दिल है छोटा सा ,छोटी सी आशा

दिल है छोटा सा ,छोटी सी आशा

नहीं भाता किसी को पतझड़ का आना

पर मैं चाहूँ की वो एक बार पलट के आये

बच गए जो गम वो भी झड़ जाये

अपने आँगन में जमा कर लो अनचाहे ख्याल

मैं आँधी को बुला के उड़वा दूंगी

नम्र निवेदन किया है मैने अग्नि से कि….

वो आपकी नेकी को बिन झुलसाये

बदी को धुंआ बना अपने संग ले जाये

फाल्गुन के संग न्योता भिजवा दिया है चैत्र को

वो संग नई चेतना और उमंगो कि कोपल लेते आये

तुम अटल रहना इरादों पे…..

बैशाख कि लू भी उन्हें झुलसा न पाए

रुक जरा अरमानो के बादल ,

तू उड़ेल न देना सारे अरमां एक ही जगह पर

मै चाहूँ तू छितर जाये

तुम एक बार तो जीतो अपने अहंकार को

जश्न मनाने तो मैं चारो ऋतुओ को बुला लूँगी

मांग लूँगी खुदा से खुशियाँ हर आँगन के लिए

उसने नहीं दी तो ,उसके झोले से चुरा लूँगी

केसर क्यारी ….उषा राठौड़

19 Responses to "दिल है छोटा सा ,छोटी सी आशा"

  1. Udan Tashtari   February 27, 2011 at 7:40 pm

    बहुत सुन्दर/भावपूर्ण रचना..

    Reply
  2. Ratan Singh Shekhawat   February 28, 2011 at 2:15 am

    सुन्दर भावपूर्ण अभिव्यक्ति |

    Reply
  3. Uncle   February 28, 2011 at 2:17 am

    बढ़िया रचना |

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  4. chitrkar   February 28, 2011 at 3:06 am

    पिछली रचनाओं की तरह ये भी बढ़िया लगी

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  5. वन्दना   March 1, 2011 at 7:32 am

    वाह बेहद उम्दा आहवान्……………अति सुन्दर रचना।

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  6. arganikbhagyoday   March 1, 2011 at 12:53 pm

    अति सुन्दर !

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  7. खूबसूरत इच्छायें…

    Reply
  8. ताऊ रामपुरिया   March 1, 2011 at 1:48 pm

    अति भावपूर्ण अभिव्यक्ति, शुभकामनाएं.

    रामराम.

    Reply
  9. Kulwant Happy   March 1, 2011 at 1:56 pm

    उम्दा रचना

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  10. राज भाटिय़ा   March 1, 2011 at 6:13 pm

    बहुत सुन्दर रचना.

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  11. सुशील बाकलीवाल   March 2, 2011 at 8:55 am

    उत्तम रचना…

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  12. Kajal Kumar   March 2, 2011 at 9:46 am

    वाह जी ये तो सुंदर कविता है

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  13. Tarun Jakhmola   March 24, 2011 at 2:48 am

    Bahut khoob 🙂

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  14. piper38   April 2, 2011 at 10:22 am

    a beautiful description of our connection with the 4 seasons,and a superb expression of hope to use them to awaken the best and positive in us…wonderful rendering of our belief that the nature has the cure of all our ills. The imagery you have created, Usha is simply superb, simple and powerful as always

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  15. Kunwar Bhanwar Singh   September 6, 2011 at 4:40 pm

    jitni pyari kavita utni hi pyari photo….

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  16. Kunwar Bhanwar Singh   September 6, 2011 at 4:47 pm

    bahut sunder kavita………..

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  17. Gupta   October 14, 2011 at 8:59 am

    VERY VERY BEAUTIFUL

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  18. Gupta   October 14, 2011 at 9:00 am

    ATI SUNDAR

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  19. Dheeraj Rathore   February 2, 2012 at 10:30 am

    सुन्दर रचना,
    शुभकामनाएं.

    Reply

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