आदरणीय श्री भैरों सिंह जी को अश्रुपूरित श्रधांजलि

शेखा-कुल रा लाडला,धाकड़ धुनी सुजान |

उजला सूरज-कुल-रतन,भैरूं सिंघ मतिमान ||१

मरुधर-माटी री महक,जन-मन का सरदार |

दीन-हीन-रक्षक सुधी,थे भारत-गल-हार ||२

भोग्यो जीवन गांव रो,देख्या घणा अभाव |

पण सांचा अनथक पथिक,राख्यो कर्मठ भाव ||३

राष्ट्र धरम ने पालियो,जस फैल्यो चौफेर |

धन सेवा री मूर्ति,शेखावाटी शेर ||४

मरुधर रो मोती कथां,के मरुधर रो शेर |

के मरुधर रो च्यानानो,कीरत चढी सुमेर ||५(विद्वान कवि डा. उदयवीर शर्मा द्वारा रचित)

भैरों सिंह शेखावत विराट व्यक्तित्व के धनी थे। वे जन-जन के नेता थे। एक साधारण परिवार में जन्म लेकर राजनीति …के शिखर तक पहुंचने वाले “शेर-ए-राजस्थान” के निधन से राजनीति के एक युग का अंत हो गया |
श्री भैरों सिंह जी के निधन के बाद भारतीय राजनीती में उनकी कमी हमेशा खलती रहेगी |

विनम्र अश्रुपूरित श्रधांजलि |

श्री भैरों सिंह जी शेखावत की प्रशस्ति में- 1
श्री भैरों सिंह शेखावत की प्रशस्ति में -2
श्री भैरों सिंह शेखावत की प्रशस्ति में -3

गलोबल वार्मिंग की चपेट में आयी शेखावटी की ओरगेनिक सब्जीया
ताऊ पहेली – 74
बढ़ते उम्र का हमसफ़र है एलोवेरा जेल |

13 Responses to "आदरणीय श्री भैरों सिंह जी को अश्रुपूरित श्रधांजलि"

  1. सलीम ख़ान   May 15, 2010 at 2:25 pm

    apurniya kshati !!!

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  2. Udan Tashtari   May 15, 2010 at 2:42 pm

    विनम्र श्रृद्धांजलि!!

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  3. भैरोंसिंह शेखावत तो विराट चरित्र थे। उनका सांचा भगवान ने उन्हे बना शायद तोड़ दिया था।
    सदा याद रहेंगे।

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  4. रंजन   May 15, 2010 at 3:53 pm

    श्रृद्धांजलि..

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  5. honesty project democracy   May 15, 2010 at 3:56 pm

    निश्चय ही सद्चरित्र वाले नेताओं के अभाव भरे इस देश में ,एक इमानदार नेता का चला जाना इस देश के लिए बहुत भारी क्षति है /

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  6. ललित शर्मा   May 15, 2010 at 4:27 pm

    जद भी म्हे शेखावत बाबा सुं मिल्यां,
    बांको घणो ही प्रेम पायो।
    घणा मानीता माणस था।
    शायद अत्ताई दिनां को साथ थो

    अश्रुपूरित श्रद्धांजलि

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  7. डॉ. मनोज मिश्र   May 15, 2010 at 4:29 pm

    विनम्र श्रृद्धांजलि!!

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  8. राज भाटिय़ा   May 15, 2010 at 4:44 pm

    बहुत दुखद समाचार है जी

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  9. Rajendra Swarnkar   May 16, 2010 at 1:37 am

    लाडेसर रजथान रा , शेखावत सरदार !
    नैण सजळ श्रद्धांजळी निंवण हज़ारूं बार !!
    – राजेन्द्र स्वर्णकार
    शस्वरं

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  10. अल्पना वर्मा   May 16, 2010 at 4:45 am

    उन्हें विनम्र श्रृद्धांजलि.
    उनके जाने के साथ ही राजनीति का एक अध्याय खतम हो गया जैसे.

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  11. प्रवीण पाण्डेय   May 16, 2010 at 5:08 am

    भारतीय राजनीति में विराटत्व के उपमान थे । श्रद्धान्जलि ।

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  12. RAJIV MAHESHWARI   May 17, 2010 at 8:13 am

    विनम्र श्रृद्धांजलि!!

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  13. "राजस्थान का एकही सिंह ; भैरोंसिंह…भैरोंसिंह . …….!" इस नारे का भी एक इतिहास हो गया! भैरोंसिंह जी जैसे कद्दावर नेता का चले जाना बहुत ही दु:खदायी है! हम उनके अपूर्व योगदान नहीं भुला सकते! उनके आदर्श पथ पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि साबित होगी! वे सच्चे क्षत्रिय योद्धा थे; जिन्हें गरीब जनता के प्रति विशेष लगाव था! जिनके अलौकिक चरित्र ने राजस्थान की मिटटी की प्रतिष्ठा और भी बढा दी थी!

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