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Sunday, October 2, 2022

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तड़प


आज जाना है की तड़प क्या होती हैं ,
किसी से बिछड़ने की कसक क्या होती हैं

जितना करीब जाना था उसके
वो उतना परे खिंच जाता हैं

जब भी डूबना चाहा मैने उसमे,
वो खुद सूखता जाता हैं

कब समझेगा वो पागलपन मेरा ,
खुद ही जब बावला बना बैठा हैं

ना जाने क्या हरा दिया उसने मुझे कि,
जीत के जश्न में बैठा हैं

कोई मोह वाले ने तो कब का समा लिया होता खुद में.
पर मुझे भी इस निर्मोही का आगोश भा गया हैं |
केशर क्यारी….उषा राठौड़

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12 COMMENTS

  1. Simply Awesome.
    कोई मोह वाले ने तो कब का समा लिया होता खुद में.
    पर मुझे भी इस निर्मोही का आगोश भा गया हैं
    Bahut khoob badi hi khoobsurati se dard bayan kiya aapne kiske haale dil.Kuch lines umeed hai aapko pasand aayengi.
    "मुझसे वो पूछती है वफाओं के मायने
    उसकी ये सादा – दिली मार न डाले मुझको !

    तुम ऐ मत समझना,
    कि तुम्हारे बगैर जी नहीं सकते,
    बस तुम पास न हो,
    तो साँस रुक जाती है….!!!
    तुम ऐ भी मत समझना ,
    कि तुमसे मोहब्बत है मुझे
    बस तुम साथ न हो तो,
    कुछ अच्छा नहीं लगता…!!!
    तुम ऐ मत समझना,
    कि तुमसे कोई रिश्ता है मेरा
    बस तुमको दुःख हो तो,
    आँखे नम हो जाती हैं….!!!
    तुम ऐ भी मत समझना ,
    कि तुम मेरी जान हो
    बस तुम दिल की धड़कन हो,
    और कुछ भी नहीं…!
    तुम कभी ये भी मत समझना
    कि कभी मै भूल गया तुम्हे,
    बस सांसे रुक गई होंगी मेरी,
    और कुछ भी नहीं…!

  2. कोई मोह वाले ने तो कब का समा लिया होता खुद में.
    पर मुझे भी इस निर्मोही का आगोश भा गया हैं |

    …. यही तो प्यार की तासीर है… बढ़िया अभिव्यक्ति

  3. ना जाने क्या हरा दिया है उसने जो जीत के जश्न में बैठा है …
    सुन्दर !

    नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

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