जखोड़ा का इतिहास हैरिटेज शराब के प्रसारक ठा.करणीसिंह से जुड़ा है

जखोड़ा ग्राम चिड़ावा से 17 किलोमीटर, मंड्रेला से 7 किलोमीटर, झुंझुनू से 30 किलोमीटर और पिलानी से 12 किलोमीटर दूरी पर स्थित है l यह गांव भैरुंसिंह जी को जागीर में मिला था | ठाकुर भैरुंसिंहजी ने यहाँ एक ऊँचे टीले पर किला बनवाया था, पर देखरेख के अभाव व गड़ा धन निकालने के लोभी व्यक्तियों द्वारा जगह जगह खुदाई करने के कारण ढह गया | किले में वर्तमान में लगभग सौ वर्ष पूर्व राजश्री ठाकुर करणीसिंहजी द्वारा निर्मित निर्माण बचा हुआ, जिसमें उनके वंशज ठाकुर दयालसिंहजी निवास करते हैं | राजश्री ठाकुर करणीसिंहजी ने यह भवन अपने भाई राजश्री  ठाकुर सबलसिंहजी के लिए बनवाया था, जो यहाँ महनसर से गोद आये थे | राजश्री  ठाकुर करणीसिंहजी ने हैरिटेज शराब की लगभग 50 विधियाँ ईजाद की थी|

जखोड़ा ग्राम में सबसे प्राचीन ठाकुर जी का मंदिर, भोमिया जी का मंदिर, शिवालय, श्री देवनारायण मंदिर, श्रीमेघा दादा मंदिर, श्री संतोष गिरी महाराज का मंदिर, श्री बालाजी महाराज का मंदिर स्थित है | जो यहाँ के निवासियों की धर्मपरायण व आस्था के परिचायक है | ग्राम में शिक्षा व्यवस्था के लिए सीनियर सैकेंडरी विद्यालय में कला संकाय, विज्ञान संकाय (जीव विज्ञान व गणित ) व कॉमर्स संकाय संचालित है | वर्तमान में इस विद्यालय में छात्र संख्या 350  है व 28 कर्मचारी अधिकारी  कार्यरत है l  विद्यालय के सामने खेल स्टेडियम बना हुआ है |

ग्राम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है तथा 10 अधिकारी कर्मचारी इस स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत है l  अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का 33 केवी का पावर हाउस है, जिससे ग्रामीणों की जरुरत की बिजली की आपूर्ति की जाती है | पवार हाउस में 5 कर्मचारी कार्यरत है l  ग्राम में दो कर्मचारियों वाला सहकारी मिनी बैंक है l  किसानों को कृषि की जानकारी व कृषि योजनाओं का लाभ देने हेतु कृषि केंद्र कार्यालय भी जहाँ तैनात एक कर्मचारी किसानों को जरुरी जानकारियां उपलब्ध कराता है l  भारतीय दूरसंचार विभाग का भी कार्यालय गांव में है जिसमें 1 कर्मचारी कार्यरत है l

गांव में जाट, गुर्जर, जांगिड़, ब्राह्मण, राजपूत, मेघवाल,   नाई, कुमावत पुरोहित, गुवारिया,  कानबेलिया,  आदि जातियों के  विभिन्न गोत्र के लोग रहते हैं l गांव में वैश्य समुदाय के काफी लोग थे जो वर्तमान में पिलानी सहित अन्य नगरों में पलायन कर गये | गांव के वर्तमान में केंद्र सरकार व राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में 65 राजकीय  अधिकारी व कर्मचारी कार्यरत है  व 20  सेवानिवृत्त कर्मचारी है | ग्राम पंचायत मुख्यालय बजावा से 5 किमी दूरी है, 2011 की जनगणना आबादी के अनुसार इस गांव की जनसँख्या लगभग 1460 थी |

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