut accha laga hukum

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  4. dhiru singh {धीरू सिंह}   December 23, 2010 at 1:41 am

    बधाई आपको जन्मदिन मे सम्म्लित होने की

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  5. ललित शर्मा   December 23, 2010 at 3:11 am

    घणी घणी बधाई

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  6. ललित शर्मा   December 23, 2010 at 3:14 am

    परम्परागत वेशभूषा में जंच रहे हो भाई साहब

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  7. नरेश सिह राठौड़   December 23, 2010 at 4:58 am

    बहुत बढ़िया काम किया है आपने | बधाई हो …|

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  8. अविनाश वाचस्पति   December 23, 2010 at 10:12 am

    शु्क्रिया, मैं न सही, पर मेरा फोन तो पहुंच ही गया, बिना किसी जांच के। इससे जाहिर होता है कि हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग में सकारात्‍मक आंच है।
    व्‍यंग्‍यकार के स्‍वर में सोपानस्‍टेप मासिक की एक व्‍यंग्‍य रचना सुनिए गोरी तेरा गांव बड़ा प्‍यारा …

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  9. Rahul Singh   December 23, 2010 at 1:03 pm

    हमारी भी बधाई और फोटो के लिए आपका आभार.

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  10. कुन्नू सिंह   December 23, 2010 at 5:59 pm

    वाह! पढ के मजा आ गया, फोटो लगाने के लिए धन्यवाद!

    ढेर सारी बधाईयां!

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  11. संगीता स्वरुप ( गीत )   December 24, 2010 at 5:52 am

    बहुत बहुत बधाई

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