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गरीब की रात

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सड़क किनारे झोपड़ी गरीब की …
गहन अँधेरा रात का …….
पर उसे तो है रात भर जागना…..
आज रात को जागना है उसे ….
दाई से खबर सुनने को …..
आधी रात यूं बोली दाई ……
गरीब तेरे घर लक्ष्मी आई ,
आधी रात बाद जगा बेटी की ख़ुशी में …
आज दिन भर उसे काम नहीं मिला ……
फिर रात भर जागा सवेरे चूल्हा कैसे जलेगा ………
आज उसकी बेटी सयानी हो गई …..
फिर रात भर जागा ……
ब्याह के लिए कर्ज कहां से लाऊं
क्या है मेरे पास जिसे बेच दूं …..
आज बेटी विदा हो गई ………
फिर रात भर जागना ….…
सवेरे कहां जायेगा ……….
बीमार बीवी को लेकर ……….
क्योंकि ठोर ठिकाना तो साहूकार ने ले लिया …………..

19 COMMENTS

  1. बढ़िया लिखा है ……. गरीबी के दर्द को महसूस कराया ……….
    भगवान् किसी को इतना गरीब न बनाए !…..
    सुन्दर रचना के लिए धन्यवाद …….!!!

  2. हमारे देश में अनगिनत ऐसे लोग है !
    जब भी हमें इस तरह का कोई परिवार मिले तो
    जितना हो सके इन की मदद करे
    इससे प्रेम और खुशहाली दोनों बढ़ेगी !
    अच्छे लेख के लिए धन्यवाद !

  3. Dua hai Ki Kamyabi ke har sikhar pe aap ka naam hoga,
    aapke har kadam par duniya ka salam hoga,
    Himat se mushkilon ka samana karna hamari dua hai ki waqt
    bhi ek din aapka gulam hoga.
    Happy Birthday.

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