जब नेट्वर्किंग का होगा जमाना

जब नेट्वर्किंग का होगा जमाना
तकनीकि जिस तेजी से उन्नत हो रही है उसे देखते हुए वो दिन दूर नहीं लग रहा जब सभी बैंक, दुकानें,व्यापारिक संस्थान, शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, थाने, कोर्ट, सभी सरकारी दफ्तर यानि सभी कुछ एक नेटवर्क के द्वारा आपस में जुड़े होंगे, हर नागरिक के पास आधार कार्ड के रूप में एक स्मार्ट कार्ड होगा| आधार कार्ड के माध्यम से व्यक्ति की सारी जानकारी एक जगह एकत्र की जा रही है| जिस तरह सरकार विभिन्न विभागों में व सरकारी योजनाओं को आधार कार्ड से जोड़ रही है, उसे देखते हुए वो दिन दूर नहीं होगा जब किसी भी व्यक्ति सम्पूर्ण जानकारी चाहे वह आर्थिक हो, व्यवसायिक हो, स्वास्थ्य सम्बन्धी हो, आपराधिक हो यानि किसी भी जानकारी के लिए कंप्युटर में उस व्यक्ति का आधार कार्ड नंबर डालते ही सारी जानकारी एक क्लिक पर कंप्युटर स्क्रीन पर होगी | तब कोई भी व्यक्ति अपने बारे में कुछ भी छुपाने में असमर्थ होगा |

आज भी देशभर में कई लोग देश के अलग अलग कोनों में कई गैस कनेक्शन लेकर सरकारी सब्सिडी का फायदा ले रहे है पर जब से सरकार ने गैस कनेक्शन को आधार कार्ड से जोड़ा है, ऐसे लोगों की सब्सिडी का फायदा उठाने पर रोक लगने लगी. गांवों में कई आयकर दाता गरीबों के लिए आने वाला राशन का सस्ता अनाज लेकर सरकार को सब्सिडी का चुना लगा रहे थे, लेकिन अब सरकार राशन की दुकानों पर आधार कार्ड अपडेट करने लगी, जिसकी मदद से आयकर देने वाली की सूचना आसानी से मिल जाएगी और उसका सस्ता राशन स्वत; बंद हो जायेगा|

इस तरह हो सकता है धीरे धीरे आधार कार्ड को ही सरकार सब जगह लागू कर दे और उसके माध्यम से व्यक्ति की सभी सूचनाएं एक जगह एकत्र हो जाये, हालाँकि आधार कार्ड का मामला अभी माननीय न्यायालय में विचाराधीन है|

इस उन्नत तकनीक के हो सकता है बहुत फायदे हों लेकिन तब व्यक्ति की निजता खोने का उसे कितना नुकसान उठाना होगा, इसका अंदाजा आप दैनिक भास्कर में वर्ष 2009 में छपे इस लेख में, जिसमे एक ग्राहक व पिज्जा सेंटर कर्मी के बीच हो रही बातचीत पढ़कर लगा सकते है |

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