काश कोई …….

काश कोई …….

उलझे केशों सी जिंदगी मेरी ,
कोई अपनी उंगलियों से कंघी कर दे,
फिर देखो लहराऊं मैं कैसे …….
सुखी झाड़ी की जड़ों सी मैं
कोई इनमे कुछ अपने आंसू रो ले ,
फिर देखो खिल आऊं मैं कैसे …….
रीती गागर सी पड़ी मैं ,
कोई मेघ एक बरस जाये
फिर देखो छलक आऊं मैं कैसे ………..
बैठी जिन्दगी के किनारे मैं सिमटी सी ,
कोई अपनी उतरन दे दे फिर देखो निखर आऊं मैं कैसे ……..
बंधी खुशियों की गठरी सी बस कोई एक गांठ खोल दे ,
फिर देखो बिखर आऊं मैं कैसे …………..

केसर क्यारी …उषा राठौड़

असिस्टेंट कमान्डेंट राज्यश्री राठौड़ :राजस्थान की पहली महिला पायलट
ब्लोगिंग के दुश्मन चार इनसे बचना मुश्किल यार
ताऊ टीवी का "पति पीटो रियलिटी शो"

23 Responses to "काश कोई ……."

  1. Mrs. Asha Joglekar   August 5, 2010 at 3:55 am

    सुखी झाड़ी की जड़ों सी मैं
    कोई इनमे कुछ अपने आंसू रो ले ,
    फिर देखो खिल आऊं मैं कैसे …….
    रीती गागर सी पड़ी मैं ,
    कोई मेघ एक बरस जाये
    फिर देखो छलक आऊं मैं कैसे …….

    Bahut sunder. such hee pyar pakar insan kya nahee kar sakta.

    Reply
  2. Ratan Singh Shekhawat   August 5, 2010 at 4:14 am

    बहुत सुन्दर रचना

    Reply
  3. Uncle   August 5, 2010 at 4:17 am

    Nice

    Reply
  4. Uncle   August 5, 2010 at 4:17 am

    ati sunder rachna

    Reply
  5. क्षत्रिय   August 5, 2010 at 4:22 am

    उलझे केशों सी जिंदगी मेरी ,
    कोई अपनी उंगलियों से कंघी कर दे,
    फिर देखो लहराऊं मैं कैसे

    सहयोग व साथ की इसीलिए जरुरत होती है

    Reply
  6. dhiru singh {धीरू सिंह}   August 5, 2010 at 4:24 am

    सुन्दर रचना

    Reply
  7. ललित शर्मा   August 5, 2010 at 4:36 am

    सुन्दर भावाभिव्यक्ति

    आभार

    Reply
  8. Rajul shekhawat   August 5, 2010 at 7:28 am

    सुखी झाड़ी की जड़ों सी मैं
    कोई इनमे कुछ अपने आंसू रो ले ,
    फिर देखो खिल आऊं मैं कैसे …….

    boht hi sunadar lines likhi he…. 🙂

    Reply
  9. राज भाटिय़ा   August 5, 2010 at 7:35 am

    अति सुंदर रचना, धन्यवाद

    Reply
  10. Tany   August 5, 2010 at 10:10 am

    लफ्ज़ आप दो,गीत हम बनायेंगे,
    मंजिल आप पाओ,रास्ता हम बनायेंगे,
    खुश आप रहो,खुशियाँ हम दिलाएंगे,
    आप बस दोस्त बने रहो,दोस्ती हम निभाएंगे.
    कुछ कहीं अनकहीं बातें,वाह बहुत खूब लिखा है.

    Reply
  11. Tany   August 5, 2010 at 10:27 am

    नो वर्ड्स बहुत खूब लिखा है आपने,पता है की आपकी लिखने में एक जादू है,एक सादगी,एक सुन्दरता,सरल सब्द और एक सचे और अच्छे दिल वाले इन्सान की छलक नज़र आती है.आपके लेख,कविता और विचारों की तरह आपका व्यक्तित्व भी बड़ा अच्छा नज़र आता है.बहुत गर्व से कहता हूँ की हम आपके दोस्त हैं.

    Reply
  12. कुन्नू सिंह   August 5, 2010 at 10:35 am

    बहुत बढीया लेख है, पढ कर बहुत अच्छा लगा।

    share करने के लिये धन्यवाद!

    🙂

    Reply
  13. वन्दना   August 5, 2010 at 12:27 pm

    ्बहुत ही भावभीनी रचना।

    Reply
  14. Udan Tashtari   August 5, 2010 at 12:43 pm

    सुन्दर रचना.

    Reply
  15. Mahavir   August 5, 2010 at 1:08 pm

    bahut acha likha Usha ji thnx

    Reply
  16. प्रवीण पाण्डेय   August 5, 2010 at 3:41 pm

    प्रेम की सरल व सुलझी अभ्यर्थना।

    Reply
  17. ताऊ रामपुरिया   August 5, 2010 at 4:01 pm

    निहायत ही उम्दा रचना.

    रामराम

    Reply
  18. महफूज़ अली   August 6, 2010 at 3:12 am

    सुन्दर भावाभिव्यक्ति………

    निहायत ही उम्दा रचना……..

    रामराम………

    Reply
  19. Pagdandi   August 6, 2010 at 4:13 am

    aap sab ka bhut bhut aabhar…

    Reply
  20. नरेश सिह राठौड़   August 6, 2010 at 8:46 am

    बहुत सुंदर रचना है | चुनावो की वजह से आजकल ब्लॉग जगत में समय नहीं दे पा रहा हूँ | टिप्पणी में देरी के लिए क्षमा |

    Reply
  21. संजय भास्कर   August 19, 2010 at 1:39 am

    अति सुंदर रचना, धन्यवाद

    Reply
  22. संजय भास्कर   August 19, 2010 at 1:39 am

    निहायत ही उम्दा रचना.

    Reply

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