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Tuesday, May 24, 2022

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काश कोई …….

उलझे केशों सी जिंदगी मेरी ,
कोई अपनी उंगलियों से कंघी कर दे,
फिर देखो लहराऊं मैं कैसे …….
सुखी झाड़ी की जड़ों सी मैं
कोई इनमे कुछ अपने आंसू रो ले ,
फिर देखो खिल आऊं मैं कैसे …….
रीती गागर सी पड़ी मैं ,
कोई मेघ एक बरस जाये
फिर देखो छलक आऊं मैं कैसे ………..
बैठी जिन्दगी के किनारे मैं सिमटी सी ,
कोई अपनी उतरन दे दे फिर देखो निखर आऊं मैं कैसे ……..
बंधी खुशियों की गठरी सी बस कोई एक गांठ खोल दे ,
फिर देखो बिखर आऊं मैं कैसे …………..

केसर क्यारी …उषा राठौड़

असिस्टेंट कमान्डेंट राज्यश्री राठौड़ :राजस्थान की पहली महिला पायलट
ब्लोगिंग के दुश्मन चार इनसे बचना मुश्किल यार
ताऊ टीवी का "पति पीटो रियलिटी शो"

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23 COMMENTS

  1. सुखी झाड़ी की जड़ों सी मैं
    कोई इनमे कुछ अपने आंसू रो ले ,
    फिर देखो खिल आऊं मैं कैसे …….
    रीती गागर सी पड़ी मैं ,
    कोई मेघ एक बरस जाये
    फिर देखो छलक आऊं मैं कैसे …….

    Bahut sunder. such hee pyar pakar insan kya nahee kar sakta.

  2. उलझे केशों सी जिंदगी मेरी ,
    कोई अपनी उंगलियों से कंघी कर दे,
    फिर देखो लहराऊं मैं कैसे

    सहयोग व साथ की इसीलिए जरुरत होती है

  3. सुखी झाड़ी की जड़ों सी मैं
    कोई इनमे कुछ अपने आंसू रो ले ,
    फिर देखो खिल आऊं मैं कैसे …….

    boht hi sunadar lines likhi he…. 🙂

  4. लफ्ज़ आप दो,गीत हम बनायेंगे,
    मंजिल आप पाओ,रास्ता हम बनायेंगे,
    खुश आप रहो,खुशियाँ हम दिलाएंगे,
    आप बस दोस्त बने रहो,दोस्ती हम निभाएंगे.
    कुछ कहीं अनकहीं बातें,वाह बहुत खूब लिखा है.

  5. नो वर्ड्स बहुत खूब लिखा है आपने,पता है की आपकी लिखने में एक जादू है,एक सादगी,एक सुन्दरता,सरल सब्द और एक सचे और अच्छे दिल वाले इन्सान की छलक नज़र आती है.आपके लेख,कविता और विचारों की तरह आपका व्यक्तित्व भी बड़ा अच्छा नज़र आता है.बहुत गर्व से कहता हूँ की हम आपके दोस्त हैं.

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