ताऊ का कप टेढा

ताऊ का कप टेढा

दुनिया भर के उल्टे सीधे काम करने बाद भी ताऊ किसी काम में पुरी तरह कामयाब नही हो पाया, लूटपाट,डकैती,जालसाजी करने के बावजूद भी ताऊ रहा कड़का का कड़का | और अपने जी को कई लफडे भी पाल लिए उल्टे सीधे कारनामों की वजह से पुलिस का डर भी ताऊ को सता रहा था | इन सब से बचने को ताऊ ने अपने कुछ खास दोस्तों से सलाह मशविरा किया, दोस्तों की राय थी कि ताऊ को पुलिस आदि से बचना है तो राजनीती में उतर जाना चाहिए क्योंकि ताऊ के पास वो सारी योग्यताएं है जो एक नेता के पास होनी चाहिए| और इसी अनुभव और योग्यता व भोला-भाला चेहरा देख अजगर पार्टी की आलाकमान मैडम ने ताऊ को अपनी पार्टी में भरती कर लिया |



पार्टी में भरती होने के बाद ताऊ ने गांवों में सभाएं कर ऐलान कर दिया कि चुनाव जीतने के बाद जो सरकारी अधिकारी गांव वालों को परेशान करते है उन्हें अपने लट्ठ की दो-चार मार कर सीधा कर दूंगा और इसी बदोलत ताऊ के हल्के की जनता ताऊ की समर्थक बन गई बस फ़िर क्या था ताऊ ने आलकमान मैडम की कुछ शानदार रैलियां कर पार्टी में अपना सिक्का जमा लिया और पुरी पार्टी में उसी तरह छा गया जैसे ब्लॉगजगत में ताऊ रामपुरिया छा रहे है| ताऊ की बढती लोकप्रियता का होने वाले आगामी चुनाओं में फायदा उठाने लिए आलाकमान मैडम ने ताऊ को बिना चुनाव लड़े ही किसानो वाला मंत्रालय देकर मंत्री बना दिया | लेकिन मैडम ताऊ को मंत्री मंडल की बैठक, विदेश दौरे व पांचसितारा होटलों में होने वाली पार्टियों से ताऊ को गांव का ग्वार समझ दूर ही रखती थी उसे डर था कि पांचसितारा होटलों में ताऊ को चम्मच व काँटों से खाना तो आता नही सो कही ये बेइजती ना करा दे, और इसी कारण मैडम ने ताऊ को राजधानी में ना रहे गांवो के दौरे पर लगा कर रखा |

लेकिन एक दिन ताऊ जिद पर अड़ गया और मैडम से बोला :- मैडम मुझे भी पांचसितारा होटल की पार्टी में लेकर चलो बाजरे के टिक्कड़ पाड़ते बहुत दिन हो लिए अब मंत्री बनने के बाद भी पांचसितारा खाना नही खाया तो मंत्री बनने का क्या फायदा |

मैडम:- ताऊ तन्ने चम्मच और काँटों से खाना खाना नही आता तू वहां बड़े-बड़े लोगों और प्रेस वालों के सामने मेरी भी इन्सल्ट करवा देगा, इसलिए रहने दे इन पार्टियों में जाना |

ताऊ :- ठीक है मैडम, मुझे ये सब नही आता लेकिन में और लोगों की देखा-देखी सब सीख लूँगा |

मैडम:- तो ठीक है ताऊ तन्ने पहले मै एक टी पार्टी में साथ ले चलूंगी वहां तुने ठीक तरीके से चाय वगैरह पी ली तब अगली पांचसितारा पार्टी में लेकर जावुंगी |

और ताऊ भी मान गया|

मैडम ने ताऊ को समझा दिया की जिस तरह दुसरे बड़े लोग चाय का कप उठाये और वापस रखे उन्हें देखकर तुम्हे भी करना| और मैडम एक पांचसितारा होटल की चाय पार्टी में मंत्री बने ताऊ को साथ ले गई |पार्टी में ताऊ ने दुसरे लोगों ने कैसे चाय का कप उठाया, कैसे पकडा,और कैसे लोग चाय की चुस्कियां ले रहे है देखकर बड़े मजे से चाय पीली | मैडम भी ताऊ का क्रियाकलाप देखकर संतुष्ट थी लेकिन चाय पीने के बाद कुछ लोगों ने चाय का खाली कप प्लेट के अन्दर रख दिया और कुछ ने कप प्लेट के बाहर| अब ताऊ को समझ नही आया कि कुछ लोग कप प्लेट के बाहर व कुछ अन्दर क्यों रख रहे सो ताऊ ने अपना दिमाग लगाया और चाय के खाली कप को प्लेट में गोलाई वाली जगह टेढा करके रख दिया, मैडम यह सब देख ही रही थी| पार्टी ख़त्म होने के बाद मैडम ने ताऊ से पूछा –

मैडम:- ताऊ तुमने कप को प्लेट में टेढा क्यों रखा ? कप प्लेट के अन्दर रखते या फ़िर बाहर रखते|

ताऊ :- मैडम मैंने सोचा कि जिन लोगों ने कप प्लेट में रखा है उन्हें चाय और चाहिए और जिन्होंने कप बाहर रखा है उन्हें चाय दुबारा नही चाहिए| अतः मैंने कप को टेढा रख दिया कि भाई ” डाल दोगे तो पी लेंगे वरना कोई बात नही ” |

टिप्पणी कर दोगे तो ठीक वरना कोई बात नही ! ताऊ के कप की तरह टिप्पणी बॉक्स भी टेढा है |।

15 Responses to "ताऊ का कप टेढा"

  1. ताऊ रामपुरिया   December 26, 2008 at 3:55 pm

    ” डाल दोगे तो पी लेंगे वरना कोई बात नही ”

    वाह भाई शेखावत जी मजा आ गया !

    रामराम !

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  2. Laxman Singh   December 26, 2008 at 4:16 pm

    कुछ भी हो ताऊ है बड़ा भोला !

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  3. रंजन   December 26, 2008 at 4:21 pm

    हाहाहा.. मजा आ गया रतन जी!

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  4. नरेश सिह राठौङ   December 26, 2008 at 5:10 pm

    ताऊ को चाय कि नही महनसर वाली महारानी कि जरूरत है। वैसे आप चाय ज्याद पी रहे है । इस लिये ज्ञान दर्पण पर पोस्ट लगातार आ रही है ।

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  5. प्रकाश बादल   December 26, 2008 at 5:10 pm

    भाई आख़िर ताऊ बड़ा समझदार है।

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  6. मै़डम खुश ! ताऊ ने उपरी मंजिल का इस्तेमाल तो किया।

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  7. विवेक सिंह   December 27, 2008 at 3:41 am

    ताऊ दो नावों पै सवार रहते हैं 🙂

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  8. mehek   December 27, 2008 at 5:45 am

    tau ji ki har bat andaaz nirala

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  9. Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"   December 27, 2008 at 6:52 am

    भाई शेखावत जी, जै ताऊ अगर कप उल्टा रख देता तो ?

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  10. Alag sa   December 27, 2008 at 3:22 pm

    नेता का सही गुण – चित भी मेरी, पट भी मेरी।

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  11. सतीश सक्सेना   May 18, 2013 at 3:50 am

    यह चीज़ ( ताऊ ) मैडम को बर्वाद कर देगी ..केवल मौका देख रहा है !

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  12. ePandit   January 19, 2014 at 1:13 am

    वाह ताऊ दिमाग वाला था।

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  13. Rajput   January 19, 2014 at 4:01 am

    ताऊ हालात के मुताबिक रंग बदल लेते हैं।

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  14. Brahmchari Anantbodh Chaitanya   January 19, 2014 at 7:36 am

    Wah thodi dal hi do sekhawat ji. Ati sundra. Dhanyawad.
    Anantbodh Chaitanya
    http://www.sanatandhara.com

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  15. Brahmchari Anantbodh Chaitanya   January 19, 2014 at 7:38 am

    Wah, Ati Sundra
    Anantbodh Chaitanya
    http://www.sanatandhara.com

    Reply

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