33 C
Rajasthan
Monday, May 23, 2022

Buy now

spot_img

ताऊ ने बनाया कुल्हाड़ी का हलवा

ताऊ के पड़ोस के एक गांव में एक बहुत ही कंजूस बुढ़िया रहती थी | एक दिन ताऊ उसी गांव में अपने दोस्त जीवन खाती से मिलने गया | गांव के बहार बरगद के पेड़ के निचे उस गांव के कई लोगो की हथाई (आपसी बातचीत के लिए जुटी भीड़ )जुटी हुई थी और गांव के लोग उस आपसी बातचीत में उस कंजूस बुढ़िया की चर्चा कर रहे थे जीवन खाती भी वहां मौजूद था | जैसे ही ताऊ उन लोगो के पास पहुंचा, जीवन खाती ने ताऊ से राम-राम कर गांव वालों को ताऊ का परिचय कराया और कहा कि मेरा ये दोस्त ताऊ इतना तेज है कि कंजूस बुढ़िया जो किसी को खाना खिलाना तो दूर पानी तक नहीं पिलाती, से हलवा बनवा कर खा कर भी आ सकता है | ताऊ के इस तरह के कौशल की चर्चा सुन गांव वालों ने ताऊ से इस तरह का कौशल दिखाने का आग्रह किया |
अब ताऊ तो ठहरा आखिर ताऊ ! सो करली चुनौती स्वीकार कि ठीक है जो कंजूस बुढ़िया किसी को पानी तक नहीं पिलाती आज मै उसके घर देशी घी का हलवा बना कर खा कर आऊंगा | और ताऊ पहुँच गया बुढ़िया के घर |
ताऊ – राम-राम बुढ़िया दादी ! मै पडोसी गांव का ताऊ, दूर से पैदल चल कर आ रहा हूँ थकान के साथ भूख भी लगी है कुछ रुखी-सूखी रोटी रखी है रसोई में तो दे दे खाने को |
बुढ़िया — अरे बेटा ! मै ठहरी एक बीमार बुढ़िया ! मेरे घर में खाना तो क्या ? पानी तक नहीं है और मैंने खुद पिछले एक हफ्ते से भूखी बैठी हूँ ( बुढ़िया ने बहाना बनाया ) |
ताऊ — अरे बुढ़िया ! एक हफ्ते से भूखी बैठी है ? सत्यानाश हो इन गांव वालों का जो एक बीमार बुढ़िया तक को नहीं पूछ सकते | खैर .. अब मै आ गया हूँ तू चिंता मत कर | तू कई दिनों से भूखी है और तेरे मुंह में तो दांत भी नहीं है इसलिय मै तुझे अभी हलवा बना कर खिलाता हूँ |
बुढ़िया — लेकिन बेटा रसोई में कुछ भी खाद्य सामग्री नहीं है , हलवा बनाएगा कैसे ? (बुढ़िया ने फिर ताऊ को टरकाने की कोशिश की )
ताऊ – अरी बुढ़िया ! तू आटे,घी,चीनी की क्यों चिंता करती है वो तो मुझे चाहिय चाहिय ही नहीं ! मुझे तो तू लकडी फाड़ने वाली कुल्हाड़ी दे दे आज मै तुझे कुल्हाड़ी का हलवा बना कर खिलाऊंगा और हाँ तेरी कुल्हाड़ी का भी कुछ नहीं बिगडेगा वैसी की वैसी ही रहेगी |
ताऊ की बात सुन बुढ़िया की भी फ्री का हलवा खाने को लार टपक गयी उसने सोचा बिना आटा,घी और चीनी के हलवा बन रहा है तो खाने में हर्ज ही क्या है | और बुढ़िया ने ताऊ को कुल्हाड़ी लाकर दे दी | ताऊ ने कुल्हाड़ी को साफ कर,चूल्हे पर कडाही चढा ,कुछ देर तक खाली गर्म कड़ाही में कुल्हाड़ी घुमाता रहा | थोड़ी देर में ……..
ताऊ — बुढ़िया ! हलवा तो अच्छा बन रहा है लेकिन कुल्हाड़ी की वजह से थोड़ा कड़क बन रहा है ,तुझे खाने में थोड़ी तकलीफ न हो इसके लिए हो सके तो थोड़ा आटा ले आ यदि है ठीक वरना मै तो ऐसे ही बना लूँगा |
(बुढ़िया ने सोचा थोड़ा सा आटा देने के बदले में ही हलवा खाने को मिल रहा है तो क्या हर्ज सो ले आई आटे का डिब्बा और दे दिया ताऊ को | ताऊ ने जरुरत का आटा निकाल कर फिर कुल्हाड़ी कड़ाही में घुमाता नाटक करता रहा | और थोड़ी देर फिर बोला ..)
ताऊ — बुढ़िया ! और तो सब ठीक है हलवा बन भी बहुत बढ़िया रहा है बस थोड़े से घी की कमी पड़ रही है हालाँकि मुझे तो ज्यादा घी खाने की आदत भी नहीं है और ज्यादा घी खाना डाकदर ने भी मना कर रखा है लेकिन कम घी के हलवा तेरे गले से निचे नहीं उतरेगा अतः यदि घर में थोड़ा सा घी हो तो ला दे वरना कोई बात नहीं में तो बिना घी के हलवा बना ही रहा हूँ |
(अब बुढ़िया ने सोचा कि ये ताऊ तो बिना घी का हलवा बना कर ही खाकर चला जायेगा और बिना घी के मेरे गले में अटकने का पूरा डर है सो बुढ़िया उठी और ही का डिब्बा भी लाकर ताऊ को दे दिया | अब ताऊ को आटा और घी मिल चूका था सिर्फ चीनी की ही कमी रह गयी थी | ताऊ ने आटा घी में भूनने के बाद कुल्हाड़ी कड़ाही में घुमाते-घुमाते हलवा चखने का नाटक करते हुए फिर बुढ़िया से कहा )
ताऊ – बुढ़िया ! हलवा तो बहुत अच्छा बना है | बस थोड़ा सा मिठास कम है हालाँकि मुझे तो फीका हलवा खाना ही पसंद है क्योकि डाकदर साहब ने भी ज्यादा मीठा खाना मना किया हुआ है लेकिन यदि तुझे थोड़ा मिठास चाहिय तो यदि है तो थोडीसी चीनी ले आ वरना कोई बात नहीं |
अब बेचारी बुढ़िया क्या करती फीका हलवा तो खा नहीं सकती उसका आटा घी तो लग ही चूका था सो उठी और चीनी का डिब्बा लाकर भी ताऊ को दे दिया | अब ताऊ ने आराम से बढ़िया हलवा बनाया ,खुद भी खाया ओर कंजूस बुढ़िया को भी खिलाया |
जाते-जाते ताऊ ने कुल्हाड़ी को फिर साफकर बुढ़िया को वापस पकडाते हुए बोला ..
ताऊ — ये ले बुढ़िया अपनी कुल्हाड़ी ! देख इसका कुछ भी नहीं घिसा ओर बन गया हलवा बिना कुछ खाद्य सामग्री लगे |

Related Articles

14 COMMENTS

  1. ताऊ बहुत ही कमाल का है, दूर दूर तक प्रसिद्ध हो गया है, कहानी मजेदार रही।

  2. बहुत बढिया रहा जी. आपने ये किस्सा भी लोगों को सार्वजनिक कर दिया? लगता है कुछ दिनों मे ताऊ को कोई पास मे भी नही बैठने देगा. कुछ तो ताऊ की इज्जत ढकी छुपी रहने दिजिये.:)

    रामराम.

  3. फ़िर भी ताऊ भला मानस निकला, हमारा ताऊ होता तो सारा हलवा खूद खा जाता, ओर कुलहाडी भी बेच देता, भाई ताउ के कारनामे ताऊ ही जाने.
    बहुत सुंदर पोल खोली.
    धन्यवाद

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Stay Connected

0FansLike
3,323FollowersFollow
19,600SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles